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devgarh

  • Jan 11 2019 8:02AM
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अगवा मजदूरों को अपराधियों ने छोड़ा, ताबड़तोड़ छापेमारी कर 36 घंटे में पुलिस ने कराया मुक्त

अगवा मजदूरों को अपराधियों ने छोड़ा, ताबड़तोड़ छापेमारी कर 36 घंटे में पुलिस ने कराया मुक्त
देवघर : बिहार अंतर्गत जमुई जिले के चन्द्रमनडीह थाना क्षेत्र के घरवासन गांव स्थित रूपा चिमनी ईंट भट्ठे से अगवा हुए मजदूरों को अपराधियों ने मुक्त कर दिया. अगवा तीनों मजदूरों को गुरुवार सुबह में छोड़ा गया. वहां से तीनों मजदूर मुख्य मार्ग तक पैदल आये. वहां एक ऑटो पाया, उसी से टावर चौक देवघर के पास आकर उतरे. वहां से झौसागढ़ी स्थित रूपा चिमनी ईंट के ऑफिस में पहुंचा. 
 
इसके बाद सूचना चन्द्रमंडीह थाने को दी गयी. सूचना मिलते ही चंदरमंडीह थाने की पुलिस पहुंची और मुक्त मजदूरों कारू राउत, रविंद्र पंडित व नेपाल पासवान को साथ ले गयी.
 
 अगवा मजदूर कारू व रविंद्र देवघर के सोनारायठाढ़ी थाना क्षेत्र के बसबुटिया गांव के रहनेवाले हैं. तीनों मजदूर काफी सहमे हुए हैं. कुछ भी बता पाने में असमर्थ हैं. इस बाबत चंद्रमंडीह थाना परिसर में प्रेस वार्ता कर जानकारी देते  हुए झाझा एसडीपीओ भास्कर रंजन ने बताया कि पुलिस दबिश के कारण अपराधियों ने मजदूरों को जसीडीह के समीप लाकर छोड़ दिया. 
 
मजदूरों को  अगवा किये जाने की जानकारी मिलते ही अपराधियों के संभावित ठिकानों पर पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी की. पुलिस दबिश से घबराकर  ही अपराधियों ने घटना के 36 घंटे के अंदर तीनों मजदूरों को रिहा किया. मुक्त हुए  मजदूरों से पुलिस पूछताछ कर रही है. झाझा एसडीपीओ के अनुसार यह बिहार पुलिस की बड़ी सफलता है. 

मंगलवार देर रात में हुआ था मजदूरों का अपहरण
रुपा ईंट भट्ठा में काम करने वाले रात्रि प्रहरी  घरवासन निवासी नेपाली पासवान सहित लोडर झारखंड के देवघर जिले के सोनारायठाढ़ी थाना क्षेत्र के  बसुबुटिया गांव निवासी  मनोज यादव व रविंद्र पंडित को कुख्यात अपराधी रमेश टुडू के सहयोगी  टेटू हेंब्रम द्वारा मंगलवार देर रात में अगवा कर लिया गया था. 
 
इन मजदूरों को ईंट भट्ठे से ही 10 की संख्या में आये हथियार से लैस अपराधियों ने उठाया था. उठाने के बाद तीनों मजदूरों को गाली-गलौज करते आंख में पट्टी बांध दिया. 
 
चारपहिया गाड़ी से सीधे जंगल ले गया, जहां दो-चार फूस व खपड़ैल घर था. वहीं रखे हुए था. अपराधी मजदूरों से ईंट भट्ठा मालिक का मोबाइल नंबर मांगता था, जो उनलोगों के पास नहीं था. बुधवार सुबह में मजदूरों को चूड़ा-दालमोट खाने दिया था और रात में सिम की सब्जी-भात खिलाया था. 
 
मजदूरों ने बताया कि सुबह करीब 7:45 बजे इनलोगों को मुक्त किया गया. मजदूरों को मुक्त करते वक्त अपराधियों ने नकद 80 रुपये दिया था. जंगली इलाके से कुछ दूर पैदल चलने के बाद तीनों मजदूर मुख्य पथ तक पहुंचे. एक ऑटो को आता देख हाथ दिया तो रुका. उसी ऑटो से देवघर टावर चौक के पास पहुंचे. इसके बाद झौंसागढ़ी रुपा चिमनी ईंट के ऑफिस तक आया. अपराधियों द्वारा दिये पैसे से ही मजदूरों ने ऑटो का किराया दिया था. 

तीन संदिग्धों को लिया गया हिरासत में
घटना की जानकारी पाकर रात्रि गश्ती में तैनात चंद्रमनडीह थाना के एसआइ नारायण ठाकुर ने घटनास्थल पहुंचकर मामले की जानकारी ली थी. अपहरण की सूचना पाकर जमुई एसपी जे रेड्डी, एएसपी अभियान सुधांशु कुमार,  झाझा डीएसपी भास्कर रंजन डॉग स्क्वायड टीम के साथ जांच में घटनास्थल पहुंचे थे. मजदूरों की रिहाई के लिये झाझा एसडीपीओ भास्कर के नेतृत्व में चंद्रमंडीह पुलिस लगातार दो दिनों तक छापेमारी  करती रही.
 
 इस दौरान पुलिस द्वारा चंद्रमंडीह थाना क्षेत्र के अतिसंवेदनशील  स्थान जैसे चिहरा, ठाड़ी, धमना ,बसबुटिया, कोठियां आदि स्थानों पर छापेमारी  की गयी. पुलिस द्वारा तीन संदग्धि को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. मजदूरों के अगवा करने वाले अपराधियों के बारे  में सुराग मिला है. 
 
मामले में नवपदस्थापित डीआइजी मनु महाराज ने कहा कि अगवा मजदूरों की रिहाई  मामले में चकाई पुलिस ने बेहतर काम किया है. उन्होंने बताया कि अपहरण में  शामिल गैंग को चिह्नित कर लिया गया है. जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया  जायेगा.
 

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