nalanda

  • Sep 5 2019 6:07AM
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अब महानगर के रूप में जल्द विकसित होगा बिहारशरीफ

 बिहारशरीफ : अब अपने शहर बिहारशरीफ को महानगर के रूप में विकसित किया जायेगा. बिहारशरीफ शहर पूर्व में ही स्मार्ट सिटी में भी चयनित हो चुका है. इसकी जानकारी देते हुए नगर आयुक्त सौरभ जोरेवाल ने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश पर बिहारशरीफ को महानगर के रूप में विकसित कर उसे मॉडल बनाया जायेगा. इस संबंध में नगर विकास एवं आवास विभाग ने कार्ययोजना तैयार करने का आदेश दिया है.

 
 इस योजना के तहत राजगीर शहर को भी मॉडल टाउन बनाया जाना है. उन्होंने कहा कि सूबे के तीन शहरों को महानगर के रूप में विकसित किया जाना है, जिनमें बिहारशरीफ सहित मुजफ्फरपुर व मुंगेर भी शामिल हैं. 
 
 इसके अलावा तीन छोटे शहरों को भी मॉडल बनाना है. इनमें राजगीर के अलावा सुपौल व बोधगया शामिल हैं. इन सभी शहरों में नगर विकास एवं आवास विभाग स्थानीय नगर निकायों के सहयोग से सफाई से लेकर कचरे के अंतिम उपयोग तक ठोस वेस्ट मैनेजमेंट अधिनियम 2016 के तहत कई तरह का काम करेगा. एनजीटी के निर्देश पर नगर विकास एवं आवास विभाग की निगरानी में यह काम किया जायेगा.
 
 इन शहरों में पहले से चल रहे डोर टू डोर कचरा कलेक्शन को शत-प्रतिशत तक किया जाना है. कचरा ट्रांसपोर्टेशन की बेहतर व्यवस्था गीला व सूखा कचरा के वर्गीकरण की व्यवस्था, कचरा निबटाने के लिए खाद बनाने से लेकर रिसाइकिल सिस्टम विकसित किया जाना है. लैंड फिल डेवलपमेंट के अलावा प्लास्टिक प्रबंधन, इ-कचरा निष्पादन की व्यवस्था की जानी है. 
 
शहर के प्रत्येक वार्ड में कंपोस्ट पिट बनाने की है योजना
नगर आयुक्त ने बताया कि एनजीटी के पूर्व के निर्देश के आलोक में बिहारशरीफ शहर में ये सभी कार्य चल रहे हैं. शहरवासियों को गीला व सूखा कचरा अलग-अलग जमा करने के लिए नगर निगम द्वारा शहर के प्रत्येक घर को दो-दो डस्टबीन दिये जाने हैं. 
डस्टबीन खरीदने की प्रक्रिया चल रही है. कचरे को खाद बनाने के लिए शहर के प्रत्येक वार्ड में कंपोस्ट पिट बनाने की योजना है. सोहसराय के 17 नंबर मोड़ के पास कई कंपोस्ट पिट बनाये जा रहे हैं. शहर में प्लास्टिक कैरी बैग के उपयोग पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है. लैंड फिल डेवलपमेंट की प्रक्रिया चल रही है. 
 
वार्ड पार्षदों व आम लोगों में खुशी 
बिहारशरीफ शहर को महानगर व राजगीर को मॉडल शहर के रूप में विकसित करने की घोषणा से वार्ड पार्षदों व आम लोगों में खुशी देखी जा रही है. वार्ड पार्षद रंजय कुमार ने बताया कि इससे नालंदा जिले को नयी पहचान मिलेगी. वहीं महानगर बनाने की घोषणा से आम लोगों की उम्मीदों के पंख लग गये हैं. उन्हें उम्मीद है कि अब अपने शहर में अत्याधुनिक सुविधाएं मिलने लगेंगी.
 
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