महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर कैसे एक दुष्कर्मी तांत्रिक अशोक खरात के संपर्क में आईं?

Rupali Chakankar : रूपाली चाकणकर महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा नाम हैं, वे एनसीपी की सक्रिय राजनेता हैं और 20 मार्च तक वे राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष भी थी. एनसीपी के अजित पवार गुट में उनका रूतबा है, लेकिन अचानक एक ज्योतिष और तांत्रिक बाबा अशोक खरात के साथ संबंधों के कारण वो विवादों में आई और उन्हें इस्तीफा देना पड़ा.

Rupali Chakankar : महाराष्ट्र की राजनीति में अचानक सामने आई इस घटना ने सबको चौंका दिया है. दरअसल महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर का नाम एक ऐसे व्यक्ति से जुड़ा है, जो खुद को आध्यात्मिक गुरु और ज्योतिष बताता है,लेकिन उसपर कई महिलाओं का यौन शोषण करने का आरोप लगा है. उस व्यक्ति का नाम है- अशोक खरात. अशोक खरात के साथ तस्वीरें वायरल होने बाद रूपाली चाकणकर को इस्तीफा देना पड़ा. इस्तीफे की वजह यह है कि वे एक ऐसे पद पर बैठी थीं, जो महिला अधिकारों की रक्षक मानी जाती है, लेकिन उनके संबंध एक ऐसे व्यक्ति से उजागर हुए जो महिलाओं का यौन शोषण करता है. दबाव बढ़ने के बाद रूपाली को महिला मोर्चा के अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा देना पड़ा है. कई महिलाओं ने अशोक खरात पर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है, जिसके बाद 17 मार्च को अशोक खरात की गिरफ्तारी हुई.

अशोक खरात के साथ रूपाली चाकणकर की तस्वीर वायरल हुई

अशोक खरात का नाम मार्च महीने में तब चर्चा में आया, जब उसपर लगे यौन शोषण के आरोपों की जांच शुरू हुई. जांच के क्रम में अशोक खरात की कई तस्वीरें महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर के साथ सामने आईं और वे वायरल भी हो गईं. जब महिलाओं का यौन शोषण करने वाले ज्योतिष और खुद को आध्यात्मिक गुरु बताने वाले अशोक खरात के साथ रूपाली चाकणकर की तस्वीर वायरल हुई, तो सब यह जानने की कोशिश करने लगे कि आखिर महिला अधिकारों की रक्षा के लिए गठित आयोग की अध्यक्ष, महिलाओं का शोषण करने वाले के साथ कैसे हो सकती है?

अशोक खरात के साथ फोटो सामने आने पर पर रूपाली चाकणकर को देना पड़ा इस्तीफा

रूपाली चाकणकर का कहना है कि वह अशोक खरात को आध्यात्मिक गुरु के रूप में जानती हैं .उनके अपराधों की उन्हें कोई जानकारी नहीं थी. रूपाली ने यह भी कहा कि जबसे उन्हें अशोक खरात के अपराधों की जानकारी मिली है, वे उसके खिलाफ है. रूपाली की इस सफाई से भी जब बात नहीं बनी, तो अंतत: उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा.

कौन है अशोक खरात ?

अशोक खरात महाराष्ट्र के नासिक जिले का रहने वाला है. वह खुद को ज्योतिष,तांत्रिक और आध्यात्मिक गुरु के रूप में प्रस्तुत करता था.लोगों को ज्योतिष, पूजा-पाठ और समस्या समाधान के नाम पर सलाह देता था.वह खासकर महिलाओं को उनकी समस्याओं का समाधान बताता था. उसका एक आश्रम भी था, जहां उसने खुद को गुरु के रूप में स्थापित किया.वह महिलाओं के अंधविश्वास और मानसिक दबाव का इस्तेमाल कर उनका यौन शोषण करता था.

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By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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