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bokaro

  • Jan 12 2019 8:29AM
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तेलीडीह स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी का वेतन रोका

चास : डीडीसी रविरंजन मिश्रा ने शुक्रवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चास का निरीक्षण किया. उन्होंने प्रभारी डॉ अनिल कुमार को तेलीडीह-आदर्श कॉलोनी में स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तेलीडीह के इंचार्ज डॉ एम ठाकुर का वेतन रोकने का निर्देश दिया. गौरतलब हो कि प्रभात खबर में 10 जनवरी के अंक में ‘नहीं आते हैं डॉक्टर बाबू, बंद रहता है प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र’ शीर्षक से खबर छपने के बाद डीडीसी ने यह कार्रवाई की. 
 
उन्होंने चास प्रखंड के टुपरा स्थित प्राथमिक उपस्वास्थ्य केंद्र की डाॅक्टर जैसमीन का भी वेतन रोकने का निर्देश दिया.  दोनों ही डाॅक्टर पदस्थापित स्वास्थ्य केंद्र में नहीं जाते हैं. इस कारण मरीजों को निजी अस्पतालों में भर्ती होना पड़ता है. जिसका खर्च उठाना ग्रामीणों के लिये संभव नहीं होता है.
 
आयुष्मान भारत योजना का लक्ष्य पूरा नहीं होने पर लगायी फटकार
डीडीसी ने अस्पताल के प्रभारी डॉ अनिल से आयुष्मान भारत योजना के तहत निबंधन रजिस्टर की जांच की. इसमें लक्ष्य के अनुरूप क्लेम नहीं करने पर उन्होंने प्रभारी को फटकार लगायी.  प्रभारी ने डीडीसी को बताया कि योजना का क्लेम सिजेरियन से होने वाले डिलेवरी पर किया जाना है. 
 
लेकिन यहां सभी नॉर्मल डिलेवरी ही होती है. सिजेरियन का मामला आने पर मरीज को तुरंत सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल या मरीज के अनुसार किसी निजी अस्पताल में रेफर कर दिया जाता है. इस कारण लक्ष्य प्राप्त करने में कठिनाई आती है. डीडीसी ने क्लेम सेटलमेंट पर तेजी लाने का निर्देश दिया. 
 
दवा भंडारण के लिए भवन निर्माण का दिया आश्वासन
डीडीसी ने दवा भंडारण के जर्जर भवन को देख नाराजगी जाहिर की. उन्होंने दवा के रख-रखाव में लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया. साथ ही उन्होंने दवा भंडारण के लिये दो-तीन कमरों का एक भवन निर्माण कराने का आश्वासन दिया.
 
मरीज की परेशानी से वार्ड के अंदर से जेनरेटर की करायी गयी शिफ्टिंग       
पीएचसी में बिजली चले जाने की स्थिति पर जेनरेटर की व्यवस्था है. लेकिन उक्त जेनरेटर को भर्ती मरीजों के पास ही रखा गया है. डीडीसी के निरीक्षण के दौरान बिजली चले जाने पर जेनरेटर को चालू किया गया. 
 
इससे वहीं भर्ती एक गर्भवती मरीज को परेशानी हुई.  इस पर डीडीसी ने जेनरेटर को बाहर लगाने का निर्देश दिया. साथ ही महिला मरीज को दूसरे जगह शिफ्ट कराया गया. मरीजों ने कहा कि शिकायत के बावजूद जेनरेटर नहीं हटाया गया था.  
 

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