Pradosh Vrat Shiv Ji Ki Arti: कल प्रदोष व्रत है. शुक्रवार 30 जनवरी 2026 के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को शुक्र प्रदोष व्रत कहते हैं. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत के पुण्य प्रताप से भक्त के समस्त पाप और दोष दूर हो जाते हैं. प्रदोष व्रत के दिन व्रती को प्रदोष काल में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करनी चाहिए. इस दिन शिवजी की आरती करने से सफलता के रास्ते खुलते हैं. साथ ही सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है.
शिव जी की आरती (Lord Shiv Aarti)
जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा ।
ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव…॥
एकानन चतुरानन पंचानन राजे ।
हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ जय शिव…॥
दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।
त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥ ॐ जय शिव…॥
अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी ।
चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी ॥ ॐ जय शिव…॥
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे ।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥ ॐ जय शिव…॥
कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता ।
जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता ॥ ॐ जय शिव…॥
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका ।
प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका ॥ ॐ जय शिव…॥
काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी ।
नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी ॥ ॐ जय शिव…॥
त्रिगुण शिवजीकी आरती जो कोई नर गावे ।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे ॥ ॐ जय शिव…॥
