Saraswati Mata Ki Aarti: आज यानी 23 जनवरी 2026 को सरस्वती पूजा मनाई जा रही है. सनातन परंपरा में मां सरस्वती की पूजा अलग‑अलग समय पर की जाती है. दिवाली के दिन उन्हें भगवान गणेश और माता लक्ष्मी के साथ पूजा जाता है. नवरात्रि के समय, खासकर बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में, दुर्गा पूजा के साथ सरस्वती की भी विशेष पूजा होती है. लेकिन सबसे महत्वपूर्ण दिन है माघ मास के शुक्लपक्ष की पंचमी, जिसे बसंत पंचमी कहा जाता है. इस दिन सरस्वती के भक्त बड़ी श्रद्धा और खुशी के साथ उनका पूजन करते हैं, क्योंकि इसे उनका प्रकट होने का दिन माना जाता है. इस दिन सरस्वती मां की आरती का पाठ से ज्ञान और विद्या की प्राप्ति के लिए शुभ माना जाता है. यहां से देखें सरस्वती मां की आरती
सरस्वती माता की आरती ( Saraswati Mata Ki Aarti Lyrics in Hindi)
ॐ जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता।
सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥
चंद्रवदनी पद्मासिनी, धृति मंगलकारी।
सोहे शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी॥ जय…
बाएँ कर में वीणा धरे, दाएँ कर माला।
शीश मुकुट मणि सोहे, गले मोतियन माला॥ जय…
देवी शरण जो आए, उनका उद्धार किया।
पैठी मंथरा दासी, रावण संहार किया॥ जय…
विद्या दायिनी ज्ञान प्रदान कर, ज्ञान का दीप जलाओ।
भ्रम, अज्ञान और अंधकार, जग से दूर भगाओ॥ जय…
धूप, दीप, फल-मेवा, मां स्वीकार करो।
ज्ञान चक्षु दे माता, जग का उद्धार करो॥ जय…
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मां सरस्वती की आरती, जो कोई जन गावे।
सुख, समृद्धि, विद्या, भक्ति सहज पावे॥ जय…
जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता।
सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥
