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Ravi Bishnoi Bowling: युवा स्पिनर रवि बिश्नोई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अगर आप अपनी गलतियों से सीखते हैं, तो सफलता जरूर मिलती है. न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में अपनी शानदार गेंदबाजी से सबको चौंकाने वाले बिश्नोई ने अपनी सफलता का राज खोला है. उनका मानना है कि पिछले एक साल की कड़ी मेहनत, खुद की कमियों को परखना और अपनी गेंदबाजी की लेंथ पर कंट्रोल करने की वजह से ही वह टीम इंडिया में वापसी कर पाए हैं.
खराब IPL सीजन के बाद बदली अपनी रणनीति
रवि बिश्नोई के लिए पिछला आईपीएल सीजन कुछ खास नहीं रहा था. लखनऊ सुपर जायंट्स की तरफ से खेलते हुए वह अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रहे थे, जिसके बाद फ्रेंचाइजी ने उन्हें रिलीज भी कर दिया था. हालांकि, इस बार की नीलामी में राजस्थान रॉयल्स ने उन पर भरोसा जताया और 7.20 करोड़ रुपये की भारी भरकम रकम देकर अपनी टीम में शामिल किया.
बिश्नोई ने मैच के बाद बताया कि पिछले आईपीएल में उनका प्रदर्शन इसलिए अच्छा नहीं था क्योंकि उनका अपनी लाइन और लेंथ पर कंट्रोल नहीं था. इस गलती को सुधारने के लिए उन्होंने पूरे एक साल मेहनत की. बिश्नोई ने कहा, मैंने स्टंप्स से 5-6 मीटर की दूरी वाली लेंथ पर गेंद डालने की बहुत प्रैक्टिस की है. यह एक ऐसी लेंथ है जहां से बल्लेबाज के लिए शॉट लगाना सबसे ज्यादा मुश्किल होता है.
वाशिंगटन सुंदर की चोट से खुली किस्मत
खेल की दुनिया में कब किसको मौका मिल जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता. रवि बिश्नोई शुरुआत में न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए टीम का हिस्सा नहीं थे. लेकिन स्पिन ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर को चोट लगने के बाद उन्हें टीम में शामिल किया गया. 25 साल के इस लेग स्पिनर ने फरवरी 2023 में इंग्लैंड के खिलाफ अपना आखिरी मैच खेला था.
लंबे समय बाद मिले इस मौके को बिश्नोई ने हाथ से नहीं जाने दिया. तीसरे टी20 मैच में उन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 18 रन दिए और 2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए. उन्होंने माना कि भारतीय टीम में जगह बनाना और उसमें बने रहना बहुत मुश्किल है, क्योंकि टीम में बहुत ज्यादा कंपटीशन है. घरेलू क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन ने उन्हें यह कॉन्फिडेंस दिया.
बुमराह और हार्दिक के साथ ने किया काम आसान
बिश्नोई ने अपनी सफलता का श्रेय टीम के सीनियर गेंदबाजों को भी दिया. उनका कहना है कि टी20 क्रिकेट गेंदबाजों के लिए हमेशा चुनौती भरा होता है. लेकिन जब जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या जैसे गेंदबाज दूसरे छोर से दबाव बनाते हैं, तो काम आसान हो जाता है.
बिश्नोई ने कहा, जस्सी भाई (बुमराह) और हार्दिक भाई ने बहुत अच्छी शुरुआत दी. हर्षित राणा ने भी शुरू में विकेट लिया. जब हम पावरप्ले में ही 2-3 विकेट निकाल लेते हैं, तो बाद में गेंदबाजी करना आसान हो जाता है क्योंकि विरोधी टीम पहले से ही दबाव में होती है. उन्होंने साफ किया कि उनकी नजर स्पीड पर नहीं, बल्कि सही जगह गेंद गिराने पर थी.
नर्वस थे, लेकिन खुद पर था भरोसा
मैच से पहले अपनी मानसिक स्थिति के बारे में बात करते हुए बिश्नोई ने स्वीकार किया कि वह थोड़े नर्वस थे. इतने समय बाद टीम में वापसी करना और सीधे परफॉर्म करने का दबाव किसी भी खिलाड़ी पर हो सकता है.
उन्होंने कहा, मुझे आज मौका मिला तो मैं थोड़ा घबराया हुआ था, लेकिन साथ ही बहुत उत्साहित भी था. जब भी आपको मौका मिलता है, आपको अच्छा करना ही होता है. उन्होंने यह भी साफ किया कि वह 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकने की कोशिश नहीं कर रहे थे, बल्कि उस दिन जैसा महसूस हो रहा था, वैसी ही गेंदबाजी कर रहे थे. उनकी यही सादगी और मेहनत अब रंग ला रही है.
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