Advertisement

women

  • Apr 14 2017 10:53AM

लंबी महिलाओं को हार्ट की समस्या

लंबी महिलाओं को हार्ट की समस्या

लंबी व भारी-भरकम शरीर वाली महिलाओं को हार्टबीट डिसऑर्डर होने की संभावना छोटी महिलाओं से तीन गुणा ज्यादा होती है. स्वीडन में 1.5 मिलियन लोगों पर किये गये शोध में इसका खुलासा हुआ है. शोधकर्ताओं के अनुसार विश्व में ऐसी महिलाओं की संख्या बढ़ती जा रही है, जो चिंता का मुख्य कारण है. स्वीडन में हुए एक हालिया शोध के अनुसार बड़ी और लंबी महिलाओं को छोटी महिलाओं की अपेक्षा अनियमित हार्टबीट समस्या की संभावना तीन गुणा ज्यादा रहती है. इस बीमारी को साधारण बोलचाल की भाषा में एट्रियल फिबिलीशन कहा जाता है. 

रिसर्चर बताते हैं कि वयस्क होते समय महिला का शरीर अगर भारी-भरकम है तो ऐसी महिलाओं को भविष्य में हार्ट डिसऑर्डर की संभावना बनी रहती है. रिसर्च लेखिका अनीका रोसगेरेन बताती हैं कि जैसे-जैसे शरीर के आकार में बढ़ोतरी होती है, खतरा वैसे ही बढ़ता जाता है. स्वीडन के गोटेबोर्ग विश्वविद्यालय में आंतरिक चिकित्सा के प्रोफेसर रोजेंग्रेन ने बताया कि जिन लोगों के शरीर का ऊपरी हिस्सा निचले हिस्से से ज्यादा होता है, उनमें यह समस्या होने की संभावना सामान्य लोग से तिगुनी होती है. 

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक, इसमें धड़कन अनियमित रूप से धड़कने लगता है.  शोधकर्ताओं ने बताया कि धड़कन की समस्या आम तौर पर पांच में से एक व्यक्ति हो होती है. लेकिन यह 60 की उम्र पार कर चुके लोगों को ज्यादा प्रभावित करती है. रोजेंग्रेन ने बताया कि यह समस्या बहुत जल्दी पूरे विश्व को प्रभावित कर सकती है. क्योंकि दुनिया की आबादी में लंबी और वजनी लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है. 

न्यूयॉर्क शहर में माउंट सिनाई हेल्थ सिस्टम के हार्ट सर्जरन निदेशक डॉ. एलन स्टीवर्ट ने बताया कि हार्ट के मशल टीशू दोहरा कार्य करते हैं. प्रत्येक कोशिका नियमित हृदय की मांसपेशियों का संकुचन करती है जो शरीर के माध्यम से खून को पंप करती है. लेकिन कोशिकाओं को एक विद्युत आवेग के साथ भी जाना जाता है जो दिल की धड़कन को नियंत्रित करता है. अट्रिया के बड़े होने पर यह विद्युत आवेग प्रभावित हो जाता है. इसके आधार पर कहा जा सकता है कि जो लोग स्वाभाविक रूप से बड़े या लंबा हैं उन्हें सही भोजन व व्यायाम के साथ एक अच्छा जीवन शैली जीना चाहिए. 

बीमारी के बाद 7,000 महिलाएं अस्पताल में भरती

यह शोध स्वीडन की 1.5 मिलियन महिलाओं पर किया गया है. शोधकर्ताओं ने राष्ट्रीय जन्म रजिस्ट्री का उपयोग करते हुए यह जांच महिलाओं की पहली गर्भावस्था से शुरू की जब औसतन महिलाओं की उम्र 28 साल के आसपास थी. रजिस्ट्री में ऊंचाई और वजन का डेटा होता है, जिससे शोधकर्ताओं को प्रत्येक महिला के शरीर की सतह के आकार की जानकारी मिली. रजिस्ट्री में मधुमेह, उच्च रक्तचाप और धूम्रपान जैसी अन्य हृदय जोखिम वाले कारकों की भी जानकारी थी. 

जांचकर्ताओं ने 16 साल की महिलाओं को औसतन ट्रैक किया. शोध में पता चला की 7,000 महिलाएं जिनकी औसत उम्र 49 वर्ष थी, उन्हें एट्रियल फिबिलीशन के कारण अस्पताल में भरती कराया गया. रोजगेरेन ने बताया कि एक बड़ा शरीर का मतलब है, बड़ा अट्रीया, जिसमें एट्रियल फिबिलीशन का खतरा बढ़ जाता है.

Advertisement
पोल
इस बार गुजरात में किसकी बनेगी सरकार? क्या है आपकी राय बतायें?


View Result
Advertisement

Comments