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bokaro

  • May 19 2017 8:43AM

दहेज के लिए अनुपमा को जला दिया था जिंदा, पत्नीहंता दोषी करार

बोकारो: चंदनकियारी निवासी विवाहिता अनुपमा देवी को दहेज के लिए जिंदा जलाने के मामले में स्थानीय अपर जिला व सत्र न्यायाधीश द्वितीय रंजीत कुमार की अदालत ने गुरुवार को पति को दोषी करार दिया है. दोष सिद्ध हुए मुजरिम पति चंदनकियारी निवासी आदित्य साव (28 वर्ष) है.

सजा की बिंदु पर फैसला सुनाने की तिथि 20 मई निर्धारित की गयी है. सरकार की तरफ से इस मामले में विशेष लोक अभियोजक राकेश कुमार राय ने बहस की. न्यायालय में इस मामले की सुनवाई सेशन ट्रायल संख्या 126/15 व चंदनकियारी थाना कांड संख्या 10/15 के तहत चल रहा है.

घटना 20 जनवरी 2015 की है. प्राथमिकी रांची के थाना अनगढ़ा, ग्राम जोन्हा निवासी विवाहिता के पिता कमला कांत साहू ने दर्ज करायी थी. 
 
क्या है मामला
अनुपमा का विवाह 14 मार्च 2012 को चंदनकियारी निवासी आदित्य साव के साथ हुआ था. विवाह के तीन माह बाद से ही अनुपमा से दहेज के रूप में 50 हजार रुपये नकद व एक बाइक की मांग कर उसे मारपीट कर पति द्वारा प्रताड़ित किया जाने लगा. इस मामले को लेकर पंचायती भी हुई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. अनुपमा को जुड़वा बच्चा भी हुआ. इसके बाद भी दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर पति ने मारपीट कर उसे मायका पहुंचा दिया. कई माह तक वह मायका में रही. पंचायत के बाद पति उसे लेकर अपने साथ गया. इसके बाद भी प्रताड़ना का दौर कम नहीं हुआ. 20 जनवरी 2015 को पति आदित्य साव ने अनुपमा के साथ मारपीट कर घर में ही केरोसिन छिड़क कर उसे जिंदा जला दिया. गंभीर रूप से जली अनुपमा की मौत उसी दिन अस्पताल में हो गयी थी.
 

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