जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद इलियास कश्मीरी का वीडियो वायरल होने के बाद मुंह छिपाता फिर रहा है पाकिस्तान

Masood Ilyas Kashmiri : जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद इलियास कश्मीरी का वीडियो वायरल होने के बाद पाकिस्तान को मुंह छिपाने के लिए जगह नहीं मिल रही है. पाकिस्तान पूरी दुनिया के सामने यह रोना रोता रहता था कि भारत जबरन उसपर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाता है. अब जबकि जैश के कमांडर मसूद ने सीना ठोक कर यह कहा है कि मसूद अजहर ने पाकिस्तान स्थित जैश के मुख्यालय से भारत के खिलाफ साजिश की और ऑपरेशन सिंदूर में मसूद अजहर का पूरा परिवार मारा गया, तो पाकिस्तान की हालत खराब है.

Masood Ilyas Kashmiri : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धार (मध्यप्रदेश) में एक जनसभा को संबोधित करते हुए जैश ए मोहम्मद के कमांडर मसूद इलियास कश्मीरी के वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया दी. पीएम मोदी ने कहा कि आज देश मां भारती की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है. पाकिस्तानी आतंकवादियों ने हमारी बहनों और बेटियों का सिंदूर मिटा दिया. हमने ऑपरेशन सिंदूर किया और आतंकी शिविरों को नष्ट कर दिया. हमारी बहादुर सेना ने पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया और इस बात की पुष्टि खुद आतंकवादियों के कमांडर कर रहे हैं.

जैश ए मोहम्मद के सरगना ने माना मसूद अजहर ने भारत के खिलाफ साजिश रची

मसूद इलियास कश्मीरी का जो वीडियो वायरल है उसमें वह यह कहता दिख रहा है कि मसूद अजहर ने अपनी कारगुजारियों से भारत को अशांत किया है. इलियास कश्मीरी यह कहता है कि मसूद अजहर ने पाकिस्तान के बालाकोट स्थित अपने अड्डे से भारत के खिलाफ आतंकी हमलों को अंजाम दिया. इलियास कश्मीरी यह भी कहता है कि मसूद अजहर ने दिल्ली और मुंबई में हुए हमलों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में सीधे तौर पर शामिल था.

ऑपरेशन सिंदूर में मसूद अजहर के परिवार वालों के टुकड़े हुए

जैश ए मोहम्मद का कमांडर मसूद इलियास कश्मीरी जेहादियों को संबोधित करते हुए यह कहता है कि 7 मई को भारत सरकार के ऑपरेशन सिंदूर में मसूद अजहर के परिवार वालों की मौत हो गई है. वह चीख-चीख कर यह कहता है कि मसूद अजहर के छोटे बच्चों की मौत हो गई, उनके शरीर के टुकड़े-टुकड़े हो गए.

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पाकिस्तान के लिए नया सिरदर्द है इलियास का बयान

पाकिस्तान हमेशा यह दावा करता है कि उसका आतंकवादियों से और उनके ठिकानों से कोई लेना-देना नहीं है. भारत उसपर आतंकियों को बढ़ावा देने का झूठा आरोप लगता है. अब जब जैश ए मोहम्मद का सरगना इस बात को स्वीकार कर रहा है कि मसूद अजहर ने भारत के खिलाफ आतंकी घटनाओं को पाकिस्तान की धरती से अंजाम दिया. साथ ही इलियास ने यह भी स्वीकारा है कि भारत के ऑपरेशन सिंदूर में जैश के बहावलपुर मुख्यालय और जामिया मस्जिद सुभान अल्लाह को भारी नुकसान हुआ

कौन है मसूद इलियास कश्मीरी

मसूद इलियास कश्मीरी जैश का कमांडर है. वह भारत के खिलाफ आतंकी साजिशों में शामिल रहा है. उसका जन्म पीओके में 1964 में हुआ है. वह पहाड़ी पंजाबी मूल का है. उसने इस्लामाबाद से काॅलेज की पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन पढ़ाई बीच में ही छोड़कर वह जेहादियों के गुट में शामिल हो गया. उसने सोवियत संघ के खिलाफ अफगानिस्तान में लड़ाई लड़ी.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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