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ranchi

  • Oct 16 2017 7:24AM

रांची के SSP का ‘सिंघम’ अवतार, AK-47 लेकर नंगे पांव दौड़ गये, शूटर्स को दबोचा, देखें VIDEO & PICS

रांची के SSP का ‘सिंघम’ अवतार, AK-47 लेकर नंगे पांव दौड़ गये, शूटर्स को दबोचा, देखें VIDEO & PICS
रांची : बिल्डर मदन मंडल और  बिल्डर गंगा राम की हत्या करने पहुंचे पांच अपराधियों को पुलिस ने रविवार दोपहर एक बजे धुर्वा इलाके में गिरफ्तार कर लिया. तीन शूटर मंगल राय, दिलीप वर्मा (लातेहार) और रॉकी की गिरफ्तारी धुर्वा से हुई. वहीं, जेपी शुक्ला (लेस्लीगंज) व  वीरेंद्र ने मुठभेड़ के बाद जेएससीए स्टेडियम  के पास सरेंडर कर दिया. इनकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या की योजना में शामिल एक अन्य अपराधी सुमित को गिरफ्तार किया है. मुठभेड़ के दौरान अपराधियों ने पुलिस पर 15 राउंड गोली चलायी.

पुलिस ने 12 राउंड फायरिंग की. एसएसपी  कुलदीप द्विवेदी भी हाथ में एके- 47 लेकर घटनास्थल पर पहुंच गये. उन्होंने   अपराधियों से कहा कि सरेंडर कर दो, नहीं तो मारे जाओगे. इसके बाद दोनों  शूटरों ने सरेंडर कर दिया. उनके पास से दो पिस्टल, मैगजीन और एक दर्जन से  अधिक गोली बरामद किये गये. 
घटनास्थल से सीबीजेड बाइक भी बरामद की गयी है. गिरफ्तार अपराधियों ने पुलिस को बताया है कि भाजपा    नेता बीनू गोप ने दोनों बिल्डरों को मारने की सुपारी दी थी. 
 
ऐसे पकड़ में आये अपराधी 
एसएसपी कुलदीप  द्विवेदी को सूचना मिली थी कि शालीमार बाजार (धुर्वा) में बिल्डर मदन मंडल  और हरमू में गंगा राम की हत्या करने के लिए दो शूटर बाइक से धुर्वा इलाके  में घूम रहे हैं. इसके बाद पुलिस ने धुर्वा से मंगल राय, दिलीप  वर्मा और रॉकी को पकड़ लिया. सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि   अपराधी जेपी शुक्ला और वीरेंद्र बाइक से धुर्वा स्टेडियम के आस- पास बिल्डर   मदन मंडल की हत्या के लिए रेकी कर रहे हैं. इस सूचना पर सिटी एसपी  अमन कुमार के नेतृत्व में कोतवाली डीएसपी भोला प्रसाद सदल-बल तत्काल एचइसी प्लांट  अस्पताल के पीछे पहुंचे. उन्हें देखते ही बाइक सवार दोनों अपराधी फायरिंग  करते हुए भागने लगे. फायरिंग में डीएसपी बाल-बाल बचे. धुर्वा थाना  प्रभारी तारकेश्वर राम ने अपराधियों को पीछा कर जीप से धक्का मार कर  बाइक से गिरा दिया. इसके बाद अपराधी प्लांट अस्पताल से पैदल ही फायरिंग  करते हुए जेएससीए स्टेडियम के नॉर्थ गेट की ओर भागने लगे. इसी बीच नार्थ  गेट के पास एसएसपी कुलदीप द्विवेदी हाथ में एक- 47 लेकर पहुंच गये. उन्होंने  अपराधियों का काफी दूर तक पीछा किया.  कीचड़ में उनका जूता फंस गया, तो वह  नंगे पैर अपराधियों के पीछे दौड़ने लगे. इसी बीच मौका देख अपराधी  झाड़ी और  पेड़ की आड़ से पुलिस पर  फायरिंग करने लगे. एसएसपी ने माइक से एनाउंस कर  अपराधियों को सरेंडर करने को कहा. इसके बाद दोनों अपराधियों ने सरेंडर कर दिया. 
 
