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  • Jun 13 2019 8:03AM
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पटना : गांधी सेतु का एक लेन दिसंबर तक चालू

पटना : गांधी सेतु का एक लेन दिसंबर तक चालू
पटना : महात्मा गांधी सेतु  का एक लेन इस साल दिसंबर तक चालू होगा. पटना-गया सड़क की  मरम्मत अक्टूबर तक पूरी हो जायेगी. छपरा बाईपास तीन महीने में पूरा होगा.  साथ ही सोन नदी पर कोइलवर पुल मार्च 2020 तक चालू होगा. पथ निर्माण मंत्री  नंद किशोर यादव ने बुधवार को एनएचएआइ द्वारा राज्य में किये जा रहे कार्यों की  समीक्षा बैठक के बाद यह जानकारी की. 
 
वे एनएच की परियोजनाओं पर  विचार-विमर्श के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय मंत्री  के साथ बैठक में शामिल होने दिल्ली रवाना हो गये. इस बैठक में विभागीय प्रधान सचिव और विशेष सचिव भी मौजूद रहेंगे. मंत्री नंदकिशोर यादव ने कहा है कि राज्य में सड़कों के विकास के लिए घोषित प्रधानमंत्री पैकेज की 75 योजनाओं का काम प्रगति पर है. इसमें से 10 योजनाएं पूर्ण हो गयी हैं. 41 योजनाओं पर काम हो रहा है. 20 योजनायें स्वीकृति व निविदा की प्रक्रिया में हैं और शेष चार परियोजनाओं का डीपीआर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण तैयार कर रहा है. 
 
समीक्षा के क्रम में मंत्री नंद किशोर यादव ने निर्देश दिया कि राज्य के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर चल रहे निर्माण कार्यों में गुणवता के लिए निर्धारित मापदंडों का पालन हो. साथ ही सभी सड़कों को अच्छी स्थिति में बनाये रखने के लिए समय पर रखरखाव कराया जाये. बैठक में पीएम पैकेज के अधीन एनएचएआइ, विभागीय एनएच डिवीजन के द्वारा कराये जाने वाले कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गयी. इन्हें समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया. 
 
भूमि अधिग्रहण का निर्देश : उन्होंने कहा कि एनएच-104 और एनएच-106 में विश्व बैंक सहायता से कराये जा रहे कार्यों में ठेकेदार के ट्रिब्यूनल में चले जाने के कारण काम प्रभावित हो रहा है.
 
इस संबंध में ठेकेदार के साथ किये गये एकरारनामे पर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा निर्णय लिये जाने की आवश्यकता है. बैठक में महात्मा गांधी सेतु के समानांतर 29 अरब 26 करोड़ रुपये की लागत से बनाये जाने वाले नये चार लेन पुल और एनएच-106 पर कोशी नदी पर फुलौत में पुल और विक्रमशिला सेतु के लिए भूमि अधिग्रहण जल्द पूरा करने का निर्देश दिया. 
 
डीपीआर की नहीं मिली स्वीकृति  
 
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि एनएच–103 (हाजीपुर–मुसरीघरारी), एनएच–110 (बिहारशरीफ–जहानाबाद– अरवल), एनएच–333 (बरियारपुर–जमुई–देवघर) एवं एनएच–333ए (बरबीघा–शेखपुरा– सिकंदरा–जमुई–बांका–पंजवारा) का डीपीआर स्वीकृति हेतु पिछले वित्तीय वर्ष में मंत्रालय को दिया गया था, लेकिन स्वीकृति नहीं मिली. इस कारण कुछ सड़कों स्थिति खराब हो गयी है. उन्हें बनाने के लिए केंद्र से अनुरोध किया गया है. 
 
ये रहे मौजूद : समीक्षा बैठक में 
 
विभाग के प्रधान सचिव  अमृत लाल मीणा, विशेष सचिव देवेश सेहरा, अभियंता प्रमुख लक्ष्मी नारायण  दास, सड़क परिवहन मंत्रलय के क्षेत्रीय अधिकारी श्री आर. पी. सिंह,  राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के क्षेत्रीय पदधिकारी एके मिश्रा और  नेशनल हाइवे डिवीजन के मुख्य अभियंता उपस्थित थे.
 
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