Karma Parv 2025: झलकी जनजातीय संस्कृति, बनहौरा मैदान में उमड़ा जनसैलाब

Karma Parv 2025: रांची के बनहौरा जतरा मैदान में करम पर्व की पूर्व संध्या पर जनजातीय संस्कृति की झलक देखने को मिली. हजारों लोगों की भीड़ ने पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य का आनंद लिया. यह पर्व मेहनत, एकता और प्रकृति से गहरे जुड़ाव का प्रतीक माना जाता है.

प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की की ओर से सोमवार को करम पूर्व संध्या पर बनहौरा जतरा मैदान में करम महोत्सव का आयोजन किया गया. इस अवसर पर हजारों लोग शामिल हुए और जनजातीय संस्कृति की झलक देखने को मिली. मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे मौजूद थे, जबकि विशिष्ट अतिथि के तौर पर लाल किशोर नाथ शाहदेव और डॉ. एम. तौसिफ ने शिरकत की.

अखड़ा टोली परंपरागत वेशभूषा और माथे पर जावा (धान का पौधा) सजाकर नृत्य करते हुए जतरा मैदान पहुंचे. बंधु तिर्की ने कहा कि करम पर्व मेहनत, एकता और प्रकृति से जुड़ाव का प्रतीक है, जो हमारी संस्कृति और पहचान को जीवित रखता है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनजातीय परंपराओं के संरक्षण और उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है.

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आलोक कुमार दूबे ने करम महोत्सव को केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता और भाईचारे का प्रतीक बताया. कार्यक्रम के अंत में निर्णायक मंडली ने सर्वश्रेष्ठ अखड़ा टोली को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान किए.

राम लखन कॉलेज में करम पूर्व संध्या कार्यक्रम

रांची. राम लखन सिंह यादव कॉलेज के अखड़ा में सोमवार को “करम पूर्व संध्या” कार्यक्रम का आयोजन हुआ. यह कार्यक्रम कॉलेज के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन कोषांग, राष्ट्रीय सेवा योजना तथा जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया. मुख्य अतिथि के रूप में कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. विष्णु चरण महतो शामिल हुए. इस मौके पर मुंडारी, कुड़ुख, नागपुरी, खोरठा और कुरमाली भाषा के विद्यार्थियों ने करम गीत और नृत्य प्रस्तुत किए. विभागाध्यक्ष डॉ. अजीत मुंडा ने करम संदेश दिया, जबकि संचालन डॉ. मनीष चंद्र टुड्डू और डॉ. नीलू कुमारी ने किया.

संजय गांधी मेमोरियल कॉलेज में उत्सव

रांची. संजय गांधी मेमोरियल कॉलेज में भी करम पूर्व संध्या के अवसर पर उत्सव मनाया गया. विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सामूहिक नृत्य कर पर्व का आनंद लिया. इस दौरान करम पर्व के महत्व पर विचार रखे गए. कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार, बोनिता दिवाकर, डॉ. राज श्रीवास्तव सहित कई शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे.

आई हाउस में सांस्कृतिक संगोष्ठी

रांची. आई हाउस में सोमवार से करम पूर्व संध्या पर सांस्कृतिक संगोष्ठी सह सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘करम अखरा’ का शुभारंभ हुआ. यह आयोजन सांस्कृतिक कार्य निदेशालय (पर्यटन, कला, संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग) के तत्वावधान में किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन निदेशक आसिफ एकराम, पद्मश्री मुकुंद नायक, पद्मश्री मधु मंसूरी हंसमुख और पद्मश्री महावीर नायक ने नगाड़ा बजाकर किया. संगोष्ठी में वक्ताओं ने करम पर्व की महत्ता और पौराणिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला. सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में मनपूरन नायक और उनके दल ने 20 मांदर वादकों के साथ शानदार प्रदर्शन किया. रायमत मार्डी कला मंदिर जमशेदपुर द्वारा संथाली करम गीत प्रस्तुत किया गया. वहीं बिरासमणि उरांव, फुलमनी देवी, बतिया उरांव के दलों ने उरांव करम गीत पेश किए. मुंडारी गीत और नृत्य की सुंदर प्रस्तुति मानसिंह बोदरा, अनुरोध पातर और सोमा मुंडा के दल ने दी. इसके अलावा दीपक लोहार के दल ने नागपुरी नृत्य-नाटिका से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया.

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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