lakhisarai

  • Jan 24 2020 7:59AM
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मांगों के समर्थन में वित्तरहित शिक्षक शिक्षकेतर कर्मचारियों ने दिया धरना

 लखीसराय : राज्य वित्तरहित अनुदानित शिक्षक कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर गुरुवार को प्रत्येक जिला में अपने मांग को लेकर धरना एवं धरना का कार्यक्रम आयोजित किया गया. जिसके तहत गुरुवार को जिला समाहरणालय परिसर स्थित धरनास्थल पर वित्तरहित अनुदानित संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों, इंटरमीडिएट महाविद्यालयों एवं माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने एक दिवसीय धरना दिया. जिसकी अध्यक्षता आरलाल कॉलेज के प्रो शिवशंकर प्रसाद ने की. 

 
धरना को संबोधित करते हुए प्रो प्रसाद ने कहा कि वर्षों से वित्तरहित अनुदानित संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों, इंटरमीडिएट महाविद्यालयों एवं माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों को अनुदान के बदले वेतनमान, छह वर्षों के बकाया का एकमुश्त भुगतान, वित्तरहित अनुदानित विद्यालयों, इंटर महाविद्यालयों तथा डिग्री महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षेत्तर कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा पांच वर्ष बढ़ाये जाने के साथ-साथ सरकारी उच्च विद्यालयों को उत्क्रमित कर इंटरस्तरीय बना कर तथा डिग्री महाविद्यालयों की संबद्धता निरस्त करने की साजिश को तत्काल प्रभाव से बंद कर चयन समिति से चयनित शिक्षकों की सेवा स्थायी करने की व्यवस्था किया जाना उनलोगों की प्रमुख मांगें हैं.
 
धरना प्रदर्शन में आरलाल कॉलेज से प्रो सुधांशु शेखर, प्रो अजय कुमार, प्रो महबूब आलम, प्रो रामशरण महतो, प्रो सच्चितानंद प्रसाद , प्रो नरेश कुमार, प्रो अरविन्द कुमार सिंह, प्रो वीर मनोहर, प्रो विनोद पांडे, अनिल कुमार, टीएलएन इंटर महाविद्यालय लोहरा बड़हिया से प्रो रामस्नेही सिंह, प्रो मनोरंजन कुमार'पप्पू', प्रो विनोद कुमार, संजीव कुमार, विनय कुमार, इंटर कॉलेज अमरपुर से प्रो चंद्रदेव यादव, प्रो नवल किशोर नंदन, सोमार प्रसाद सिंह एवं महिला महाविद्यालय बड़हिया, इंटरनेशनल कॉलेज घोसैठ एवं जनता महाविद्यालय सूर्यगढ़ा सहित विभिन्न माध्यमिक विद्यालयों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. वक्ताओं ने कहा कि चुनावी वर्ष है इसीलिए विभिन्न घटकों में बंटे संगठन ने एकजुट होकर संघर्ष का निर्णय लिया है. 
 
पिछले संघर्षों का ही परिणाम था कि हम सबों को अनुदान देना शुरू किया गया था और अब अभी नहीं तो कभी नहीं के विश्वास के साथ संघर्ष को चरम पर ले जाने का निर्णय लेना है. धरना के उपरांत इसके लिए एक संघर्ष समिति का भी गठन किया गया, जिसमें प्रो़ मनोरंजन कुमार 'पप्पू' को अध्यक्ष, प्रो नवल किशोर नंदन को सचिव बनाया गया. 
 
जिनके द्वारा अपनी मांगों को लेकर जिलाधिकारी को एक मांग पत्र भी सौंपा गया. जिसमें अपनी मांगों में अनुदान के बदले वेतनमान देने, छह वर्षों का बकाया अनुदान एक मुश्त भुगतान करने, वित्तरहित शिक्षाकर्मियों की उम्र सीमा पांच साल बढ़ाने तथा इंटर व डिग्री के संबंधन को निरस्त करने के प्रयास रोकने की मांग रखी गयी.
 
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