वरूथिनी एकादशी आज, बन रहा है धनिष्ठा नक्षत्र का महासंयोग, भगवान विष्णु की मिलेगी विशेष कृपा

Varuthini Ekadashi 2026: वरुथिनी एकादशी 2026 पर शुभ योग और धनिष्ठा नक्षत्र का महासंयोग बन रहा है. जानें तिथि, पारण समय, महत्व और इस व्रत से मिलने वाले विशेष लाभ.

Varuthini Ekadashi 2026: आज वैशाख कृष्ण पक्ष की पावन वरुथिनी एकादशी मनाई जा रही है, जो सोमवार के दिन पड़ रही है. एकादशी तिथि 12 अप्रैल की रात 1:16 बजे से शुरू होकर 13 अप्रैल की रात 1:08 बजे तक रहेगी. इस दिन भगवान विष्णु के वराह अवतार की विशेष पूजा का महत्व बताया गया है. ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को रखने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और जीवन में सौभाग्य की प्राप्ति होती है.

शुभ मुहूर्त और पारण समय

काशी विश्वनाथ पंचांग के अनुसार, वरुथिनी एकादशी का व्रत 13 अप्रैल 2026 को रखा जा रहा है. व्रत का पारण 14 अप्रैल, मंगलवार को सुबह 6:57 बजे से 10:18 बजे के बीच किया जाएगा. आज शाम 5:17 बजे तक शुभ योग रहेगा, जो पूजा-पाठ और जप के लिए अत्यंत अनुकूल है. साथ ही, शाम 4:04 बजे तक धनिष्ठा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा. हालांकि आज पंचक भी है, इसलिए कुछ कार्यों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.

धार्मिक महत्व और मान्यताएं

हिंदू धर्म में वरुथिनी एकादशी का विशेष महत्व है. पुराणों के अनुसार, इस दिन व्रत करने से हजारों वर्षों के तप और दान के बराबर फल प्राप्त होता है. भक्त इस दिन उपवास रखते हैं, भगवान विष्णु का स्मरण करते हैं और दान-पुण्य करते हैं. ऐसा माना जाता है कि यह व्रत दुर्भाग्य को दूर कर जीवन में सुख-समृद्धि लाता है.

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धनिष्ठा नक्षत्र महासंयोग के फायदे

इस बार वरुथिनी एकादशी पर धनिष्ठा नक्षत्र का विशेष महासंयोग बन रहा है, जो अत्यंत शुभ माना जाता है. इस संयोग में व्रत और पूजा करने से धन, वैभव और सफलता की प्राप्ति होती है. साथ ही, जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे सुख-शांति और समृद्धि बढ़ती है.

ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा
25+ वर्षों का अनुभव | ज्योतिष, वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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