Har Ghar Tiranga : ऑस्ट्रेलिया में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की धूम, देशभक्ति के जज्बे में लहराया तिरंगा

Har Ghar Tiranga : भारत का राष्ट्रीय ध्वज बहुत ही खास है. इसके तीनों रंग का एक खास अर्थ और महत्व है. तिरंगे पर बना अशोक चक्र भी खास महत्व रखता है और विशेष संदेश भी देता है. तिरंगे ने नीचे जब भारतीय आते हैं, तो उनके अंदर ना सिर्फ गर्व का भाव आता है, बल्कि वे खुद को सुरक्षित भी महसूस करते हैं.

Har Ghar Tiranga : ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत ना सिर्फ देश में बल्कि विदेशों में भी भारतीय अपने-अपने घरों में तिरंगा फहरा रहे हैं. 2022 में आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर भारत सरकार ने यह पहल की थी जो आज भी जारी है. आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत सरकार ने हर घर तिरंगा अभियान शुरू किया गया है. इस का उद्देश्य प्रत्येक भारतीय नागरिक को प्रेरित करना है कि वह अपने घर, कार्यालय, दुकान या संस्थान पर तिरंगा फहराए. इस अभियान के जरिए राष्ट्र के प्रति प्रेम और एकता का संदेश प्रसारित करना है.

यह अभियान आमतौर पर 13 से 15 अगस्त के बीच आयोजित किया जाता है. ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन में कला भारती ऑस्ट्रेलिया की संयोजक मधु खन्ना ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत की और ब्रिसबेन में रहने वाले भारतीयों को इस अभियान के प्रति जागरूक किया. इस मौके पर समाज के विभिन्न समुदायों के व्यक्तियों के साथ मिल कर विभिन्न उपनगरों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया. हिंदू, मुस्लिम,सिख, ईसाई सहित विभिन्न समुदाय के लोगों ने एकता के साथ तिरंगा लहराया. नीतू भगोटिया ने वाणिज्य दूतावास में बड़े उत्साह के साथ ध्वज फहराया. इस अभियान में पूरे उत्साह के साथ भाग लेने वालों में परनाम सिंह , रेड रॉकेट बरबैंक,ब्रिस्बेन, ऑस्ट्रेलियन इंडिया टाइम्स के संपादक व ऑस्ट्रेलियन इंडियन रेडियो के मालिक जितेंद्र डियो,पुष्पिंदर ओबरॉय , हिंद रतन अवार्डी , कुट्ज इंडियन फैशन एंड ब्यूटी की मेघना शर्मा, डॉ अक्षय मिश्रा कार्डियोलॉजिस्ट ,डॉ सिरिल फर्नांडीज, प्रेसिडेंट आई एम ए क्यू, डॉ लहाना , अंकुश शाह और मधु खन्ना शामिल थीं. इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को राष्ट्रीय ध्वज के महत्व और उससे जुड़े नियमों के बारे में जागरूक करना है.यह केवल ध्वज फहराने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का माध्यम है.

हर घर तिरंगा अभियान

कैसा हो तिरंगा

  • राष्ट्रीय ध्वज को सूती, पॉलिस्टर, ऊनी, रेशम अथवा खादी के कपड़े से बनाया जा सकता है.
  • ध्वज को सदैव सीधा फहरायें. केसरिया रंग ऊपर को हो.
  • ध्वज के ऊपर या बॉर्डर पर कोई भी लिखावट या डिजाइन ना बना हो.
  • राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुका कर केवल उन्हीं अवसरों पर फहराया जा सकता है, जिन के लिये भारत सरकार द्वारा निर्देश दिये गये हों.
  • राष्ट्रीय ध्वज का उपयोग परिधान जैसे वेशभूषा, वर्दी या नैपकिन आदि के रूप में नहीं किया जा सकता.


भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के प्रत्येक रंग और अशोक चक्र का महत्व

  1. केसरिया (ऊपरी पट्टी)

अर्थ: साहस, बलिदान और निःस्वार्थ भाव
महत्व: नागरिकों को राष्ट्र की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक शक्ति और आत्मा की याद दिलाता है.

  1. सफेद (मध्य पट्टी)

अर्थ: शांति, सत्य और ईमानदारी
महत्व: सभी समुदायों में सद्भाव को प्रोत्साहित करता है और राष्ट्रीय जीवन में सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है

  1. हरा (निचली पट्टी)

अर्थ: समृद्धि, विकास और उर्वरता
महत्व: राष्ट्र की कृषि परंपरा और प्रकृति के साथ उसके सामंजस्य का प्रतीक है

  1. अशोक चक्र (मध्य में गहरे नीले रंग का पहिया)

अर्थ: न्याय, धर्म (धार्मिकता) और प्रगति
महत्व: 24 आरे (spokes) दिन के 24 घंटों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो निरंतर गति और बिना रुके प्रगति का संदेश देते हैं
विदेश में रहते हुए भी सच्चे मन से हम सभी ने विभिन्न स्थानों में झंडा, अपने घरों के बाहर झंडा फहराया.

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लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

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