पांच-पांच लाख की मिली थी सुपारी
गिरफ्तार अपराधी जेपी शुक्ला ने बताया कि उसे हिनू  निवासी जमीन कारोबारी व भाजपा नेता बीनू गोप ने हेथू निवासी बिल्डर मदन मंडल और विद्यापति नगर   निवासी बिल्डर गंगा राम की हत्या के लिए पांच- पांच लाख रुपये की सुपारी दी   थी. सुपारी अरगोड़ा के राकेश नामक अपराधी और लातेहार के दिलीप वर्मा  के  जरिये मिली थी. अपराधियों ने बताया कि बीनू गाेप का गंगा राम के साथ जमीन को लेकर पिछले एक साल से विवाद था. पुलिस ने बीनू गोप की तलाश में छापेमारी की, लेकिन वह   नहीं मिला. पुलिस  अपराधियों से पूछताछ करने के बाद उनके अन्य सहयोगियों  की  तलाश में छापेमारी कर रही है. दिलीप वर्मा लातेहार का और मुन्ना राय   धुर्वा का रहनेवाला है. बताया जाता है कि जेपी शुक्ला  सेवानिवृत्त   पुलिसकर्मी का पुत्र है. वहीं दूसरी ओर राकेश पुराना अपराधी है और लातेहार में ही रहता है.

 
पुलिस व अपराधियों के बीच आधे घंटे चली मुठभेड़, दहशत में थे लोग
 धुर्वा थाना क्षेत्र के जेएससीए स्टेडियम के पास पुलिस और अपराधियों के बीच करीब आधा घंटा तक मुठभेड़ चली. भुठभेड़ दिन के करीब एक बजे तब शुरू हुई, जब बाइक सवार अपराधी जेपी शुक्ला और वीरेंद्र कोतवाली डीएसपी पर फायरिंग करने लगे. इसके बाद डीएसपी को बचाने के लिए धुर्वा इंस्पेक्टर तारकेश्वर राम और जमादार सत्येंद्र कुमार सिंह ने भी अपराधियों पर फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद बाइक से भाग रहे अपराधियों को पुलिस ने धक्का मार कर गिरा दिया. इसके बाद अपराधी बाइक छोड़ कर भागते हुए पेड़ और झाड़ी के अंदर छिप गये. पुलिस भी अपराधियों के पीछे हो ली़.  

इस दौरान एक ओर से कोतवाली डीएसपी और अरगोड़ा थाना प्रभारी अपराधियों को घेर हुए थे. दूसरी ओर से धुर्वा थाना प्रभारी और जगन्नाथपुर थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार सिंह अपराधियों को घेरे हुए थे. एक छोड़ से एसएसपी कुलदीप द्विवेदी भी अपराधियों को घेरे हुए थे. अपराधियों को पकड़ने के दौरान एसएसपी का पैर कीचड़ में फंस गया. इसके बाद वे खाली पैर ही अपराधियों को दौड़ाने लगे. इस दौरान भी अपराधी फायरिंग करने लगे. 
पुलिस भी रुक-रुक पर अपराधियों पर फायरिंग करती रही. बाद में पुलिस के सामने हार मान कर अपराधियों ने सरेंडर कर दिया. इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया. इसी बीच घटना की सूचना मिलने पर लालपुर थाना प्रभारी रमोद कुमार, सदर थाना प्रभारी दयानंद कुमार सहित अन्य थानेदार भी वहां पहुंचे. इसके बाद झाड़ियों और खेत में सर्च अभियान चलाया गया. अभियान के दौरान पुलिस को गोली के खोखे मिले. इस दौरान गोलियों की आवाज सुन कर स्थानीय लोग दहशत में थे. पुलिस ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरे इलाके को सील कर दिया था, ताकि घटना के दौरान कोई ग्रामीण मुठभेड़ स्थल के आस-पास न पहुंचे सकें.  

ग्रामीणों ने ताली बजा कर किया स्वागत  
मुठभेड़ खत्म होने के बाद जब एसएसपी और उनकी टीम में शामिल पुलिसकर्मी गिरफ्तार दोनों अपराधियों को लेकर बाहर निकले, तब आस-पास के ग्रामीणों ने ताली बजा कर पुलिस की टीम का स्वागत किया. एसएसपी को उनकी बहादुरी के लिए क्षेत्र की जनता ने बधाई दी. डीजीपी डीके पांडेय ने भी एसएसपी और उनकी टीम को बधाई दी है.   
 
