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champaran east

  • Aug 20 2019 2:06AM
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कचरा उठाव को ले ढाका नप में विवाद गहराया

ढाका नगर परिषद एनजीओ का एकरारनामा रद्द

ईओ के निर्णय के खिलाफ कोर्ट जायेगा एनजीओ

सिकरहना : ढाका नगर परिषद क्षेत्र की सफाई व कचरा उठाव की जिम्मेदारी संभालने वाले एनजीओ को कार्य भार संभाले महज चौबीस घंटे भी नहीं बीता था कि  ईओ द्वारा इकरारनामा रद्द करने की चिट्ठी निकाल दी गयी. यहां सिर मुड़ाते ओले पड़े कहानी को चरितार्थ कर दिया गया. मामले को लेकर एनजीओ व कार्यपालक पदाधिकारी के बीच विवाद गहरा गया है. 

ढाका नगर परिषद क्षेत्र की सफाई व कचरा उठाव को लेकर बार बार होने वाली किच-किच एवं मजदूरी बकाया को लेकर निजी सफाई कर्मियों की हड़ताल व काम छोड़ने से होनेवाली परेशानी से लोगों को निजात मिलने की उम्मीद जगी थी कि इसी बीच एनजीओ को काम करने की मनाही कर दी गयी. बता दे कि नप द्वारा साफ सफाई व डोर-टू-डोर कचरा उठाव को लेकर निकाले गए टेंडर के माध्यम से जन कल्याण समिति पटना नामक एनजीओ का चयन किया गया. 31 जुलाई को एनजीओ के साथ इकरारनामा कर कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया.

इधर कार्यपालक पदाधिकारी नसीमुद्दीन खान ने 17 अगस्त को अपने पत्रांक 850 के माध्यम से इकरारनामा रद्द करने की चिट्ठी निकाली है, जिसमें एनजीओ पर आरोप लगाया गया है कि अब तक काम शुरू नहीं करने, बकरीद पर्व व स्वतंत्रता दिवस  सहित कई महत्वपूर्ण अवसरों पर द्वारा सफाई नहीं करायी गयी है, जिससे स्पष्ट है कि सफाई का काम कराने में सक्षम नहीं हैं. ऐसे में आपके साथ किए गए इकरारनामा को रद्द किया जाता है. इधर एनजीओ संचालक विश्वनाथ प्रताप सिंह ने बताया कि कार्यपालक पदाधिकारी की कार्रवाई एकतरफा व राजनीति से प्रेरित है.

इकरारनामा के शर्तों के अनुसार स्वच्छ आचरण वाले सफाई कर्मियों रखते हुए सबों का शपथ पत्र लेकर नप में जमा करना है. एनजीओ संचालक ने कहना है कि मुख्य पार्षद,उ पमुख्य पार्षद के अलावा 25 में 18 वार्ड पार्षदों के संज्ञान में काम शुरू किया है. इसके खिलाफ हम न्यायालय के शरण में जाएंगे. मुख्य पार्षद नाजरा खातून ने बताया कि इकरारनामा रद्द करने का निर्णय बोर्ड या सशक्त कमेटी का नहीं है. ईओ ने मोबाइल पर इकरारनामा रद्द करने की सूचना दी है. मामले की समीक्षा की जाएगी.

 
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