युवराज और धोनी विवाद पर संदीप पाटिल ने तोड़ी चुप्पी, जानें क्या है सच्चाई?

Yuvraj Singh MS Dhoni Controversy: संदीप पाटिल ने युवराज सिंह और एमएस धोनी पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने साफ किया कि धोनी ने कभी युवराज को टीम से निकालने के लिए नहीं कहा. युवराज के पिता योगराज इतने सालो से धोनी पर जो आरोप लगा रहे हैं वह पूरी तरह गलत हैं.

Yuvraj Singh MS Dhoni Controversy: सालों से यह दावा किया जाता रहा है कि 2013 चैंपियंस ट्रॉफी और 2015 वर्ल्ड कप टीम से युवराज सिंह को बाहर करने के पीछे महेंद्र सिंह धोनी का हाथ था. लेकिन अब भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल ने असली सच दुनिया के सामने रखा है. 

कई सालों से युवराज के पिता योगराज सिंह धोनी पर आरोप लगाते रहे हैं और उन्होंने धोनी के बारे में कई भद्दे कमेंट भी किए हैं. लेकिन पाटिल ने साफ किया है कि धोनी ने कभी चयन समिति से युवराज को हटाने के लिए नहीं कहा. पाटिल के इस बयान से साफ हो गया है कि योगराज इतने सालों से गलत इंसान को दोष दे रहे हैं.

धोनी पर लगे सारे आरोप गलत

युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह हमेशा से अपने बेटे को टीम से बाहर करने का दोष धोनी को देते आए हैं. उन्होंने कई बार मीडिया में धोनी को लेकर गुस्से वाले बयान दिए हैं. उनका मानना था कि धोनी की वजह से ही युवराज का करियर खराब हुआ. लेकिन अब पूर्व चीफ सिलेक्टर संदीप पाटिल ने इन सभी बातों को गलत साबित कर दिया है. पाटिल ने बताया है कि योगराज इतने लंबे समय से धोनी को बिना किसी वजह के जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. धोनी का युवराज को टीम से बाहर करने के फैसले में कोई हाथ नहीं था.

संदीप पाटिल का ऑन रिकॉर्ड बयान

संदीप पाटिल ने विक्की लालवानी के यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए यह बड़ा खुलासा किया. उन्होंने रिकॉर्ड पर साफ शब्दों में कहा कि किसी भी सिलेक्शन मीटिंग, किसी भी टूर या किसी भी मैच के दौरान धोनी ने एक बार भी नहीं कहा कि युवराज सिंह को ड्रॉप करो. पाटिल के अनुसार, धोनी सिलेक्शन कमिटी पर पूरा भरोसा करते थे और टीम चुनने में उनका कोई दखल नहीं होता था. पाटिल ने यह भी कहा कि एक पिता का अपने बेटे के लिए परेशान होना गलत बात नहीं है, लेकिन वह अपना सारा गुस्सा गलत जगह निकाल रहे हैं.

2013 और 2015 में टीम से बाहर रहे युवराज

2011 वर्ल्ड कप जीतने के कुछ ही महीनों बाद युवराज सिंह को कैंसर हो गया था. इसके बाद उन्हें क्रिकेट से एक लंबा ब्रेक लेना पड़ा. उन्होंने 2012 के टी20 वर्ल्ड कप में क्रिकेट में वापसी की. लेकिन जनवरी 2013 में इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज के बाद उन्हें वनडे टीम से हटा दिया गया. इसी कारण वह 2013 चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा नहीं बन पाए. इसके बाद दिसंबर 2013 से जनवरी 2017 के बीच उन्होंने एक भी वनडे मैच नहीं खेला. यही वजह थी कि वह 2015 वर्ल्ड कप के लिए भी ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड नहीं जा सके.

टी20 वर्ल्ड कप में खेले और संन्यास लिया

वनडे से बाहर रहने के बावजूद युवराज ने 2014 और 2016 का टी20 वर्ल्ड कप खेला. इसके बाद 2017 चैंपियंस ट्रॉफी के लिए उन्हें फिर से भारतीय टीम में चुना गया. लेकिन जून 2017 में वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के बाद उन्हें एक बार फिर भारतीय टीम से ड्रॉप कर दिया गया. यह वेस्टइंडीज दौरा ही उनका आखिरी इंटरनेशनल मैच साबित हुआ. जब 2019 वर्ल्ड कप की टीम में भी उन्हें नहीं चुना गया, तो उन्होंने समझ लिया कि अब वापसी मुश्किल है. अंत में जून 2019 में वर्ल्ड कप के बीच में ही युवराज ने इंटरनेशनल क्रिकेट से पूरी तरह संन्यास ले लिया.

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By Aditya Kumar Varshney

आदित्य वार्ष्णेय एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जो वर्तमान में कंटेंट राइटर के रूप में प्रभात खबर के साथ जुड़े हुए हैं. वह पिछले 5 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और स्पोर्ट्स बीट में गहरी पकड़ रखते हैं. आप क्रिकेट, फुटबॉल हॉकी, टेनिस और चेस जैसे खेलों पर लिखना पसंद करते हैं. आप मैच रिपोर्ट, विश्लेषणात्मक लेख, फीचर स्टोरी और एक्सप्लेनर आधारित कंटेंट तैयार करते हैं. आपने प्रभात खबर से पहले भारत समाचार में असिस्टेंट प्रोड्यूसर (आउटपुट विभाग) के रूप में काम किया है, वहीं स्टार स्पोर्ट्स में असिस्टेंट प्रोड्यूसर (क्रिकेट, हिंदी फीड) के तौर पर भी काम कर चुके हैं. आपके पास ब्रॉडकास्ट और डिजिटल दोनों प्लेटफॉर्म का मजबूत अनुभव है.

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