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  • Aug 25 2019 10:10AM
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रोमांटिक सीन करना आसान नहीं था 'बाहुबली' प्रभाष के लिए, लड़की भाग कर गले लग गयी लेकिन...

रोमांटिक सीन करना आसान नहीं था 'बाहुबली' प्रभाष के लिए, लड़की भाग कर गले लग गयी लेकिन...

सुपरस्टार प्रभास की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'साहो' रिलीज को तैयार है, जिसका निर्देशन सुजीत ने किया है. इन दिनों प्रभास संग श्रद्धा कपूर इसके प्रोमोशन में व्यस्त हैं. 'बाहुबली' की बड़ी सफलता के बाद हिंदी क्षेत्रों में भी प्रभाष की जबरदस्त फैन फॉलोइंग हो गयी है. जाहिर तौर पर 'साहो' की सफलता हिंदी फिल्मों में प्रभास के कैरियर को तय करेगी. उनसे उर्मिला कोरी की हुई खास बातचीत...

-आपने 'बाहुबली' के बाद कहा था कि आप ऐसी फिल्में नहीं करेंगे, जिसे पूरी होने में लंबा वक्त लगे?

सही है कि जब 'साहो' साइन की थी, तो लगा था कि एक साल में पूरी हो जायेगी, मगर ढाई साल लग गये. इस फिल्म में काफी एक्शन था, इसलिए काफी वक्त लग गया. सीन को बेहतर बनाने के लिए हॉलीवुड से 50 एक्सपर्ट टेक्नीशियंस बुलाये गये थे, ताकि हर दृश्य प्रभावी बन सके. इन सब चीजों में वक्त लगा. इसके साथ ही 'बाहुबली' के बाद लोगों की उम्मीदें मुझसे बढ़ गयी थीं. जल्दी के चक्कर में कुछ गड़बड़ न हो, इसका मुझे ध्यान देना था.

-लोगों की उम्मीदों का बोझ आप पर हावी है?

मैं कोई बोझ नहीं ले रहा. जिंदगी को और एंजॉय कर रहा हूं. 'बाहुबली' दोनों फिल्में जबरदस्त कामयाब रहीं. इतना सोचा नहीं था, जितना मिला. जब पहली मूवी आयी थी, तो लगा था कि साउथ में अच्छा करेगी, लेकिन उत्तर भारत में भी जिस तरह का रिस्पांस मिला, वह कमाल का था. कभी-कभी 'बाहुबली' देखता हूं, तो सोचता हूं कि क्या वाकई में यह मैं था. यकीन नहीं होता. भारत ही नहीं, विदेशों में भी उस फिल्म की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है. 'बाहुबली' के बाद मेरी जिंदगी में सबकुछ अच्छा हुआ है.

-'बाहुबली' के बाद अगली फिल्म 'साहो' होगी, इसके पीछे खास वजह?
'बाहुबली' के बाद के बाद मुझे बहुत सारी कॉस्ट्यूम ड्रामा फिल्म ऑफर हुई थी, लेकिन मैं एक लव स्टोरी फिल्म करना चाह रहा था. एक्शन फिल्म नहीं करना चाहता था. लेकिन 'साहो' की कहानी मुझे अपील कर गयी. इस फिल्म का एक्शन बहुत खास है. पूरी टीम ने बहुत मेहनत की है.

-'बाहुबली' के बाद हिंदी फिल्मों में अपने करियर को कहां देखते हैं?
'साहो' का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन ही बतायेगा कि हिंदी क्षेत्र के दर्शक मुझे किस तरह से लेते हैं, तभी मैं आगे के बारे में सोच पाऊंगा. इसके बाद ही मैं पैन इंडिया फिल्मों के बारे में सोचूंगा. लेकिन तेलुगू फिल्में करना कभी नहीं छोड़ूंगा. हिंदी भी करते रहना चाहूंगा. मुझे तमिल, मलयालम की भी कुछ अच्छी फिल्में ऑफर हुई हैं.

-क्या आपको लगता है कि अब रीजनल और हिंदी फिल्मों के बीच कोई दूरी नहीं रह गयी है?

हां, मुझे लगता है कि 'बाहुबली' ने इसकी शुरुआत कर दी है. दक्षिण में लोग हमेशा से हिंदी फिल्मों के फैन रहे हैं. मेरी मां सलमान खान की फैन हैं और उन्होंने 'मैंने प्यार किया' कई बार देखी है. उनके गांव (विजयवाड़ा के पास है) के थियेटर में यह फिल्म 150 दिनों से ज्यादा चली थी. मेरे नानाजी भी सलमान खान के बहुत बड़े फैन रहे हैं.

-आप हिंदी भाषा से कितना जुड़ पाये हैं?

मैंने काफी कुछ सीख लिया है. अब मैं हिंदी अच्छे से पढ़ना और लिखना सीख चुका हूं. खास है कि मैंने 'साहो' के हिंदी वर्जन की पूरी स्क्रिप्ट हिंदी में ली, ताकि मैं सही से इमोशन को पकड़ पाऊं. मैं अपने सारे डायलॉग हिंदी में लिखवाता हूं. अंग्रेजी में लिखवाने से वो इमोशंस नहीं आ पाते हैं. मुझे रोमन में लिखी हिंदी के बजाय देवनागरी में लिखी हिंदी ज़्यादा समझ आती है. सेट पर हिंदी सिखाने वाले टीचर भी इससे बहुत खुश हैं कि मैं हिंदी में स्क्रिप्ट पढ़ सकता हूं.

