धोनी या गिलक्रिस्ट नहीं, मोहम्मद अजहरुद्दीन ने इस क्रिकेटर को बताया दुनिया का नंबर-1 विकेटकीपर

Mohammad Azharuddin on Syed Kiramani : क्रिकेट में विकेटकीपर सिर्फ गेंद पकड़ने तक सीमित नहीं, अपनी समझ से मैच का रुख बदल देता है. महेंद्र सिंह धोनी और एडम गिलक्रिस्ट जैसे दिग्गजों की तरह, 1983 विश्व कप विजेता सैयद किरमानी भी ऐसे ही महान खिलाड़ी रहे. पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने उन्हें दुनिया का नंबर-1 विकेटकीपर बताते हुए उनके बेहतरीन ग्लव वर्क और अहम योगदान की सराहना की.

Mohammad Azharuddin on Syed Kiramani : क्रिकेट में विकेटकीपर सिर्फ गेंद नहीं पकड़ता, अपनी सूझ-बूझ से वह मैच का पूरा रुख बदल सकता है. विश्व क्रिकेट में महेंद्र सिंह धोनी और एडम गिलक्रिस्ट जैसे दिग्गजों का अपना अलग ही स्थान रहा है. उन्होंने न सिर्फ गेंद के पीछे से कमाल दिखाया बल्कि टीम की जीत में अहम योगदान भी दिया. भारत के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने ऐसे ही एक दिग्गज, 1983 विश्व कप विजेता सैयद किरमानी की तारीफ करते हुए उन्हें दुनिया का नंबर-1 विकेटकीपर बताया. अजहर ने उनके बेहतरीन ग्लव वर्क, खासकर स्पिनरों के खिलाफ विकेटकीपिंग की क्षमता और 1983 विश्व कप में अहम भूमिका को याद किया. 

1984 से 2000 तक भारत के लिए 99 टेस्ट और 334 वनडे खेलने वाले अजहरुद्दीन तेलंगाना में किरमानी की आत्मकथा “स्टंप्ड” के लॉन्च के मौके पर कहा, “किरमानी दुनिया के नंबर-1 विकेटकीपर हैं. ऐसा विकेटकीपर कभी पैदा नहीं हुआ. चार स्पिनर्स के साथ विकेटकीपिंग करना आसान नहीं था. उन्होंने 1983 विश्व कप में कई बेहतरीन कैच पकड़े.” 

उन्होंने आगे कहा, “जिस मैच में कपिल देव ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 175 रन बनाए थे, उसी में किरमानी ने भी 24 अहम रन बनाए थे. आज इस कार्यक्रम में आकर मुझे खुशी हो रही है. ऊपर वाला उन्हें लंबी उम्र दे. लोग इस किताब को पढ़ें और आनंद लें, मैं आशा करता हूं कि यह सफल हो.” अजहरुद्दीन ने कहा कि जो नए खिलाड़ी भारत के लिए विकेटकीपिंग करना चाहते हैं, वे किरमानी से बहुत कुछ सीख सकते हैं.

सैयद किरमानी का करियर

किरमानी ने 1976 से 1986 के बीच भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 88 टेस्ट और 49 वनडे खेले. टेस्ट में उन्होंने 124 पारियों में 2,759 रन बनाए, औसत 27.04, जिसमें दो शतक और 12 अर्धशतक शामिल हैं. उन्होंने 160 कैच और 38 शानदार स्टंपिंग भी कीं. वनडे में उन्होंने 31 पारियों में 373 रन बनाए, औसत 20.72, सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 48 रहा. वनडे में उन्होंने 27 कैच और नौ स्टंपिंग कीं.

1983 विश्व कप में उन्होंने 12 कैच और 2 स्टंपिंग के साथ 14 खिलाड़ियों को पवेलियन भेजा. वे टूर्नामेंट में वेस्टइंडीज के जेफ डुजोन (16 डिसमिसल्स- 15 कैच, 1 स्टंपिंग) के बाद दूसरे सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर रहे. उनकी सधी हुई ग्लव वर्क की काफी सराहना हुई. 234 डिसमिसल्स के साथ वे भारत की ऑल-टाइम लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं. उनसे आगे ऋषभ पंत (244 डिसमिसल्स), नयन मोंगिया (261 डिसमिसल्स) और दिग्गज कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (829 डिसमिसल्स) हैं.

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By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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