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garhwa

  • Apr 16 2019 1:07AM

जिले के 269 बूथों पर मतदान प्रतिशत बढ़ाना प्रशासन के लिए है चुनौती

गढ़वा : गढ़वा जिला प्रशासन इस बार वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने के लिए जी तोड़ कोशिश कर रहा है़  बीते लोकसभा चुनाव 2014 में गढ़वा जिले में मतदान प्रतिशत 61 प्रतिशत रहा था़  इस बार जिला प्रशासन की कोशिश है कि कम से कम 75 प्रतिशत तक मतदान हो. इसके लिए स्वीप कोषांग की ओर से लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाये जा रहे है.  जिले के 1171 में से 269 बूथ ऐसे चिह्नित किये गये हैं, जहां पिछले लोकसभा चुनाव 2014 में 60 प्रतिशत से भी कम मत पड़े थे़  इनमें चिनियां प्रखंड के बिलैतीखैर उमवि बूथ पर सबसे कम मतदान हुआ था.

यहां का मतदान प्रतिशत मात्र 19.61 प्रतिशत ही रहा था़  इसके अलावा उमवि रमना पूर्वी बूथ में 36.45 प्रतिशत, मवि दूधवल बूथ में 32.64 प्रतिशत, बालिका उवि गढ़वा उतरी बूथ में 41.11, बालिका उवि दक्षिणी बूथ में 39.08 प्रतशित, संग्रहे खूर्द पंचायत भवन बूथ में 43 प्रतिशत मतदान हुआ था़. यहां गौरतलब यह है कि ओवरऑल ग्रामीण क्षेत्र की अपेक्षा शहरी क्षेत्र में मतदान का प्रतिशत कम रहता है़  स्वीप कोषांग की ओर से जिले के प्रखंडवार 60 प्रतिशत से कमवाले जो बूथ चिह्नित किये गये हैँ, उनमें खरौंधी प्रखंड के 14, केतार प्रखंड के 16, भवनाथपुर प्रखंड के 27, बंशीधरनगर प्रखंड के 26, विशुनपुरा प्रखंड के 13, रमना प्रखंड के 23, सगमा प्रखंड के सात, धुरकी प्रखंड के 14, डंडई प्रखंड के 18, मेराल प्रखंड के 22, गढ़वा प्रखंड के 45, चिनियां प्रखंड के आठ, रंका प्रखंड के 21 तथा रमकंडा प्रखंड के 15 बूथ शामिल है़.

जिला प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है : प्रभारी पदाधिकारी
 
इस संबंध में स्वीप कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी पीयूष कुमार ने बताया कि स्वीप कोषांग की ओर से मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिये लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है.  जिला प्रशासन पूरा प्रयास कर रहा है कि मतदान का प्रतिशत बढ़े.  उन्होंने कहा कि कम मतदान वाले बूथ के क्षेत्रों में मतदाताओं के बीच कार्यक्रम चलाया जा रहा है.
 
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