-'बाहुबली' से जो स्टारडम मिली, खुद को कैसे ग्राउंडेड रखते हैं?

मेरे दोस्तों ने मुझे ग्राउंडेड रखा है. 'साहो' में ज्यादातर दोस्त काम कर रहे हैं, तो उन्होंने मेरे स्टारडम को मुझ पर 'बाहुबली' के बाद हावी नहीं होने दिया है. मैं ज्यादातर परिवार और दोस्तों के साथ रहता हूं. मैं पब्लिक पर्सन नहीं हूं. इसकी वजह से ग्राउंडेड हूं शायद. फिर राजामौली सर, जिनकी 'बाहुबली' से भी पहले काफी फिल्में हिट रही हैं, उनसे भी ग्राउंडेड रहना सीखता हूं.

-कहा जा रहा कि आप सबसे महंगे स्टार हो गये हैं?

मुझे इस बारे में पता नहीं है, मैं फिलहाल रेम्यूनेशन नहीं लेता हूं. 'साहो' मेरी दोस्त की फिल्म है, इसलिए पैसे की बात नहीं हुई. इसका बजट बहुत है. वह कवर हो जाये, तो वहीं मेरी असली कमाई होगी. मैं चाहता हूं कि किसी का नुकसान नहीं हो बस.

-स्कूल-कॉलेज के दिनों में आप कैसे थे ?

मैं स्कूल के दिनों में भी लड़कियों से बात करने में हिचकता था. तब बहुत शरारती था. स्कूल में कभी-कभी जब बोर हो जाता था, तो बेंच के नीचे छुप कर बदमाशी करता था. टीचर्स मेरी पिटाई भी करते थे. क्लासरूम से बाहर भी निकाला जाता था. बेंच पर भी खड़ा किया जाता था. मगर उन दिनों को अब मिस करता हूं.

-रोमांटिक सीन करना कितना मुश्किल है ?

शुरुआती दिनों में दिक्कत होती थी. मैं एक्ट्रेस को छूता भी नहीं था. पहली फिल्म के एक सीन में लड़की रोड पर भाग कर मुझसे गले लग रही है... मगर मैं उसे पकड़ ही नहीं पा रहा था. डायरेक्टर ने कहा- उसे गले लगाओ, मैं नहीं लगा पा रहा था. बाद में मेरे डायरेक्टर ने मुझे समझाया. फिर मैंने उनसे कहा कि मैंने कभी किसी लड़की को नहीं छुआ है. इसके बाद मैं रोमांटिक फिल्मों में सहज हुआ. 'साहो' में श्रद्धा ने काफी मदद की. वह रोमांटिक दृश्य अधिक अच्छे से कर जाती हैं. हमारी केमेस्ट्री खूब जमी है.

-आपकी तुलना  सलमान, शाहरुख और आमिर से हो रही है. कैसा लगता है?

मैं बिल्कुल खुद को उस लायक नहीं समझता हूं. मैं खुद इन सबका फैन रहा हूं. 30 साल से वे काम कर रहे हैं. जैसा कि मैंने कहा, मेरे परिवार के लोग उनकी फिल्में देखना पसंद करते हैं. वे सभी के लिए प्रेरणा हैं. उन्होंने इंडियन सिनेमा के लिए काफी कुछ किया है. मेरा मानना है कि 50 साल के बाद भी जब वे इंडस्ट्री का हिस्सा नहीं होंगे, लोग उन्हें याद करेंगे. उन्होंने उतनी बड़ी कामयाब जर्नी पूरी की है.

रिलीज से पहले 300 करोड़ की कमाई

जब से सुपरस्टारप्रभास और श्रद्धा कपूर की फिल्म 'साहो' की घोषणा हुई, फैन्स इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. प्रभास संग जैकलीन फर्नांडिस पर फिल्माया 'बैड ब्वॉय' गाना खूब पसंद किया जा रहा है. बताया जा रहा कि इस फिल्म ने अपनी रिलीज से पहले ही 300 करोड़ रुपये कमा लिये हैं और प्रभास ने सौ करोड़ की फीस ली है. रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म की यह कमाई सभी भाषाओं में दिये गये थिअट्रिकल राइट्स के हैं, जबकि इसमें फिल्म के सेटेलाइट्स और वेब प्लेटफॉर्म्स के राइट्स शामिल नहीं हैं. यह हिंदी, तमिल और तेलुगू भाषा में बनायी गयी है. इसलिए भी माना जा रहा है कि यह इस साल में कमाई करने वाली सबसे बड़ी फिल्म हो सकती है. बता दें कि इस फिल्म में प्रभास और श्रद्धा कपूर के अलावा नील नितिन मुकेश, चंकी पांडे, जैकी श्रॉफ, मंदिरा बेदी, महेश मांजरेकर और टीनू आनंद भी मुख्य भूमिकाओं में दिखाई देंगे. यह फिल्म 30 अगस्त को सिनेमाघरों में होगी.

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