Ranji Trophy: मैच के आखिरी दिन बिहार के गेंदबाजों और बल्लेबाजों, दोनों ने कमाल का खेल दिखाया. दूसरी पारी में पीयूष सिंह के दोहरे शतक और सूरज कश्यप व हिमांशु सिंह की फिरकी गेंदबाजी के आगे मणिपुर की टीम बेबस नजर आई. यह जीत बिहार क्रिकेट के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है.
पहाड़ जैसा लक्ष्य और पीयूष का दोहरा शतक
मैच के पांचवें और आखिरी दिन बिहार ने अपनी दूसरी पारी 6 विकेट पर 505 रन बनाकर घोषित कर दी. इसके साथ ही मणिपुर को जीत के लिए 764 रनों का ऐसा लक्ष्य मिला, जिसे हासिल करना लगभग नामुमकिन था. बिहार के बल्लेबाज पीयूष सिंह इस पारी के असली हीरो रहे. उन्होंने मणिपुर के गेंदबाजों को थका दिया और 322 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 216 रन बनाए. हालांकि, रघुलेंद्र प्रताप सिंह अपने कल के स्कोर में कोई इजाफा नहीं कर सके और 90 रन पर ही आउट हो गए, जिससे उनका शतक अधूरा रह गया. लेकिन पीयूष की मैराथन पारी ने बिहार को एक मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था.
गेंदबाजों ने मणिपुर की कमर तोड़ी
इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी मणिपुर की टीम शुरू से ही दबाव में बिखर गई. बिहार के गेंदबाजों ने सिर्फ 14 ओवर के अंदर ही मणिपुर के 50 रन पर 5 विकेट गिरा दिए थे. बिहार के फिरकी गेंदबाज सूरज कुमार कश्यप और हिमांशु सिंह ने शानदार गेंदबाजी की. इन दोनों ने तीन-तीन विकेट झटके और मणिपुर के बल्लेबाजों को क्रीज पर टिकने का मौका नहीं दिया. पूरी मणिपुर टीम दूसरी पारी में सिर्फ 195 रन पर सिमट गई. इससे पहले पहली पारी में भी बिहार ने उन्हें 264 रन पर आउट कर दिया था, जिससे बिहार को पहली पारी में ही बड़ी बढ़त मिल गई थी.
साकिबुल और बिपिन ने रखी थी जीत की नींव
इस खिताबी जीत की नींव पहली पारी में ही रख दी गई थी. कप्तान साकिबुल गनी ने 108 रन और बिपिन सौरभ ने 143 रनों की शानदार पारी खेली थी. इन दोनों के शतकों की बदौलत बिहार ने पहली पारी में 522 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया था. दूसरी तरफ, मणिपुर के लिए हार के बीच केवल किशोर बल्लेबाज फेइरोइजाम जोतिन ने संघर्ष किया. उन्होंने 74 रनों की जुझारू पारी खेली और एल. किशन सिंघा के साथ मिलकर कुछ देर तक बिहार की जीत को टालने की कोशिश की. लेकिन तेज गेंदबाज आकाश राज ने इस साझेदारी को तोड़कर बिहार की जीत का रास्ता साफ कर दिया.
विजय हजारे के बाद अब रणजी में भी कमाल
बिहार क्रिकेट के लिए यह सीजन काफी शानदार रहा है. इसी महीने टीम ने विजय हजारे ट्रॉफी में भी मणिपुर को हराकर एलीट लीग में जगह बनाई थी. अब रणजी ट्रॉफी में भी उसी प्रदर्शन को दोहराया गया है. बिहार का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है. टीम 2022-23 में एलीट ग्रुप में थी लेकिन फिर प्लेट ग्रुप में खिसक गई थी. अब कप्तान गनी के नेतृत्व में टीम फिर से शीर्ष स्तर पर लौट आई है. टीम में वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के होने से बिहार क्रिकेट के अच्छे दिन आने की उम्मीद बढ़ गई है.
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