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Surya Transit 2020: 16 अगस्त को सूर्य और मंगल का हो रहा राशि परिवर्तन, जानें करियर से लेकर स्वास्थ्य और लव लाइफ पर पड़ेगा कैसा असर

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
SUN Transit 2020: 16 जुलाई को सूर्य मिथुन राशि से निकल कर कर्क (Cancer) राशि (Kark) में प्रवेश करेंगे हैं.
SUN Transit 2020: 16 जुलाई को सूर्य मिथुन राशि से निकल कर कर्क (Cancer) राशि (Kark) में प्रवेश करेंगे हैं.
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Surya Transit 2020: सूर्य को आत्मा का कारक ग्रह माना जाता है और नवग्रहों में इसे राजा का दर्जा प्राप्त है. सूर्य 16 अगस्त को कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे. वहीं, मंगल ग्रह भी सूर्य के साथ 16 अगस्त को राशि परिवर्तन कर रहे है. मंगल ग्रह का यह राशि परिवर्तन सभी राशियों पर अपना शुभ-अशुभ प्रभाव डालेगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगल एक क्रूर ग्रह है. यह ऊर्जा, जमीन, सेना, साहस आदि का कारक है. यह मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी है. 18 अगस्त मंगलवार को 11 बजकर 42 मिनट से लेकर 20 अगस्त गुरुवार 03 बजकर 35 मिनट तक मून तारा अस्त रहेगा.

सूर्य के सिंह राशि में गोचर के दिन को सिंह संक्रांति के नाम से भी जाना जाता है. सूर्य संक्रांति के दिन को शुभ माना जाता है, इसलिये इस दिन श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और दान-पुण्य करते हैं. सूर्य का सिंह राशि में गोचर 16 अगस्त की शाम 07 बजकर 27 मिनट पर होगा और इस राशि में सूर्य 16 सितंबर 2020 को शाम 06 बजकर 52 मिनट तक रहेंगे. सूर्य के गोचर काल के दौरान सभी राशि के जातकों को अलग-अलग फल मिलेंगे. वहीं, मंगल ग्रह 16 अगस्त को मीन राशि में प्रवेश करेंगे. मंगल ग्रह का राशि परिवर्तन शाम 07 बजकर 21 मिनट पर होगा.

ग्रहों की चाल का राशियों पर प्रभाव

सूर्य और मंगल के राशि परिवर्तन करने पर सभी राशियों के जातक पर इसका प्रभाव पड़ेगा. सिंह, तुला, धनु, कुंभ और मीन राशि के जातक के लिए अगस्त का महीना शानदार रहने वाला है. इन राशियों के जातक का आर्थिक पक्ष पहले से मजबूत होगा. कार्यक्षेत्र में तरक्की मिलेगी. शिक्षा के क्षेत्र में भी अच्छे परिणाम देखने को मिल सकते हैं. स्वास्थ्य के लिहाज से भी अगस्त का महीना ठीक ठाक रहने वाला है, इसके अलावा मेष, वृष, मिथुन, कर्क, कन्या, वृश्चिक और मकर वालों को इस महीने करियर लाइफ से लेकर स्वास्थ्य और लव लाइफ में भी सतर्क रहने की जरूरत होगी. आइए जानते है कि 12 राशियों के जातक के लिए कैसा रहने वाला है अगस्त का महीना...

मेष- ग्रहों के राजा सूर्य का गोचर आपकी राशि में पंचम भाव में होगा. यह भाव संतान, प्रेम, शिक्षा, पद, प्रतिष्ठा आदि का होता है. सूर्य के इस भाव में गोचर के दौरान आपके प्रेम जीवन में दिक्कतें आ सकती हैं. आपका प्रेमी आपसे बहुत उम्मीदें करेगा और उनकी हर उम्मीद को पूरा कर पाने में आप कामयाब नहीं होंगे, जिसके चलते अनबन हो सकती है. ऐसे समय में आपको अपने लवमेट से खुलकर बात करनी चाहिये और झूठे वादे करने से बचना चाहिये. छोटी-मोटी बातों को नजरअंदाज करना आपके लिये सही रहेगा. इस राशि के विद्यार्थियों के लिये सूर्य की पंचम भाव में स्थिति लाभदायक है यदि किसी प्रतियोगी परीक्षा में हिस्सा लिया था तो आपको सफलता मिल सकती है. संतान पक्ष से कुछ समस्याएं आ सकती हैं, इस राशि के जो लोग नौकरी पेशा हैं उन्हें कार्यक्षेत्र में संभलकर रहना होगा और हर काम सतर्कता से करना होगा नहीं तो आप सवालों के घेरे में आ सकते हैं. ऑफिस में होने वाली राजनीति से खुद को दूर रखें. कारोबारियों के लिये यह गोचर शुभ रहेगा यदि आप अपने कारोबार को फैलाना चाहते हैं तो यह समय अनुकूल है.

