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गिरिडीह में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, गोमो फ्लाईओवर के लिए जमीन देगी हेमंत सोरेन सरकार, कैबिनेट का फैसला

Updated at : 01 Dec 2022 8:21 PM (IST)
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गिरिडीह में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, गोमो फ्लाईओवर के लिए जमीन देगी हेमंत सोरेन सरकार, कैबिनेट का फैसला

Jharkhand Cabinet Decisions: हेमंत सोरेन की सरकार गिरिडीह में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और गोमो फ्लाईओवर के लिए जमीन देने के लिए तैयार है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस फैसले को मंजूरी दे दी गयी.

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Jharkhand Cabinet Decisions: हेमंत सोरेन की सरकार गिरिडीह में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और गोमो फ्लाईओवर के लिए जमीन देने के लिए तैयार है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस फैसले को मंजूरी दे दी गयी. झारखंड सरकार गिरिडीह में 7.081 एकड़ जमीन देगी, जबकि धनबाद में 8.26 एकड़ जमीन हस्तांतरित करेगी.

गिरिडीह में होगा कॉरिडोर का निर्माण

गिरिडीह जिला अंतर्गत अंचल-डुमरी के मौजा- (1) बालटुंडा, (2) करमाटोंगरी, (3) समदा, (4) पिपराडीह, (5) कोरियाडीह, (6) रामनगर, (7) भोलीडीह, (8) मधवाडीह अंतर्निहित विभिन्न प्लॉट संख्या कुल रकबा -7.081 एकड़ (विभिन्न किस्म की भूमि) कुल देय राशि 5,36,17,903 रुपये की अदायगी पर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (Dedicated Freight Corridor Corporation of India Limited DFCCIL) को कॉरिडोर निर्माण के लिए सशुल्क स्थायी भू-हस्तांतरण किया जायेगा.

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धनबाद में गोमो फ्लाईओवर के लिए जमीन देगी सरकार

धनबाद जिला के अंचल तोपचांची मौजा- (1) महयाडीह (2) मौजा- रामाकुंडा, (3) मौजा-गैंदनावाडीह (4) मौजा-बरवाडीह (5) मौजा-मोहनपुर (6) मौजा- चैता अंतर्निहित कुल रकबा – 8.26 एकड़ भूमि 14,54,83,949 रुपये की अदायगी पर पूर्वी मध्य रेलवे (Eastern Central Railway -ECR) को गोमो फ्लाईओवर के निर्माण के लिए सशुल्क स्थायी भू-हस्तांतरण करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गयी.

विशेष रेल परियोजना के लिए भू-हस्तांरण को मंजूरी

गिरिडीह जिला अंतर्गत अंचल-सरिया (1) मौजा-बड़की सरिया (2) मौजा-सरिया खुर्द (3) मौजा-करम्बा (4) मौजा-चिचाकी, (5) मौजा- गड़या अंतर्निहित कुल रकबा 10.46 एकड़ भूमि 78,08,35,963 रुपये की अदायगी पर विशेष रेल परियोजना के लिए Dedicated Freight Corridor Corporation of India Limited (DFCCIL) को सशुल्क स्थायी भू-हस्तांतरण किया जायेगा.

देवघर में 52.53 करोड़ की लागत से बनेगा समाहरणालय

देवघर में प्रस्तावित कलेक्ट्रेट भवन के निर्माण के लिए 52,53,10,800 (बावन करोड़ तिरपन लाख दस हजार आठ सौ) रुपये के प्राक्कलन को मंजूरी दे दी गयी.

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झिरी को मिलेगी कचरे के पहाड़ से मुक्ति

रांची नगर निगम क्षेत्र के झिरी में स्थित कचरे के पहाड़ से भी रांची को मुक्ति मिलेगी. Legacy Waste का Scientific तरीके से Bio – Mining, Resource Recovery एवं Bio Remediation करते हुए Land Reclamation करने की योजना के क्रियान्वयन के लिए 136 करोड़ 17 लाख रुपये खर्च करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गयी.

कैबिनेट में लिये गये अन्य अहम फैसले

  • आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, नयी दिल्ली द्वारा सूचीबद्ध एजेंसियों का झारखंड वित्त नियमावली के नियम-235 में बदलाव को मंजूरी दी गयी. अब नियम- 245 के तहत मनोनयन करते हुए इन एजेंसियों के माध्यम से राज्य के समस्त पात्र लाभुकों को गोल्डेन कार्ड जारी करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गयी.

  • झारखंड टेक्सटाईल एप्परेल एंड फूटवियर पॉलिसी – 2016 की प्रभावी तिथि 19.09.2022 से नयी नीति अधिसूचित होने तक अथवा दिनांक 18.09.2023 तक, जो भी पहले हो, तक अवधि विस्तार की स्वीकृति दी गयी.

  • अंगीकृत बिहार वित्त अधिनियम, 1981 (निरसित), झारखंड मूल्यवर्द्धित कर अधिनियम, 2005 केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम, 1956, झारखंड होटल एवं विलासिता कर अधिनियम, 2011 अंगीकृत बिहार विद्युत कर अधिनियम, 1948, झारखंड मनोरंजन कर अधिनियम, 2012, झारखंड, झारखंड वृत्तियों, व्यापारों, आजीविकाओं और रोजगारों पर कर अधिनियम, 2011, झारखंड प्रवेश कर अधिनियम, 2011 एवं झारखंड विज्ञापन कर अधिनियम, 2012 से संबंधित वित्तीय वर्ष 2017-18 तक के मामलों के में बकाया राशि के समाधान हेतु पूर्व में प्रस्तुत ‘झारखंड कराधान अधिनियमों की बकाया राशि का समाधान विधेयक, 2022’ पर राज्यपाल महोदय की आपत्ति के उपरांत वापस लेते हुए यथा संशोधित ‘झारखंड कराधान अधिनियमों की बकाया राशि का समाधान विधेयक, 2022’ को झारखंड विधानसभा के आगामी सत्र में फिर से पारित कराने के प्रस्ताव को सरकार ने मंजूरी दे दी.

  • अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों की सीधी नियुक्ति में झारखंड राज्य की महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण देने के लिए ‘झारखंड राज्य कल्याण विभागीय आवासीय विद्यालय शिक्षक (नियुक्ति / प्रोन्नति एवं सेवा शर्त) नियमावली, 2017’ से आच्छादित शिक्षकों के पद को ‘झारखंड पदों एवं सेवाओं की रिक्तियों में आरक्षण अधिनियम, 2001’ के दायरे से बाहर करने के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया.

  • झारखंड में पिछड़े वर्गों के लिए राज्य आयोग के वित्तीय वर्ष 2020-21 (अवधि 01 अप्रैल, 2020 से 31 मार्च 2021) तथा वित्तीय वर्ष 2021-22 (अवधि 01 अप्रैल, 2021 से 31 मार्च, 2022 तक) का वार्षिक प्रतिवेदन विधानसभा के पटल पर रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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