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patna

  • Dec 3 2019 9:58PM
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जेल में रहते हुए लालू प्रसाद को फिर से राजद का मुखिया चुने जाने पर सुशील मोदी ने दी ये प्रतिक्रिया

जेल में रहते हुए लालू प्रसाद को फिर से राजद का मुखिया चुने जाने पर सुशील मोदी ने दी ये प्रतिक्रिया
FILE PIC

पटना : चारा घोटाला मामलों में सजा काट रहे राजद के संस्थापक लालू प्रसाद मंगलवार को लगातार 11वीं बार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध निर्वाचित घोषित किये गये. पटना स्थित राजद मुख्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय निर्वाचन पदाधिकारी चित्तरंजन गगन ने मंगलवार की शाम लालू को राजद का फिर से राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध निर्वाचित किये जाने की घोषणा की. गगन ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए लालू जी की ओर से उनके दोनों पुत्रों द्वारा संयुक्त रूप से चार सेट में नामांकन दाखिल किया गया. हर सेट में 10-10 यानि कुल 40 पार्टी नेताओं ने प्रस्तावक के तौर पर हस्ताक्षर किया था. जांच के बाद सारे सेट सही पाये गये.

राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद के लिए मात्र एक नामाकंन होने के कारण लालू प्रसाद के निर्विरोध चुने जाने की अधिसूचना जारी की गयी. लालू के निर्वाचित होने की औपचारिक घोषणा 10 दिसंबर को होने वाली पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में की जायेगी. वर्ष 1997 में राजद की स्थापना के बाद यह पहला मौका था जब लालू प्रसाद की गैरमौजूदगी में उनका नामांकन पत्र उनके प्रतिनिधियों द्वारा दाखिल किया गया. इस अवसर पर राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह, राष्ट्रीय महासचिव कांति सिंह और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह जैसे शीर्ष नेताओं के अलावा विधायक और राजद सुप्रीमो के विश्वासपात्र माने जाने वाले भोला यादव भी मौजूद थे.

ऐसी चर्चा है कि पारिवारिक कलह रोकने के लिए चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता और वर्तमान में न्यायिक हिरासत में रांची के एक अस्पताल में इलाजरत लालू को फिर से अध्यक्ष बनाने का फैसला किया गया. ऐसा माना जा रहा है कि अगले साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव के साथ-साथ परिवार के अंदर के मतभेद को रोकने के लिए लालू ने स्वयं ही राजद का राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहने का फैसला लिया.

लालू के राजद का फिर से राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर उपमुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट कर कटाक्ष किया ''बिहार एक हजार करोड़ के जिस चारा घोटाला के कारण देश भर में शर्मसार हुआ, उसमें लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद को अब तक चार मामलों में दोषी पाकर सजा सुनायी जा चुकी है.'' उन्होंने आरोप लगाया ''यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सजायाफ्ता होने के कारण जो व्यक्ति मुखिया तक का चुनाव लडने के लिए अयोग्य घोषित है, उसे एक पार्टी 11वीं बार अपना अध्यक्ष चुन रही है.''

सुशील मोदी ने लालू पर कटाक्ष करते हुए कहा ''उन्होंने जेल से इस बार शीर्ष पद के लिए नामांकन की सारी प्रक्रिया पूरी की और समर्थकों ने महाभ्रष्टाचार के दोषी व्यक्ति के ऐसा करने को इस तरह बयां किया जैसे वे किसी नेक काम के लिए दंडित किये गये हों.''

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