Janki Jayanti 2026: आज, 9 फरवरी 2026 को जानकी जयंती मनाई जा रही है. यह माता सीता को समर्पित एक पर्व है. इस दिन विशेष रूप से सुहागिन महिलाएं वैवाहिक जीवन में खुशहाली और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए माता सीता और प्रभु श्री राम की आराधना करती हैं. माता की आराधना आरती के बिना अधूरी मानी जाती है. पूजा के अंत में आरती का पाठ करने का विधान होता है. कहते हैं कि आरती करने से मानसिक शांति मिलती है और वातावरण पवित्र बनता है.
माता सीता की आरती (Mata Sita Aarti in Hindi)
आरती श्री जनक दुलारी की,
सीता जी रघुवर प्यारी की.
जगत जननी जग की विस्तारिणी,
नित्य सत्य साकेत विहारिणी,
परम दयामयी दिनोधारिणी,
सीता मैया भक्तन हितकारी की.
आरती श्री जनक दुलारी की,
सीता जी रघुवर प्यारी की.
सती श्रोमणि पति हितकारिणी,
पति सेवा वित्त वन वन चारिणी,
पति हित पति वियोग स्वीकारिणी,
त्याग धर्म मूर्ति धरी की.
आरती श्री जनक दुलारी की,
सीता जी रघुवर प्यारी की.
विमल कीर्ति सब लोकन छाई,
नाम लेत पवन मति आई,
सुमीरात काटत कष्ट दुख दाई,
शरणागत जन भय हरी की.
आरती श्री जनक दुलारी की,
सीता जी रघुवर प्यारी की.
जानकी जयंती पूजा और पारण का शुभ मुहूर्त
- जानकी जयंती पूजा का शुभ समय – 09 फरवरी को 06:29 से लेकर 07: 53 मिनट तक
- अभिजित मुहूर्त: 09 फरवरी की सुबह 11:41 से दोपहर 12:26 मिनट तक
- जानकी जयंती व्रत पारण का शुभ समय – 10 फरवरी को सुबह 09:16 से लेकर दोपहर 12:04 तक
जानकी जयंती क्यों मनाई जाती है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को माता सीता मिथिला के राजा जनक के खेत जोतते समय जमीन के अंदर से प्रकट हुई थीं. इसलिए इस दिन को माता सीता के पृथ्वी पर अवतरण के उपलक्ष्य में मनाया जाता है.
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