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  • Dec 28 2014 12:38PM

जानें झारखंड के नये सीएम कैसे बने रघुवर दास से 'झारखंड के दास'

जानें झारखंड के नये सीएम कैसे बने रघुवर दास से 'झारखंड के दास'

रांची: रघुवर दास ने आज यहां झारखंड के दसवें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली. राज्यपाल सैयद अहमद ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. राज्यपाल ने मुख्यमंत्री के साथ साथ चार अन्य लोगों  नीलकंठ सिंह मुंडा, चंद्रेश्वर प्रसाद सिंह ,लुइस मरांडी और चंद्रप्रकाश चौधरी (आजसू) को भी शपथ दिलाई. 

झारखंड के नये मुख्यमंत्री रघुवर दास ने जमशेदपुर में टाटा स्टील के रोलिंग मिल में मजदूर के रुप में अपना सफर शुरु किया और तमाम उतार चढाव के बीच आज मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचे.

दिवंगत चमन राम के बेटे रघुवर दास का जन्म तीन मई, 1955 को जमशेदपुर में हुआ था जहां उन्होंने अभावों में अपना बचपन गुजारा. देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जहां बचपन में ही रेलवे स्टेशन पर चाय बेची वहीं रघुवर दास को बचपन में मजदूरी करना पडा.

रघुवर दास राज्य के दसवें मुख्यमंत्री हैं और राज्य बनने के 14 वर्षों बाद वह पहले  गैर आदिवासी मुख्यमंत्री हैं. 59 वर्षीय रघुवर दास वर्ष 1977 में जनता पार्टी के सदस्य बने. वर्ष 1980 में भाजपा की स्थापना के साथ ही वह सक्रिय राजनीति में आये. उन्होंने वर्ष 1995 में पहली बार जमशेदपुर पूर्व से विधानसभा का चुनाव लडा और जीत कर विधायक बने. तब से इस बार लगातार पांचवीं बार उन्होंने इसी क्षेत्र से विधानसभा चुनाव जीता है.

तत्कालीन बिहार के जमशेदपुर पूर्व से वर्ष 1995 में उनका टिकट भाजपा के प्रसिद्ध विचारक के एन गोविंदाचार्य ने तय किया था. मुख्यमंत्री पद के लिए मनोनीत किये जाने के बाद उन्होंने पार्टी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह भाजपा में ही संभव है कि एक मजदूर का मजदूर बेटा इसी पार्टी में मुख्यमंत्री, राष्ट्रपति अथवा प्रधानमंत्री बन सकने की कल्पना कर सकता है.

रघुवर दास 15 नवंबर 2000 से 17 मार्च 2003 तक राज्य के श्रम मंत्री रहे, फिर मार्च 2003 से 14 जुलाई 2004 तक वह भवन निर्माण मंत्री तथा 12 मार्च 2005 से 14 सितंबर 2006 तक झारखंड के वित्त, वाणिज्य और नगर विकास मंत्री रहे. इस बीच जुलाई 2004 से मई 2005 तक वह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे और बाद में 19 जनवरी 2009 से 25 सितंबर 2010 तक उन्होंने दोबारा यह पद संभाला.

रघुवर दास ने अपना कॅरियर टाटा स्टील के रोलिंग मिल में मजदूर के रुप में प्रारंभ किया था और फिर उनकी छंटनी कर दी गयी थी. इसके बाद ही वह राजनीति से जुडे. जमशेदपुर से बीएससी और एलएलबी की पढाई करने वाले दास के परिवार में उनकी पत्नी और उनका पुत्र हैं. उनकी पुत्री की शादी हो चुकी है.

दास 30 दिसंबर 2009 से 30 मई 2010 तक झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ बनी भाजपा की गठबंधन सरकार में उपमुख्यमंत्री, वित्त, वाणिज्य कर, उर्जा, नगर विकास, आवास और संसदीय कार्य मंत्री रहे. हाल में 16 अगस्त 2014 को अमित शाह की अध्यक्षता में बनी टीम में वह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाये गये. और इस साल संपन्न झारखंड विधानसभा चुनाव में जमशेदपुर पूर्वी से विधायक चुने गये. विधायक चुने जाने के बाद उनके कद और अनुभव को देखते हुए उन्हें झारखंड के पहले गैर आदिवासी मुख्यमंत्री के रुप में प्रोजेक्ट किया गया.

 

 

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