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  • Mar 16 2019 2:01AM

अग्रवाल बंधुओं से 25 लाख रुपये हड़पने के लिए की गयी थी हत्या

अग्रवाल बंधुओं से 25 लाख रुपये हड़पने के लिए की गयी थी हत्या

 रांची  : रांची के अशोक नगर में व्यवसायी बंधुओं महेंद्र अग्रवाल व हेमंत अग्रवाल की हत्या के मामले में आरोपी सुनील सिंह उर्फ सुनील कुमार को गिरफ्तार किया गया है़  उसे बोकारो थर्मल के बीटीपीएस थाना क्षेत्र के डीवीसी कॉलोनी से गिरफ्तार किया गया है़   गिरफ्तार सुनील मुख्य आरोपी लोकेश चौधरी का निजी बॉडीगार्ड था. 

 
गिरफ्तारी के बाद उसने पुलिस को बताया है कि निजी चैनल के संचालक लोकेश चौधरी ने व्यवसायी बंधु महेंद्र अग्रवाल व हेमंत अग्रवाल के 25 लाख रुपये हड़पने की योजना बनायी थी़   इसी को मूर्त रूप देने के लिए दोनों भाइयों की हत्या कर दी गयी थी़  यह बातें एसएसपी अनीश गुप्ता ने शुक्रवार को बतायी़  
 
 एसएसपी ने बताया कि  बकौल सुनील, वारदात को अंजाम देने के पहले लोकेश ने उसका रिवाल्वर लेकर उसे कमरे से बाहर निकाल दिया था़  बाहर जाने के बाद कमरे में लोकेश, फर्जी आइबी अफसर मेधावी कल्पतरु सिंह (एमके सिंह), धर्मेंद्र तिवारी और दोनों व्यवसायी बंधु रह गये थे़   
 
इसके बाद कमरे में कुछ ऐसी परिस्थिति बनी कि दोनों भाइयों की हत्या कर दी गयी़  एसएसपी ने कहा कि सुनील सिंह को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जायेगी़  उसका नारको टेस्ट व पॉलीग्राफी टेस्ट भी कराया जायेगा़  मौके पर सिटी एसपी सुजाता वीणापाणि, हटिया डीएसपी प्रभात  रंजन बरवार व अरगोड़ा थाना प्रभारी राजीव रंजन लाल भी मौजूद थे़ 
 
सुनील ने बताया : सुनील सिंह ने पुलिस को पूछताछ में जानकारी दी है कि कुछ दिन पहले वह सैनिक कॉलोनी, डुमरदगा (रांची) निवासी सेना से रिटायर एमके सिंह से मिल बॉडीगार्ड की नौकरी दिलाने की बात कही थी. 
 
एमके सिंह अरगोड़ा में सिक्युरिटी एजेंसी चलाता है़  एमके सिंह ने उसे लोकेश चौधरी के बाॅडीगार्ड के रूप में रखवा दिया़  19 फरवरी को सुनील सिंह 20 हजार रुपये मासिक पर काम पर लग गया. 
 
उसने पुलिस को बताया कि घटना के दिन छह मार्च (बुधवार) को व्यवसायी बंधु महेंद्र व हेमंत अग्रवाल एक बैग में रुपये लेकर स्कूटी से अशोकनगर के मंदिर मार्ग स्थित निजी चैनल के बंद पड़े दफ्तर पहुंचे थे़  वही दोनों को ऊपरी तल्ले पर लेकर गया था़ 
 
वहां लोकेश चौधरी पहले से बैठा था़   व्यवसायी बंधुओं को वहां बैठा कर वह  चालक शंकर के साथ वाहन लेकर  एक होटल के पास खड़े फर्जी आइबी अफसर एमके सिंह, जिसने सुनील को बॉडीगार्ड की नौकरी दिलवायी थी और एमके सिंह के बॉडीगार्ड धर्मेंद्र तिवारी काे लाने चला गया़  
 
नोंक-झाेंक हुई और कर दी व्यवसायी बंधुओं की हत्या : सुनील सिंह ने बताया कि जब वह दोनों को लेकर लौटा तो देखा कि अग्रवाल बंधुओं ने अपने सामने टेबल पर पांच सौ व दो सौ रुपये के कई बंडल रखे हुए थे. 
 
