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Net Run rate in Cricket: क्रिकेट के खेल में हार और जीत के अलावा एक ऐसा नियम भी है जो टीमों के लिए बेहद जरूरी होता है. जब किसी क्रिकेट टूर्नामेंट में दो या उससे ज्यादा टीमों के अंक (Points) बराबर हो जाते हैं, तो दोनों में से कौन आगे जाएगा, इसका फैसला इसी नेट रन रेट (Net Run Rate) से होता है. यह नियम 1992 के वर्ल्ड कप से शुरू हुआ था और आज टी20 और वनडे क्रिकेट में इसका रोल सबसे अहम है. नेट रन रेट किसी भी टूर्नामेंट में टीम की असली ताकत और कमजोरी को उजागर करता है. आइए जानते हैं कि यह कैसे काम करता है.
आखिर क्या है नेट रन रेट
नेट रन रेट का सीधा मतलब है अपनी रन बनाने की गति और सामने वाली टीम की रन बनाने की गति का अंतर. यह बताता है कि एक टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अपने विरोधियों के मुकाबले कैसा प्रदर्शन किया है. अगर आपकी टीम ने विपक्षी टीम से ज्यादा तेजी से रन बनाए हैं, तो आपका नेट रन रेट पॉजिटिव (+) यानी प्लस में होगा. अगर आपने रन धीरे बनाए और विपक्षी टीम ने आपके खिलाफ तेजी से रन बनाए, तो यह नेगेटिव (-) यानी माइनस में चला जाएगा. यह सिर्फ सीमित ओवरों के खेल के लिए है.
कैसे निकाला जाता है NRR
इसे निकालने का फॉर्मूला गणित के हिसाब से बहुत सरल है. इसे कैलकुलेट करने के लिए दो चीजों का ध्यान रखना होता है. पहला, आपकी टीम ने पूरे टूर्नामेंट में कितने ओवर खेले और कुल कितने रन बनाए. दूसरा, आपकी टीम ने कितने ओवर गेंदबाजी की और कितने रन खर्च किए.
इसका फॉर्मूला है: (टीम का रन रेट) – (विपक्षी टीम का रन रेट) = नेट रन रेट
इसको समझने के लिए एक उदाहरण लेते हैं टी20 वर्ल्ड कप 2026 में हुए एक मैच का श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के बीच मुकाबला होता है. मान लीजिए ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 181 रन बनाए. उनका रन रेट हुआ 9.05 (181 को 20 से भाग देने पर). जवाब में श्रीलंका 18 ओवर में 184 रन बना ली. श्रीलंका का रन रेट हुआ 10.22. अब ऑस्ट्रेलिया का नेट रन रेट निकालने के लिए उनके रन रेट (9.05) में से श्रीलंका का रन रेट (10.22) घटाना होगा. 9.05 – 10.22 = -1.17 यानी इस मैच में ऑस्ट्रेलिया का नेट रन रेट -1.17 हुआ.
अगर टीम ऑलआउट हो जाए तो क्या होगा
नेट रन रेट का यह नियम बहुत पक्का है. अगर कोई टीम 50 ओवर के मैच में 30 ओवर में ही ऑलआउट हो जाती है, तो रन रेट निकालते समय 30 ओवर नहीं बल्कि पूरे 50 ओवर गिने जाएंगे. ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि टीम अपने पूरे ओवर खेलने में नाकाम रही. इससे टीम का रन रेट तेजी से गिरता है और NRR खराब हो जाता है. वहीं, जो टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत जाती है, उसके लिए सिर्फ खेले गए ओवर ही गिने जाते हैं.
बारिश होने पर कैसे होता है फैसला
क्रिकेट में बारिश अक्सर मैच का मजा किरकिरा करती है. अगर मैच के दौरान बारिश आ जाए और डकवर्थ लुइस (DLS) नियम लागू हो, तो नेट रन रेट की गणना पुराने लक्ष्य पर नहीं होती. ऐसे में बदले हुए लक्ष्य और ओवरों की संख्या के हिसाब से ही रन रेट निकाला जाता है. अगर मैच पूरी तरह रद्द हो जाए या उसका कोई नतीजा न निकले, तो उस मैच का नेट रन रेट नहीं जोड़ा जाता.
नेट रन रेट के फायदे और नुकसान
इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि टूर्नामेंट में रैंकिंग तय करना आसान हो जाता है. जो टीम आक्रामक खेलती है और बड़े अंतर से जीतती है, उसे इसका फायदा मिलता है. यह अंक तालिका (Points Table) में टाई-ब्रेकर का काम करता है. हालांकि, इसका एक नुकसान यह है कि कई बार यह सिर्फ आंकड़ों का खेल बन जाता है. मान लीजिए एक टीम बहुत अच्छा खेली लेकिन आखिरी ओवरों में कुछ ज्यादा रन दे दिए, तो जीत के बावजूद उनका NRR थोड़ा कम हो सकता है. फिर भी, फिलहाल क्रिकेट में इसे ही सबसे सटीक पैमाना माना जाता है.
NRR का उपयोग कब और क्यों किया जाता है?
नेट रन रेट का मुख्य उपयोग तब होता है जब किसी टूर्नामेंट में दो या उससे ज्यादा टीमों के अंक बराबर हो जाते हैं. ऐसी स्थिति में, कौन सी टीम आगे जाएगी या अंक तालिका में ऊपर रहेगी, इसका फैसला नेट रन रेट के आधार पर ही होता है.
नेट रन रेट निकालने का आसान फॉर्मूला क्या है?
नेट रन रेट निकालने का फॉर्मूला बहुत सरल है: (टीम का रन रेट) – (विपक्षी टीम का रन रेट) = नेट रन रेट यानी, आपने जिस गति से रन बनाए हैं, उसमें से वह गति घटा दी जाती है जिस गति से आपने रन लुटाए (खर्च किए) हैं.
अगर कोई टीम पूरे ओवर खेलने से पहले ही ऑलआउट हो जाए, तो NRR की गणना कैसे होती है?
अगर कोई टीम अपने निर्धारित ओवरों (जैसे 50 ओवर) से पहले ही (जैसे 30 ओवर में) ऑलआउट हो जाती है, तो रन रेट निकालते समय सिर्फ खेले गए ओवर नहीं, बल्कि कोटे के पूरे 50 ओवर गिने जाते हैं. इससे टीम का नेट रन रेट काफी तेजी से गिरता है.
क्रिकेट में नेट रन रेट का नियम कब से लागू हुआ था?
क्रिकेट में नेट रन रेट के नियम की शुरुआत 1992 के वर्ल्ड कप से हुई थी. आज वनडे और टी20 क्रिकेट में इसका रोल सबसे अहम माना जाता है.
बारिश या डकवर्थ लुइस (DLS) नियम लागू होने पर नेट रन रेट पर क्या असर पड़ता है?
अगर मैच में बारिश आती है और DLS नियम लागू होता है, तो नेट रन रेट की गणना पुराने लक्ष्य के आधार पर नहीं होती. ऐसे में, बदले हुए लक्ष्य और ओवरों की नई संख्या के हिसाब से ही रन रेट निकाला जाता है. यदि मैच रद्द हो जाए, तो उसका NRR नहीं जोड़ा जाता.
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