उपाय- प्रतिदिन सूर्योदय के समय सूर्य देव को जल चढ़ाएं।

वृषभ- सूर्य ग्रह का गोचर आपके चतुर्थ भाव में होगा. यह भाव आपके सुख, माता, वाहन, भूमि, आवास आदि का होता है. सूर्य देव का आपके चतुर्थ भाव में होना आपकी माता को कष्ट दे सकता है. उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का इस दौरान आपको विशेष ध्यान रखना होगा यदि अत्यधिक मानसिक परिश्रम करते हैं तो पर्याप्त नींद अवश्य लें, इससे आपके कई रोग दूर हो सकते हैं. इस राशि के कुछ जातकों को सूर्य के इस गोचर के दौरान सरकारी भवन या वाहन मिल सकता है. इस गोचर काल में चित्त में संतुष्टि का भाव रहेगा और आप वो काम करेंगे जो आपको पसंद हैं. आप लोगों से कम से कम मिलना चाहेंगे. आपके वैवाहिक जीवन की बात की जाए तो यह समय आपके लिये अच्छा रहेगा. सूर्य के गोचर के चलते आपके जीवनसाथी को उनके कार्यक्षेत्र में अच्छे फल मिलेंगे, हो सकता है कि उनकी पदोन्नति हो जिससे दांपत्य जीवन में खुशहाली बढ़ जाएगी, इस राशि के छात्रों को पूरी लगन और मेहनत के साथ इस दौरान आगे बढ़ना चाहिये, ज्यादा यारी-दोस्ती के चक्कर में इस दौरान नहीं पड़ेंगे तो आपके लिये अच्छा रहेगा.

उपाय- सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिये पिता या पितातुल्य लोगों का आशीर्वाद लें.

मिथुन- बुध के स्वामित्व वाली मिथुन राशि के जातकों के तृतीय भाव में सूर्य का गोचर होगा. इस भाव से छोटे भाई-बहन, संबंधी, लेखन आदि का विचार किया जाता है, इस राशि के जातकों को इस दौरान सरकार से लाभ होगा. यदि आप प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहें हैं तो सफल होने की प्रबल संभावना है. पारिवारिक जीवन भी अच्छा रहेगा लेकिन आपको अपने गुस्से पर काबू रखने की जरुरत है नहीं तो घर के लोग आपसे नाराज हो सकते हैं. सामाजिक स्तर पर आपकी प्रतिष्ठि बढ़ेगी और आप लोगों की मदद करने के लिये आगे आएंगे. यदि आप राजनीति में हैं तो अपनी वाणी से लोगों को प्रभावित करने में सफल होंगे. अपने भाई-बहनों के स्वास्थ्य का आपको ख्याल रखना होगा उनके बीमार होने की संभावना है. इस राशि के जो जातक मीडिया या लेखन क्षेत्र से जुड़े हैं उन्हें अच्छे फल प्राप्त हो सकते हैं. यदि फिल्म जगत से जुड़े हैं और लेखन का काम करते हैं तो आपके द्वारा लिखे गये संवादों को इस दौरान सराहा जा सकता है.

उपाय- जरुरतमंदों को उनकी आवश्यकता का सामान दान करें.

कर्क- कर्क राशि के जातक के द्वितीय भाव में सूर्य ग्रह का गोचर होगा, इस भाव से आपकी वाणी, संपत्ति, परिवार, भोजन, कल्पना आदि के बारे में पता चलता है. सूर्य का यह गोचर कर्क राशि के जातकों के लिये शुभ फलदायी रहेगा. इस गोचर के दौरान आप पारिवारिक जीवन में अच्छे फल प्राप्त करेंगे और घर के लोगों के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएंगे. परिवार के लोगों का ख्याल रखना इस दौरान आपकी प्राथमिकता होगी. आर्थिक पक्ष की बात की जाए तो उसमें भी इस दौरान अच्छे बदलाव होंगे. आपकी आमदनी में वृद्धि हो सकती है या घर के किसी सदस्य की जॉब लगने की वजह से आपका आर्थिक बोझ कम हो सकता है. इस राशि के लोग बचत कर पाने में सक्षम होंगे. यदि आप निवेश करना चाहते हैं तो उसके लिये भी यह समय अनुकूल है. आपके परिवार में सदस्यों की संख्या इस दौरान बढ़ सकती है. इस गोचर के दौरान आपको अच्छा भोजन करने के भी कई मौके प्राप्त होंगे. हालांकि सूर्य को एक उग्र ग्रह माना जाता है, इसलिये आप में अहम की अधिकता देखी जा सकती है. यदि आप जमीन से जुड़े रहकर आगे बढ़ेंगे तो यह गोचर पूरी तरह से आपके लिये शुभ रह सकता है.

