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patna

  • Mar 16 2019 5:17AM

मोटापे का समाधान खोजने में जुटा आइजीआइएमएस

मोटापे का समाधान खोजने में जुटा आइजीआइएमएस

 पटना : शहर के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के फिजियोलॉजी विभाग की ओर से मोटापे को बढ़ाने वाले जीन सी 5 एल 2 पर रिसर्च शुरू किया गया है. इस जीन की ब्लड में उपस्थिति के कारण मरीज को मोटापे और मेटाबॉलिक सिंड्रोम से होने वाली समस्याओं का पहले ही अनुमान लगाया जा सकता है.

 
 संस्थान की एथिकल कमेटी की मंजूरी के बाद फिजियोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने शोध शुरू किया है. आइजीआइएमएस के डॉक्टरों की मानें, तो रिसर्च पूरा होने के बाद आम लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा और इसके अच्छे परिणाम भी आयेंगे. 
 
पांच प्रतिशत लोग मोटापे की 
गिरफ्त में : आइजीआइएमएस के डॉक्टरों की मानें, तो संस्थान में आने वाले कुल मरीजों में पांच प्रतिशत ऐसे मरीज हैं, जो मोटापे की वजह से परेशान हैं. अधिक मोटापे की वजह से ये मरीज किसी-न-किसी बीमारी की चपेट में हैं. 
 
ऐसे में कुछ मरीजों का इलाज मेडिसिन, गैस्ट्रो, कार्डियोलॉजिस्ट आदि विभागों में चल रहा है. मोटापे की वजह से बढ़ती बीमारी को देखते हुए संस्थान ने रिसर्च करने का निर्णय लिया. यह शोध अगले छह माह के अंदर पूरा कर लिया जायेगा.
 
यह जीन है मोटापे का कारण 
फिजियोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने बताया कि जीन सी 5 एल 2 में अधिक एपीएस प्रोटीन बनता है. अगर यह प्रोटीन किसी व्यक्ति में तय मात्रा से अधिक पाया गया, तो उसका मोटापा तेजी से बढ़ता है. 
 
इतना ही नहीं अगर यह प्रोटीन शरीर में अधिक बढ़ जाये, तो डायबिटीज जैसी बड़ी बीमारियां भी होती हैं. यही वजह है कि अधिकांश मोटापे वाले लोगों में डायबिटीज की समस्या पायी जाती है.
 
मोटापे की वजह से बढ़ती बीमारियों के अधिक मरीज सामने आ रहे हैं. मोटापे से कैसे बचा जाये, इसपर रिसर्च किया जा रहा है, जिसका काम काफी तेजी से चल रहा है. फिजियोलॉजी विभाग के डॉक्टर जैसे ही रिसर्च पेपर देंगे. मोटापा को कंट्रोल करने के लिए लोगों को जागरूक किया जायेगा. 
डॉ मनीष मंडल, मेडिकल सुपरिटेंडेंट, आइजीआइएमएस
 
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