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Sarhul: झारखंड के सबसे बड़े त्योहार को मनाने के लिए हो जाएं तैयार, 50 साल पुराना है इतिहास

आदिवासियों के लिए सरहुल एक मुख्य पर्व होता है. आदिवासी इस दिन प्रकृति को सम्मान देते हुए उसकी पूजा करते हैं. सरहुल आदिवासियों के लिए बहुत महत्व रखता है और वह इससे जुड़ी सारी परंपराओं पूरी श्रद्धा के साथ मानते हैं. सरहुल आदिवासियों के लिए उनकी पहचान होती है.

Sarhul Outfit Ideas: सरहुल के दिन दिखें सबसे अलग, पहने ये ट्रेडिशनल आउटफिट्स

Sarhul Outfit Ideas: आदिवासियों के लिए सरहुल एक खास मौका होता है जिसमे आदिवासी लोग अपनी संस्कृति और परंपरा का प्रदर्शन करते हैं. इस दिन वह सुंदर और ट्रेडिशनल पोशाक पहने हुए नजर आते हैं. सरहुल के दिन को खास बनाने के लिए हम आपको बताएंगे कुछ ओउत्फिट्स जो आप सरहुल के दिन पहन सकते हैं.

Sarhul 2024: कब मनाया जाएगा सरहुल का पर्व, जानिए इस त्योहार के बारे में सबकुछ

Sarhul 2024: सरहुल झारखंड सहित आदिवासी बहुल राज्यों का सबसे बड़ा आदिवासी पर्व है. सरहुल का पर्व झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाकों में मनाया जाता है. आइए जानते है सरहुल से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें...

जमशेदपुर में आदिवासी सेमलेद के रूप में मना बाहा-सरहुल पर्व, लोग बोले- प्रकृति व संस्कृति है जीवन का आधार

जमशेदपुर के गोपाल मैदान में बाहा-सरहुल पर्व को आदिवासी सेमलेद के रूप में मनाया गया. यहां मौजूद कोल्हान के युवाओं ने कहा कि प्रकृति व संस्कृति जीवन का आधार है.

Sarhul 2023: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ऐसे मनाया सरहुल, आप भी देखें

Jharkhand Mein Sarhul 2023|झारखंड में आदिवासियों के सबसे बड़े त्योहार सरहुल की धूम मची है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी सरहुल का त्योहार मनाया. उन्होंने राजधानी रांची के करमटोली स्थित आदिवासी छात्रावास और न्यू गार्डन सिरमटोली स्थित सरना स्थल पर पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की.

Sarhul 2023: झारखंड के आदिवासी कल्याण मंत्री चंपई सोरेन ने लोगों को दी बधाई, कहा- पर्यावरण की देखभाल जरूरी

रामगढ़ में भी प्रकृति पर्व सरहुल महापर्व धूमधाम से संपन्न हुआ. इस मौके पर आदिवासी कल्याण मंत्री चंपई सोरेन ने लोगों को सरहुल की बधाई दी. कहा कि प्रकृति है तो हमारा जीवन है. वहीं, रामगढ़ विधायक सुनीता चौधरी ने कहा कि सरहुल जल, जंगल, जमीन और प्रकृति से जुड़ा पर्व है.

Sarhul 2023: सिमडेगा में सरहुल की धूम, लोगों ने प्रकृति की रक्षा का लिया संकल्प

प्रकृति का पर्व सरहुल सिमडेगा में धूमधाम से मनाया गया. पांरपरिक वेशभूषा में लोग मांदर और नगाड़े की थाप पर जमकर थिरकते नजर आये. शहर में शोभायात्रा निकाली गयी. इस दौरान कई संस्थाओं द्वारा शर्बत और चने का वितरण किया गया.

Sarhul 2023: मांदर की थाप पर थिरके गुमला एसपी, शोभायात्रा में हुए शामिल

गुमला में सरहुल पर्व शांतिपूर्ण संपन्न हुआ. प्रकृति पर्व सरहुल को लेकर गुमला एसपी डॉ एहतेशाम वकारीब भी काफी उत्साहित दिखें. रोजा रखे एसपी ने मांदर की थाप पर थिरके. वहीं, शोभायात्रा के वक्त भी अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौजूद रहे.

सरहुल के दिन पहले रोजे की शाम ऐसा दिखा चांद, देखें झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में कैसे दिखे चंदा मामा

समूचा झारखंड शुक्रवार को सरहुल के जश्न में डूबा था. आज ही मुस्लिम समुदाय के पाक महीना रमजान की शुरुआत हुई. पहले रोजे की शाम आसमान में कुछ इस तरह नजर आया चांद. यह तस्वीर बेहद खास है. इसलिए नहीं कि सरहुल और रमजान एक साथ मनाया गया और उस दिन चांद का ऐसा दीदार हुआ.

सरहुल पर बोले CM हेमंत सोरेन- आदिवासी छात्रावास का होगा कायाकल्प, लड़के-लड़कियों के लिए अलग-अलग हॉस्टल बनेंगे

सरहुल सिर्फ एक त्योहार नहीं है. यह प्रकृति से जुड़ाव का प्रतीक है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ये बातें करमटोली स्थित आदिवासी छात्रावास में आयोजित सरहुल महोत्सव को संबोधित करते हुए कहीं. इस अवसर पर उन्होंने सरना स्थल में पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और मांदर बजाकर लोगों के साथ खुशियां बांटी.

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