उपाय- गाय को गेंहूं के आटे की रोटी खिलाएं.

सिंह- सूर्य देव का गोचर आपकी ही राशि यानि आपके लग्न भाव में होगा. लग्न भाव से आपके व्यक्तित्व, स्वास्थ्य, चरित्र, बुद्धि और सौभाग्य के बारे में विचार किया जाता है. सूर्य गोचर के फलस्वरूप आपकी नेतृत्व करने की क्षमता में वृद्धि होगी, आप उच्च पद पर हैं तो अधीनस्थों को अपने काम करने के तरीके से प्रभावित कर सकते हैं. प्रबंधन क्षमता में भी निखार आएगा, इस राशि के कुछ जातकों को कार्यक्षेत्र में पदोन्नति मिलेगी. आप इस गोचर के दौरान खुद को ऊर्जावान महसूस करेंगे और अपने ज्ञान को बढ़ाने के लिये नयी काम सीखने की कोशिश करेंगे. सामाजिक स्तर पर लोग आपके व्यवहार से प्रभावित होंगे. यदि कोई काम अटका हुआ था तो इस दौरान उसे भी आप पूरा कर सकते हैं. हालांकि सूर्य का यह गोचर इस राशि के कुछ जातकों में गुस्सा भी भर सकता है, आप छोटी-छोटी बातों को लेकर भी अत्यधिक क्रोधित हो सकते हैं. आप जबरदस्ती अपनी बातों को अपने घर वालों पर थोपने की कोशिश भी कर सकते हैं, ऐसा करना आपके लिये ठीक नहीं इससे रिश्तों में तनाव आ सकता है, इसलिये आपको अपने गुस्से पर काबू रखना होगा. मन की शांति के लिये आप ध्यान का सहारा लें तो आपके लिये बेहतर रहेगा.

उपाय- रविवार के दिन सूर्य के बीज मंत्र का जाप करें.

कन्या- कन्या राशि के जातकों के द्वादश भाव में सूर्य देव का गोचर होगा. इस भाव से विदेश, व्यय, दान आदि के बारे में विचार किया जाता है. यह गोचर आपके लिये चुनौतियां लेकर आ सकता है, आपको अपनी सेहत का इस दौरान विशेष ध्यान रखना होगा. यदि घर से बाहर रहते हैं तो तला-भुना और जंक फूड बीमारी का कारण बन सकता है. खुद को फिट रखने के लिये आपको व्यायाम करना चाहिये और ज्यादा से ज्याादा पानी पीना चाहिये. आंखों से संबंधी परेशानियां आपको हो सकती हैं, धूल भरी जगहों पर जाने से बचें. अपने आर्थिक पक्ष को लेकर भी आपको बहुत सतर्क रहना होगा बेवजह के खर्चे आपकी परेशानी का सबब बन सकते हैं. अच्छा बजट प्लान बनाएं और कोशिश करें कि जमा धन को खर्च करने की नौबत न आए. वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करें नहीं तो परेशानी में पड़ सकते हैं। आलस्य को त्यागकर इस दौरान आपको सक्रिय होने की जरुरत है, इस राशि के जो लोग विदेशी कंपनियों में काम करते हैं या विदेशों से जुड़ा व्यापार करते हैं तो उनके लिये यह गोचर फलदायी साबित होगा.

उपाय- प्रात: काल के समय नग्न आंखों से सूर्य को देखें.

