Advertisement

saharsa

  • Jul 17 2019 6:51AM
Advertisement

बाढ़ से मची तबाही प्रशासन संवेदनहीन

बाढ़ से मची तबाही प्रशासन संवेदनहीन

 महिषी : रविवार के दिन कोसी नदी में अधिकतम जल निस्सरण के कारण कोसी के गर्भ में अवस्थित 11 पूर्ण ग्राम पंचायतों विरगांव, कुंदह, भेलाही, आरापट्टी, ऐना, झारा, घोंघेपुर, तेलवा पूर्वी व पश्चिमी, मनोवर व बघवा एवं चार आंशिक पंचायत नहरवार, सिरवार विरवार, राजनपुर व महिषी दक्षिणी के दर्जनों गांव बाढ़ के पानी से घिर गया है. 

 
बलुआहा गंडौल पथ को छोड सभी संपर्क पथ पानी में डूब चुका है व आवागमन के लिये एकमात्र नाव ही बैशाखी बना है. मनोवर पंचायत के मोहम्मदपुर, सिद्धिकपुर व मनोवर के 70 से अधिक परिवार बलान बांध पर शरण लिए हुए हैं. वहीं मध्य विद्यालय मुरली, मध्य विद्यालय आरा व उर्दू मध्य विद्यालय लिलजा भी बाढ़ पीड़ितों का आशियाना बना हुआ है.
 
 लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है व चंद नाव का बंदोबस्त कर व पॉलिथिन का बंटवारा कर अंचल व जिला प्रशासन अपनी पीठ थपथपाने की कोशिश में लगा है. घोंघेपुर में बाढ़ के पानी में एक गाय व मंगलवार को ऐना पंचायत के करहरा में युवक की डूबने से मौत हो जाने के बाद भी जिला प्रशासन को महिषी प्रखंड क्षेत्र में बाढ आपदा का भान नहीं हो पा रहा है. 
 
सरकारी प्रतिवेदन में नहीं है महिषी के बाढ़ की चर्चा: मंगलवार को एक अंग्रेजी अखबार में मात्र नवहट्टा प्रखंड में बाढ के कहर की स्वीकारोक्ति के बयान से जनाक्रोश चरम पर है. लोगों का कहना है कि कोसी का कहर जिले के नवहट्टा, महिषी, सिमरी व सलखुआ में एक समान होता है.
 
 यह अलग बात है कि प्रवेश द्वार पर नवहट्टा होने के कारण पहले वहां पानी का प्रवेश होता है व फिर वही पानी महिषी, सिमरी के रास्ते सलखुआ होते कुरसेला नदी में मिलती है. क्या नवहट्टा से पानी पुनः बैरेज की ओर मुड जाती जो इन क्षेत्रो के साथ प्रशासन सौतेला रवैया अपनाती है. 
 
सावन की घटा के बरसने से पूर्व ही बराज से अप्रत्याशित पानी का डिस्चार्ज लोगों को ऐसी तबाही दी कि अपने घरों से अनाज व मवेशियों को भी सुरक्षित कर पाना असंभव हो गया. धान का बिचरा व खेती पानी में डूब गया. लेकिन प्रशासन सरकार में तबाही का संदेश देने में भी आनाकानी कर रही है. अगर शीघ्र प्रखंड क्षेत्र को आपदा से नहीं जोड़ा गया तो बाढ़ पीड़ित पंचायतों के लोग उग्र आंदोलन पर विवश होंगे.
 
दस्त की रोकथाम के लिए बांटा जा रहा ओआरएस व जिंक की गोली
सलखुआ : प्रखंड के 11 पंचायत में बाढ़ से निबटने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी, अंचल व प्रखंड के आवास सहायक सहित सभी कर्मियों की बैठक मंगलवार को बीडीओ प्रेम कुमार अध्यक्षता में उन्हीं के वेश्म में हुई. बीडीओ ने सभी पदाधिकारी सहित कर्मियों की अगले 24 घंटे तक की छुट्टी रद्द करते संपर्क में रहने का निर्देश दिया.
 
 बैठक में सीओ श्याम किशोर यादव, चिकित्सा पदाधिकारी मिनाज आलम, पशुपालन पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी संजीव सिंह, प्रभारी अंचल निरीक्षक ब्रजनंदन सिंह, सहायक मनोज कुमार साह मौजूद थे. 
 
चिकित्सा पदाधिकारी मिनाज आलम ने बताया कि 17 जुलाई से शिविर के द्वारा जगह चिह्नित कर सभी चापाकल में क्लोरीन की गोलीदी जायेगी. हेलोजन टेबलेट, ओआरएस, ब्लीचिंग पाउडर आदि की उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी. बीडीओ ने बीएसओ को खाद्यान्न का भंडारण सुनिश्चित करने को कहा. 
 
17 से 30 तक पशुओं का होगा टीकाकरण: प्रखंड के तटबंधों का स्थल निरीक्षण बाढ़ नियंत्रण के लिए संयुक्त रूप सीओ द्वारा किये जाने की बात कही गयी. बाढ़-कटाव निरोधी कार्य का जायजा लेने गये सभी पदाधिकारियों ने कर्मियों को आवश्क निर्देश दिया. 
 
पशुपालन पदाधिकारी ने बाढ़ पीड़ितों को पशुओं में लंगड़ी रोग व अन्य रोगों के लिए 17 जुलाई से लेकर 30 जुलाई तक प्रखंड और एक जगह चिह्नित कर पशुओं को टीकाकरण किये जानकारी दी. 
 
चिकित्सा पदाधिकारी ने दस्त की रोकथाम के लिए सभी परिवारों को ओआरएस व जिंक के टेबलेट का मुफ्त वितरण एवं नौ माह से पांच वर्ष के बच्चों को विटामिन ए का खुराक दिये जाने की जानकारी दी. 
 
कहा कि एनीमिया के रोकथाम व बच्चों को खून की कमी को दूर करने के लिए प्रखंड के सभी पंचायत के ग्रामीणों को आयरन का टॉनिक वितरण किया जाएगा. सलखुआ के चिकित्सा पदाधिकारी मीनाज आलम ने बताया कि सर्पदंश की दवा उपलब्ध रहने की जानकारी दी.
 
Advertisement

Comments

Advertisement
Advertisement