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devgarh

  • Jul 15 2019 6:04AM
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देवघर : घोरमारा में बैरिकेडिंग का विरोध दुकानदारों ने किया सड़क जाम

 देवघर : देवघर-दुमका मुख्य पथ स्थित घोरमारा बाजार में सड़क किनारे वाहनों के अवैध पड़ाव को रोकने के लिए बैरिकेडिंग करने पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों का स्थानीय दुकानदारों ने विरोध कर दिया. इस दौरान एसडीएम विशाल सागर ने विरोध कर रहे दुकानदारों व महिलाओं को समझाने की कोशिश की, पर दुकानदार मानने को तैयार नहीं थे. एसडीएम ने लोगों से कहा कि यह बैरिकेडिंग सड़क सुरक्षा के लिए की जा रही है. 

 
इससे न ही वाहनों का अवैध रूप से पड़ाव होगा और न ही सड़क जाम होगा. इस पर दुकानदारों ने विरोध करते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर नारे लगाये व एसडीएम के समक्ष ही सड़क पर बैठ गये व जाम कर दिया. दुकानदारों की भीड़ देखकर एसडीएम चले गये. उनके जाते ही दुकानदार ने सड़क जाम हटा दिया. इसके बाद दुकानदार वापस अपने दुकान चले गये. 
 
आधे घंटे बाद दल-बल के साथ पहुंचे एसडीएम, नहीं बनी सहमति
आधे घंटे के बाद दोबारा एसडीएम विशाल सागर, मोहनपुर थाना प्रभारी कैलाश कुमार सदल बल घोरमारा बाजार पहुंचे. उनके आते ही सभी दुकानदार फिर एकजुट हो गये व प्रशासन को घेर लिया. 
 
इसी बीच एसडीपीओ विकासचंद्र श्रीवास्तव, डीएसपी अजय कुमार सिन्हा, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष किरण कुमारी पहुंची व दर्जनों दुकानदारों के साथ बैठक कर आपसी सहमति बनाने की कोशिश की गयी. लेकिन, एसडीएम नहीं माने व बताया कि दो दिनों के अंदर आपसी सहमति के साथ सड़क सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की जायेगी. 
 
इधर, दुकानदारों का कहना था कि घोरमारा बाजार श्रावणी मेला पर ही निर्भर है. अगर बाजार में वाहन नहीं रूकेंगे तो उनकी दुकानदारी चौपट हो जायेगी. प्रशासन दुकानदारों को आत्महत्या के लिए मजबूर नहीं करे. इस दौरान हंगामे की स्थिति भी बनी रही. दुकानदारों के नहीं मानने पर प्रशासनिक अधिकारी वापस लौट गये.
 
कहती हैं पूर्व जिप अध्यक्ष
जनता की रोजी रोटी के सवाल पर जिला परिषद की बैठक में मुद्दा उठायेंगे. सड़क पर बैरिकेडिंग लगने पर दुकानदारों के रोजगार पर असर पड़ेगा. रोजगार बची रहे, इसके लिए लड़ाई लड़नी पड़े तो लड़ेंगे.
किरण कुमारी, पूर्व जिप अध्यक्ष 
 
कहते हैं दुकानदार
बैरिकेडिंग नहीं होनी चाहिए. दुकानदारों की रोजी रोटी का सवाल है. दो साल पहले से ही सावन में सड़क पर जाम नहीं लगा है. बैरिकेडिंग से दुकानदार भूखे मरने के कगार पर हो जायेंगे.
सुमन मंडल
 
 किसी एक व्यक्ति के फायदे के लिए प्रशासन यह कदम उठा रहा है. प्रधानमंत्री बेरोजगारी दूर करना चाहते हैं. वहीं, प्रशासन ऐसे फैसले लेकर लोगों के रोजगार खत्म करना चाहता है. 
पंचानंद मंडल
 
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