तुला- शुक्र की स्वामित्व वाली तुला राशि के जातक के लाभ भाव यानि एकादश भाव में सूर्य देव का गोचर होगा, इस भाव से आपकी कामनाओं, बड़े भाई-बहन इच्छाओं के बारे में भी विचार किया जाता है, इस गोचर के दौरान आपको अपने मित्रों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा. यदि किसी बात को लेकर उलझन की स्थिति में हैं तो किसी दोस्त से जरूरी सलाह मिल सकती है. वहीं नौकरी पेशा से जुड़े लोगों को भी कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा. आपके उच्च अधिकारियों के सामने आपकी छवि यदि अच्छी है तो उसका लाभ भी इस समय काल में आपको मिल सकता है. वहीं जो लोग नौकरी की तलाश में जुटे हैं उन्हें भी नौकरी मिल सकती है. सूर्य को पिता का कारक ग्रह भी माना जाता है, इसलिये इस गोचर के दौरान आपको अपने पिता से भी पूर्ण सहयोग की प्राप्ति होगी. पारिवारिक और दांपत्य जीवन की बात की जाए तो समय अनुकूल है लेकिन आपके स्वभाव में क्रोध की अधिकता हो सकती है, जिससे रिश्ते खराब होने की संभावना है. इसलिये आपको अपने स्वभाव में इस दौरान लचीलापन लाने की आवश्यकता होगी. क्रोध पर काबू कर लें तो यह गोचर आपको कई शुभ फल देकर जाएगा.

उपाय- सर्य ग्रह को मजबूत करने के लिये एक मुखी रुद्राक्ष धारण करें.

वृश्चिक- आपके दशम भाव में सूर्य देव का गोचर होगा, इस भाव से व्यवसाय, कार्यक्षेत्र, सत्ता, सम्मान आदि के बारे में विचार किया जाता है. यह गोचर आपके लिये सुखद साबित होगा. अपने काम के प्रति आप निष्ठावान होंगे, जिससे उच्च अधिकारी भी आपसे खुश रहेंगे. कार्यक्षेत्र में इस दौरान आपको कोई नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है. वहीं कुछ लोगों की पदोन्नति होने की भी पूरी संभावना है. पारिवारिक जीवन की बात की जाए तो पिता के साथ आपके संबंधों में इस दौरान निखार आएगा. आपके पिता के द्वारा आपको कोई जरूरी सलाह दी जा सकती है. वहीं इस राशि के कारोबारी भी सूर्य के गोचर के दौरान क्रियाशील रहेंगे और अपने कारोबार में सकारात्मक बदलाव करेंगे. धन लाभ होने के भी पूरे आसार हैं, जो लोग काफी समय से खुद का बिजनेस करने की सोच रहे थे उनके सपने इस दौरान पूरे हो सकते हैं. विद्यार्थियों की एकाग्रता मजबूत होगी जिससे कठिन विषयों को भी आसानी से समझ पाएंगे. इस गोचर काल के दौरान आपकी दूरदर्शिता भी कमाल की रहेगी. भविष्य को लेकर आप सटीक नजरिया रखेंगे जिससे आने वाले कल में भी आप सुखद जिंदगी बिता सकते हैं.

उपाय- सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिये घर या दफ्तर में सूर्य यंत्र की स्थापना करें.

धनु- धनु राशि के जातक के नवम भाव में सूर्य का गोचर होगा, इस भाव से भाग्य, धर्म, लंबी यात्रा आदि के बारे में विचार किया जाता है. सूर्य के सिंह राशि में गोचर के दौरान भाग्य आपका सहयोग करेगा. आप जो भी काम इस दौरान शुरू करेंगे उसमें सफलता मिलेगी. इस राशि के जो छात्र-छात्राएं किसी अच्छे संस्थान से जुड़कर उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं उन्हें भी इस दौरान सफलता मिलेगी. धनु राशि के जातकों में ज्ञान अर्जित करने का स्वाभाविक गुण देखा जाता है, इसलिये सूर्य के इस गोचर के दौरान आप रोचक पुस्तकें पढ़ सकते हैं. हालांकि आध्यात्म और धर्म से आप थोड़े विमुख हो सकते हैं. वहीं आपको जीवन को सही दिशा में ले जाने के लिये जरूरी सलाह मिल सकती है, अच्छे मार्गदर्शक आपके जीवन में आएंगे. आपको किसी भी काम को करने से पहले उसके बारे में विचार अवश्य करना चाहिये और अनुभवी लोगों से सलाह भी लेनी चाहिये. यदि आप बिना सोचे-विचारे कोई काम करेंगे तो परेशान हो सकते हैं. इस गोचर के दौरान आपको घर के बड़े-बुजुर्गों की सेवा करनी चाहिये और उनके साथ वक्त बिताना चाहिए. मन की शांति के लिये योग-ध्यान का सहारा लेना आपके लिये शुभ रहेगा.

उपाय- केसरिया रंग के वस्त्र धारण करें.

