Mars Transit 2025: मिथुन, कुंभ और मीन राशि वालों के लिए चेतावनी का समय, जानें कैसे करें बचाव

Mars Transit 2025: मंगल ग्रह 28 जुलाई की रात कन्या राशि में प्रवेश कर चुके हैं. यह गोचर मिथुन, कुंभ और मीन राशि वालों के लिए कुछ चुनौतियां ला सकता है. सेहत, संबंध और आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। जानिए इस समय से बचाव के लिए जरूरी उपाय.

Mars Transit 2025: बीती 28 जुलाई की रात मंगल ग्रह कन्या राशि में प्रवेश कर चुके हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगल को ऊर्जा और साहस का प्रतीक माना जाता है, लेकिन जब इनकी स्थिति अनुकूल न हो, तो ये क्रोध, विवाद और असंतुलन का कारण भी बन सकते हैं. जब मंगल अपनी राशि बदलते हैं, तो उसका प्रभाव सभी राशियों पर किसी न किसी रूप में अवश्य पड़ता है. इस बार का गोचर मिथुन, कुंभ और मीन राशि वालों के लिए विशेष रूप से सतर्कता की मांग कर रहा है.

आइए जानते हैं इन तीन राशियों पर इस गोचर का असर और उससे निपटने के उपाय—

मिथुन राशि (Gemini)

प्रभाव

मंगल मिथुन राशि के चतुर्थ भाव में गोचर कर रहे हैं, जो घर, माता और मानसिक सुखों से जुड़ा है. इस दौरान खर्चों में अचानक वृद्धि हो सकती है. संचित धन भी अनचाहे कारणों से निकल सकता है. माता-पिता से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं. घर या संपत्ति से जुड़ा कोई विवाद सामने आ सकता है.

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उपाय

  • गुड़ और गेहूं का दान करें.
  • इससे मंगल की उग्रता शांत होगी और पारिवारिक शांति बनी रहेगी.

कुंभ राशि (Aquarius)

प्रभाव

मंगल का गोचर कुंभ राशि के अष्टम भाव में हो रहा है, जो कि दुर्घटनाओं, स्वास्थ्य समस्याओं और अचानक होने वाली घटनाओं से जुड़ा होता है. स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही नुकसानदायक हो सकती है. पुराने कर्ज से तनाव बढ़ सकता है और वाहन चलाते समय विशेष सावधानी की आवश्यकता है.

उपाय

रोज सुबह या मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें. यह उपाय ऊर्जा, साहस और सुरक्षा प्रदान करता है.

मीन राशि (Pisces)

प्रभाव

मंगल मीन राशि के सप्तम भाव में प्रवेश कर रहे हैं, जो वैवाहिक जीवन और साझेदारी का भाव है. जीवनसाथी से मतभेद, तकरार या किसी तीसरे व्यक्ति की दखल से संबंधों में तनाव आ सकता है. बिजनेस पार्टनरशिप में धोखा या गलतफहमी के संकेत हैं. गोपनीय बातें साझा करने से बचें.

उपाय

मंगलवार या शनिवार को हनुमान मंदिर में लाल चोला चढ़ाएं.
इससे संबंधों में सुधार और मंगल की कृपा प्राप्त होगी.

क्या कहता है यह गोचर?

जहां कुछ राशियों के लिए यह गोचर ऊर्जा और नई शुरुआत का अवसर बन सकता है, वहीं मिथुन, कुंभ और मीन राशि के लिए यह समय थोड़ी सावधानी और संयम की मांग करता है. यदि सही उपाय किए जाएं और धैर्य रखा जाए, तो इस गोचर के नकारात्मक प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

व्यक्तिगत कुंडली में मंगल की स्थिति जानने, व्रत-त्योहार या वास्तु सलाह के लिए संपर्क करें:

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष, वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594 / 9545290847

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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