कामख्या सिंह की हत्या करने शूटरों के आने की अफवाह उड़ी
कोतवाली थाना क्षेत्र के निवासी जमीन कारोबारी सह बिल्डर कामख्या सिंह की हत्या के लिए शूटरों के आने की अफवाह रविवार को एक थानेदार ने उड़ा दी. थानेदार ने कामख्या सिंह को यहां तक कहा कि आज वे घर से न निकलें. खतरा हो सकता है. सुरक्षा को लेकर पुलिस वाले कामख्या सिंह के घर के अास-पास निगरानी भी रखने लगे. जेएससीए स्टेडियम के पास दो शूटरों के पकड़े जाने के बाद कामख्या सिंह तक यह खबर भी पहुंची कि उनकी हत्या के लिए पहुंचे शूटर पकड़े जा चुके हैं. इनमें से एक शूटर का नाम जेपी शुक्ला है. कामख्या सिंह को यह भी पता चल गया  कि शूटरों की योजना किसी जमीन विवाद में उनकी हत्या करने की थी. इसके लिए शूटरों ने डेढ़ करोड़ में सुपारी भी ले रखी थी, लेकिन पुलिस की सक्रियता से शूटर पकड़ गये. बाद में जब पुलिस अधिकारियों ने इस बात का सत्यापन किया, तब उन्हें पता चला कि ऐसी कोई बात की नहीं थी. कामख्या सिंह की हत्या करने शूटर नहीं आये थे. यह महज अफवाह थी.
 
अपराधियों ने कई जानकारी दी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार अपराधियों ने पूछताछ में बताया कि वे बिल्डर की हत्या करने आये थे.  पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एसएसपी की सक्रियता के कारण बड़ी घटना टल गयी. अपराधियों के बारे में एसएसपी ने रविवार की सुबह 10 बजे ही सभी थानेदारों को एलर्ट कर दिया था. इसके बाद सभी थानेदार अपने-अपने क्षेत्र में बाइक सवार दो अपराधियों की तलाश में जुट गये थे. गिरफ्तार अपराधियों ने पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारी दी है. इसके बारे पुलिस सत्यापन कर रही है.  पुलिस की टीम अपराधी राकेश व अन्य की तलाश में लातेहार गयी है़  
 
तमाचा मारने के बाद सोनू की जेपी शुक्ला ने कर दी थी हत्या
धुर्वा के जेएससीए स्टेडियम के समीप रविवार को पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार जेपी शुक्ला ने सोनू ठाकुर हत्याकांड में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है. सोनू ठाकुर की हत्या शनिवार की रात नौ बजे सुखदेवनगर थाना के पीछे मिलन चौक के समीप हुई थी. जेपी शुक्ला ने बताया कि वह दोन बिल्डर की हत्या के लिए वीरेंद्र के साथ रांची पहुंचा था. यहां राकेश से मिलने के बाद दोनों धुर्वा निवासी मुन्ना राय से मिले.  जेपी शुक्ला और वीरेंद्र के साथ विशाल और सुमित भी दोनों बिल्डर की हत्या करने वाले थे. दिलीप वर्मा को उक्त चारों लोगों को हथियार उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी. दिलीप वर्मा ने चारों अपराधियों से  मिलने के लिए अपने साला राहुल और उसके दोस्त रॉकी को मिलन चौक के पास भेजा. वहां राहुल का विवाद पहले जेपी शुक्ला के साथ हुआ. इस पर उसने राहुल को देख लेने की धमकी दी. इस पर राहुल ने अपने दोस्त सोनू ठाकुर को विवाद सुलझाने के लिए बुलाया. विवाद के दौरान मधुकम निवासी सोनू ठाकुर ने जेपी शुक्ला को एक तमाचा मार दिया. इस पर जेपी शुक्ला ने कमर से पिस्टल निकाल कर उसके सीने में गोली मार उसकी हत्या कर दी. जेपी शुक्ला पुराना अपराधी है. उसका संबंध पूर्व में डब्ल्यू सिंह गिरोह से भी रहा है. वह पलामू के लेस्लीगंज का का रहने वाला है. उसके पिता पुलिस में जमादार से रिटायर्ड हुए हैं. वह पूर्व में भी पलामू में आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे चुका है. वह पूर्व में जेल भी जा चुका है. पलामू में उसके खिलाफ विभिन्न थानों में पहले से मामले दर्ज हैं. जेपी शुक्ला का रांची के पुराने अपराधियों से संबंध रहा है.

वह अक्सर रांची आना-जाना करता था. उसके गिरोह से जुड़े कुछ लोग पहले से रांची में रहते हैं. मामले में पुलिस जेपी शुक्ला ने सोनू ठाकुर हत्याकांड में कई बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है. उल्लेखनीय है कि सोनू ठाकुर को सीने में गोली लगी थी. गोली लगने के बाद वह घायल अवस्था में दौड़ते हुए सुखदेवनगर थाना पहुंचा था. पुलिस ने उसे इलाज के लिए रिम्स में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने शुरुआती जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया था. घटना के दौरान रॉकी की संलिप्तता की बात भी सामने आयी थी.
 
 

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