मकर- सूर्य ग्रह का गोचर आपके अष्टम भाव में होगा. यह भाव आयुर भाव भी कहलाता है और इससे आपके जीवन में आने वाली परेशानियों, चिंता, रुकावटों, शत्रु आदि के बारे में विचार किया जाता है। सूर्य का यह गोचर आपके लिए बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता क्योंकि गोचर के प्रभाव से आपके जीवन में की चुनौतियां आ सकती हैं. आपको न चाहते हुए भी कार्यक्षेत्र या आवास में परिवर्तन करना पड़ सकता है, जिससे जीवन में हलचल होगी. यदि आप परिवर्तन के हिसाब से खुद को ढाल लेते हैं तो आपको परेशानी नहीं होगी लेकिन अगर आप न ढाल पाए तो दिक्कतें आ सकती हैं. इस राशि के जो जातक शादीशुदा हैं उन्हें इस दौरान ससुराल पक्ष से फायदा हो सकता है. वहीं आपके जीवन साथी को भी उनके करियर क्षेत्र में उन्नति मिल सकती है. यात्राओं के दौरान अपने सामान का ध्यान रखें चोरी होने की संभावना है. स्वास्थ्य को लेकर इस राशि के जातकों को इस गोचर काल के दौरान सतर्क रहना होगा, आंखों और पेट से जुड़ी समस्या आपको हो सकती है. यदि आप व्यायाम या योग को अपने जीवन में जगह देते हैं तो स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव आएंगे. मसालेदार और जंक फूड खाने से इस गोचर के दौरान बचें.

उपाय- सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिये माणिक्य रत्न धारण करें.

कुंभ- कुंभ राशि के जातकों के सप्तम भाव में सूर्य ग्रह का गोचर होगा. इस भाव से आपके जीवनसाथी और जीवन में होने वाली साझेदारियों के बारे में पता चलता है. इस गोचकाल के दौरान परिवार में आपकी स्थिति खराब हो सकती है. आपका दूसरों पर हुक्म चलाने का रवैया आपको लोगों से अलग-थलग कर सकता है, इसके साथ ही दांपत्य जीवन में जीवनसाथी के साथ भी कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, हो सकता है कि एक ही बात को लेकर आप दोनों के अलग-अलग विचार हों जिससे मतभेद पैदा हो जाएं. इस समय यात्राएं करना आपके लिये बहुत सुखद नहीं रहेगा, इसलिये यात्राएं न करें और आवश्यक हो तो अपने स्वास्थ्य और सामान का इस दौरान ध्यान रखें. सामाजिक स्तर पर इस गोचर के दौरान आपको अच्छे फलों की प्राप्ति होगी. यदि आप राजनीति में हैं तो आपकी बातों से लोग प्रभावित होंगे और आपके पक्ष में आएंगे. वहीं इस राशि के जो लोग साझेदारी में बिजनेस करते हैं या बिजनेस शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं तो उन्हें इस अवधि में सफलता मिल सकती है. स्वास्थ्य के लिहाज से यह गोचर प्रतिकूल है, इसलिये अपने स्वास्थ्य का आपको विशेष ध्यान देना होगा. सही दिनचर्या बनाएं और तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें, इससे कई बीमारियों से बच सकते हैं.

उपाय- प्रतिदिन सूर्योदय से पूर्व उठकर सूर्य बीज मंत्र का जाप करें.

मीन- सूर्य ग्रह का गोचर आपकी राशि से षष्ठम भाव में होगा. यह भाव अरि भाव के नाम से भी जाना जाता है और इससे आपके शत्रु, रोग, मातृ पक्ष के लोग आदि के बारे में विचार किया जाता है. सूर्य का सिंह राशि में गोचर मीन वाले जातकों के लिये अच्छा रहेगा. इस राशि के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में इस दौरान सफलता मिलेगी जिससे आपके माता पिता का सम्मान समाज में बढ़ेगा. यदि कोर्ट-कचहरी के किसी मामले को लेकर परेशान थे तो उसमें सफलता मिलने के चलते इस दौरान आपको मानसिक शांति मिल सकती है. नौकरी पेशा से जुड़े इस राशि के जातक यदि जॉब में परिवर्तन करने की कोशिश कर रहे थे तो उन्हें किसी अच्छी कंपनी से ऑफर मिल सकता है. वहीं बेरोजगार लोगों को भी रोजगार मिलने की उम्मीद है. सूर्य की षष्ठम भाव में स्थिति मीन राशि के लोगों में इस समय जोश भरेगी और आप हर काम को पूरे जोश के साथ करेंगे. आप समय की अहमियत को समझते हुए पल-पल का सही इस्तेमाल करना चाहेंगे.

उपाय- रविवार के दिन गेंहूं का दान करें.

News posted by : Radheshyam kushwaha

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