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ranchi

  • Jun 15 2019 12:16AM
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कागजों पर हो रही ध्वनि प्रदूषण को रोकने की कार्रवाई : हाइकोर्ट

 रांची  : झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस डॉ एसएन पाठक की अदालत में शुक्रवार को ध्वनि प्रदूषण को लेकर स्वत: संज्ञान से दर्ज याचिका पर सुनवाई हुई.  अदालत ने ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए पूर्व में दिये गये आदेशों का अनुपालन नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को फटकार लगायी. अदालत ने माैखिक रूप से कहा कि अधिकारियों द्वारा की गयी कार्रवाई सिर्फ कागजों पर सिमटी हुई है. कागजी कार्रवाई से ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम नहीं हो सकती है. जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाना होगा. 

 
ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए जमीनी स्तर पर काम नहीं हो रहा है. झारखंड स्टेट पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, उपायुक्त, एसएसपी आदि द्वारा अदालती आदेशों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है. अधिकारी आदेशों का अनुपालन नहीं करते हैं. हाइकोर्ट के आसपास ध्वनि प्रदूषण पर रोक के लिए कागज का पोस्टर लगाया गया, जिसमें से कुछ पोस्टर  गायब हो गये हैं. 
 
 जस्टिस पाठक की अदालत ने कहा कि पिछले दिनों उनके घर के समीप रात को लगभग एक बजे तक बैंड-बाजा बज रहा था. उन्होंने संबंधित थाना प्रभारी को इसकी जानकारी दी. प्राथमिकी दर्ज कर अदालत को अवगत कराने को कहा, लेकिन इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 17 जून की तिथि निर्धारित की. 
 
सुनवाई के दाैरान उपस्थित महाधिवक्ता अजीत कुमार ने कहा कि मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. अदालत के आदेश का पूरी तरह से अनुपालन कराया जायेगा. उल्लेखनीय है कि डोरंडा में हाइकोर्ट के पास तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने को लेकर हाइकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए याचिका में तब्दील कर दिया था. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व जिला प्रशासन को ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाने का आदेश दिया था.
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