उसी समय धर्मेंद्र  तिवारी के साथ फर्जी आइबी अफसर बने एमके सिंह भी वहां आये. लाखों रुपये देखकर एमके सिंह ने उसे काला धन बताते हुए जब्त करने की बात कही. 
 
 लोकेश चौधरी ने दोनों भाइयों से कहा कि कुछ ले-देकर मामला सलटाना होगा़  इसके बाद बारगेनिंग होने लगी तो फर्जी आइबी अफसर बने एमके सिंह ने काफी ज्यादा रकम की मांग कर दी.   इस पर बात बढ़ गयी और हेमंत और एमके सिंह के बीच नोंकझाेंक होने लगी. 
 
इसी बीच हेमंत अग्रवाल रुपये समेट कर बैग में रखने लगा तो लोकेेश ने वहीं खड़े सुनील सिंह का रिवाल्वर(.32 बोर) छिन कर एक फायरिंग कर दी. उसके बाद भी हेमंत रुपये लेकर भागने की फिराक में था और लोकेश से रिवाल्वर छीनने का प्रयास करने लगा़  इस पर लोकेश ने उसके सिर में सटा कर एक गोली मार दी. इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गयी़  
 
बाद में महेंद्र भी लोकेश से रिवाल्वर छीनने का प्रयास करने लगा तो एमके सिंह के कथित बॉडीगार्ड धर्मेंद्र तिवारी ने एकनाली बंदूक (.315 बोर) से महेंद्र के सिर में सटा कर गोली मार दी़   इससे पहले लोकेश ने भी महेंद्र पर एक गोली चला दी थी, जो उसके पेट में दाहिनी ओर लगी. जबकि पहली गोली भी महेंद्र के पैर में लग कर दीवार से टकरायी थी.  
 
सुनील सिंह ने पुलिस के बताया कि व्यवसायी बंधुओं की हत्या होने के तुरंत बाद वह नीचे आ गया था़  वारदात के बाद उसी शाम लोकेश चौधरी, एमके सिंह और धर्मेंद्र तिवारी वहां से निकले और अपनी एसयूवी में सवार होकर लोकेश के हटिया स्थित आवास पहुंचे़ 
 
सितंबर 2018 में फ्रेंचाइजी से टर्मिनेट कर दिया गया था
इधर रांची के एसएसपी के पास साधना न्यूज चैनल के अध्यक्ष सह ग्रुप हेड पंकज वर्मा पहुंचे़ उन्होंने  पुलिस को बताया कि लोकेश चौधरी का साधना न्यूज चैनल से कोई संंबंध नहीं है. वह जब  पैसा नहीं दे रहा था ताे कंपनी ने सितंबर 2018 में उसे टर्मिनेट कर दिया था़  इससे संबंधित लेटर और इमेल भी लोकेश चौधरी को भेज दिया गया था़
 
 सुनील सिंह का पॉली ग्राफी और नारको टेस्ट करायेगी पुलिस
 फर्जी आइबी अफसर बन कर पहुंचे थे लोकेश के दो आदमी 
 
रिवाल्वर, मृतकों के मोबाइल बरामद
सुनील सिंह की निशानेदही पर उसका रिवाल्वर, आर्म्स लाइसेंस, सीसीटीवी का डीवीआर, मृतकों के तीन मोबाइल, सुनील और धर्मेंद्र तिवारी के टी-शर्ट के जले हुए अवशेष पुलिस ने धुर्वा डैम वाले रास्ते पर स्थित सिराज अनवर के गैरेज के पास से बरामद किया है़ 
 
डीवीआर से फुटेज निकला जायेगा
एसएसपी ने बताया कि जले हुए डीवीआर (सीसीटीवी फुटेज का स्टोरेज) तकनीकी शाखा को दी गयी है़ डीवीआर से फुटेज मिल जाने की संभावना है़  यदि फुटेज सही-सलामत निकल गया तो पूरा मामला साफ हो जायेगा़
 
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