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  • Jan 7 2015 5:18PM

पेरिस की पत्रिका शाली एबदो के दफ्तर पर हमला करने वाले एक आतंकी हैमद मोराद ने किया आत्मसमर्पण

पेरिस की पत्रिका शाली एबदो के दफ्तर पर हमला करने वाले एक आतंकी हैमद मोराद ने किया आत्मसमर्पण
पेरिस : समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, पेरिस की पत्रिका शार्ली एबदो पर हमला करने के तीन दोषियों में एक ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है. आत्मसमर्पण करने वाले का नाम हैमद मोराद है. यह 18 वर्षीय युवक कहां का रहने वाला है, यह स्पष्ट नहीं है. पत्रिका के दफ्तर पर हमला करने वालों में दो सगे भाई शेरीफ क्वाची और सैयद क्वाची के साथ हैमद मोराद का नाम शामिल है. क्वाची बंधु फ्रांस के ही रहने वाले हैं. 2008 में शेरीफ क्वाची आतंकवाद के आरोप में 18 महीने जेल में भी रह चुका है. 
 
फ्रांस के पेरिस में एक पत्रिका के दफ्तर के अंदर हुई फायरिंग में कम से कम 12 लोगों के मारे जाने की खबर है. पत्रिका में प्रकाशित एक कार्टून से नाराज लोगों ने शार्ली एबदो नाम की इस पत्रिका के दफ्तर में फायरिंग की. पहले मिली जानकारी के मुताबिक, फायरिंग करने वाले आतंकियों की संख्या दो बताई जा रही थी. लेकिन बाद में  मिली जानकारी के मुताबिक फ्रांस के इंटीरियर मिनिस्टर ने हमलावरों की संख्या तीन बताई है. 
 
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया है कि दोनों हमलावरों को को फ्रेंच भाषा की अच्छी जानकारी थी. इस हमले के दौरान उन्होंने फ्रेंच में ही कुख्यात आतंकवादी संगठन अल-कायदा का नाम लिया. उन्होंने कहा कि वे लोग अल-कायदा से जुड़े हैं.
 
इस हमले में मरने वालों में कम से कम दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. यह पत्रिका अपनी व्यंगात्मक शैली को लेकर जानी जाती है. यह पत्रिका अपनी खबरों और व्यंग को लेकर अकसर विवादों में रहती आयी है. फ्रांस और यूरोप के राजनेताओं पर व्यंग लिखने और छापने के अलावा पत्रिका शार्ली एबदो ने इस्लाम और इसके धार्मिक पैगम्बर पर भी व्यंग और कार्टून छापे थे. इन सब वजहों से इस पत्रिका और इसके पत्रकारों को कई बार जान से मारने की धमकी भी मिल चुकी थी.
 
जिस जगह पर फायरिंग हुई है, वह कामर्शियल व रेसिडेंशियल एरिया है. दो नवंबर 2011 को भी इस पत्रिका के दफ्तर पर हमला हुआ था और इसकी वेबसाइट को भी हैक कर लिया गया था. पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर ली है. फ्रांस के राष्ट्रपति ने इस हमले को लेकर अपनी कैबिनेट की आपातकालीन बैठक बुलायी.
 
कहा जा रहा है कि आइएसआइएस प्रमुख बगदादी के खिलाफ इस पत्रिका ने एक व्यंग प्रकाशित किया था. ऐसे में संभव है कि उसके विरोध स्वरूप भी इस पत्रिका के दफ्तर पर हमला हुआ हो. हमलावर कार हाइजैक कर राइफल के साथ घटना को अंजाम देने पहुंचे थे. 

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