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  • Oct 8 2019 8:05AM
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जय श्रीराम ना कहने पर पीटाः क्या है पूरा मामला?

जय श्रीराम ना कहने पर पीटाः क्या है पूरा मामला?

अलवर

Getty Images
प्रतीकात्मक तस्वीर

'वो दो लोग थे. दोनों शराब के नशे में थे. हमें गालियां दी, बेइज्ज़त किया और बार-बार जय श्री राम बोलने के लिए कहते रहे, हमें मुल्क का ग़द्दार कहा गया. हमारे साथ घर की एक महिला सदस्य भी थी, वे उनकी तरफ़ अश्लील इशारे करते रहे' यह कहते हुए हरियाणा में नूंह के रईस ख़ान भावुक हो गए.

राजस्थान में अलवर के केंद्रीय बस अड्डे पर शनिवार रात हुई इस घटना के बाद मौक़े पर पहुंची पुलिस ने दो लोगों को गिरफ़्तार किया है. पुलिस ने वंश भारद्वाज और सुरेंद्र भाटिया के ख़िलाफ़ संगीन धाराओं में मुक़दमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

पुलिस के मुताबिक़, गिरफ़्तार किये गए दोनों लोगो का किसी संगठन से संबध नहीं है लेकिन वंश भारद्वाज के ख़िलाफ़ आपराधिक मामलों का इतिहास रहा है. इन दोनों को रविवार के दिन न्यायिक अधिकारी के समक्ष पेश किया गया था जहां से उन्हें 18 अक्तूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

अलवर में ये घटना उस समय हुई है जब रईस ख़ान अपने घर परिवार की एक महिला सदस्य और एक बच्चे के साथ नूंह जाने के लिए बस अड्डे पहुंचे.

वे बस का इंतज़ार कर रहे थे. तभी दो लोग आये और उनसे बदसलूकी करने लगे. रईस कहते हैं, 'वे नशे में थे. उन्होंने हमें जय श्रीराम बोलने को कहा. हम सर झुका कर सुनते रहे. जब नहीं बोले तो कहा तुम वतन के ग़द्दार हो. भद्दी गालियां दी. हद तो तब हो गई जब वो अर्ध नग्न होकर हमारे परिवार की महिला सदस्य के सामने अश्लील इशारे करने लगे.'

रईस ख़ान कहते हैं, 'उस वक्त काफ़ी भीड़ थी. पर कोई बीच में नहीं बोला. मगर एक चाय वाले ने उन्हें रोकने की कोशिश की, पर वो नहीं माने. हम मिन्नतें करते रहे. हमारी इज्ज़त की धज्जियां उड़ती रहीं. तभी एक व्यक्ति आया जो सेना से था. उसने उन दोनों को रोका और वहां तमाशबीन बनी भीड़ से भी कहा 'आप सब बुज़दिल हो. ये चाय वाला बोल रहा है, आप लोग इस नाइंसाफ़ी पर चुप हो. शर्मानक है.'

रईस ख़ान कहते हैं, 'वो फ़रिश्ते की तरह आया और हमसे कहने लगा 'मैं सेना में हूं. मैं भी हिन्दू हूं, जो कुछ हुआ है, मैं उसके लिए माफ़ी मांगता हूं. इन्हीं जैसे लोगों की वजह से भारत बदनाम होता है.'

अलवर
EPA
प्रतीकात्मक तस्वीर

रईस ख़ान ने बीबीसी से कहा, 'सेना के उस व्यक्ति ने उन दोनों को क़ाबू में किया और फिर पुलिस को ख़बर दी गई. पुलिस ने उन दोनों को गिरफ्तार कर लिया. हम कार्रवाई नहीं करना चाहते थे क्योंकि पहले रकबर मारा जा चुका है और भी मारे गए हैं. दो दिन मीडिया में हल्ला मचता है और फिर बात ख़त्म. लेकिन पुलिस का व्यवहार काफ़ी अच्छा था. हमे पुलिस ने तस्सली दी और मदद का भरोसा दिलाया है.'

अलवर महिला थाने की थानाधिकारी चौथ मल वर्मा ने बीबीसी को बताया कि दोनों के ख़िलाफ़ दंड संहिता की धारा 386 यानि मृत्यु या गंभीर आघात का डर पैदा कर वसूली करना और दफ़ा 295 के तहत धार्मिक भावना को आहत करने का मामला बनाया गया है.

इन धाराओं में जुर्म साबित होने पर दस साल तक की सज़ा हो सकती है. इसके आलावा महिला की निजता का अतिक्रमण और मारपीट का मामला भी दर्ज किया गया है.

नूंह के रईस ख़ान अपने पारिवार के साथ एक शादी समारोह में शिरकत करने आये थे. वे कहते हैं कि इस घटना से शादी की ख़ुशियां काफ़ूर हो गईं.

दसवीं जमात पास 24 साल के रईस ख़ान कहते हैं, 'मैं जितना समझता हूं, भगवान राम दुनिया में अच्छाई का संदेश लेकर आये थे. मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या कभी कोई भगवान ऐसा बुरा सलूक करने के लिए कहते हैं. मुझे बहुत दुःख हुआ जब लोग यह सब देखते रहे और बचाव में आगे नहीं आये. मगर मैं सेना के उस व्यक्ति और चाय वाले का आभारी हूं जिन्होंने विपत्ति की घड़ी में अपना फ़र्ज़ निभाया और मदद की. अफ़सोस है कि मैं उन मददगारों का नाम भी नहीं पूछ पाया.'

रईस ख़ान कहते हैं कि उनके परिवार की महिला ने जब उन दोनों को मानवता का वास्ता दिया और ऐसा न करने को कहा तब उनमें से एक अर्ध नग्न हो कर सामने आ गया और गंदे इशारे करने लगा. मुझे लगा कि अगर मैंने विरोध किया तो भीड़ हमारे ऊपर टूट पड़ेगी. पर तभी वो सेना का आदमी बचाव में आ खड़ा हुआ और दोनों को फटकार लगाई.

रईस कहते हैं कि देश के नेता कहते हैं, 'बेटी बचाओ, पर क्या ऐसे बेटी बचेगी?'

अलवर
BBC
पहलू ख़ान लिंचिंग मामले के सभी अभियुक्तों को राजस्थान की एक निचली अदालत ने बरी कर दिया.

रईस ख़ान को यह समझ में नहीं आ रहा है कि आख़िर अचानक क्या हो गया कि हमसे हमारी वतन परस्ती पर सवाल पूछे जाने लगे हैं.

रईस ख़ान कहते हैं वो भी उतने ही भारतीय हैं जितने दूसरे.

वे कहने लगे, 'मैं अपने वतन के लिए अपनी जान का नज़राना भी पेश कर सकता हूं. देश की आज़ादी के लिए मुसलमानों ने भी सर कटवाए हैं फिर हमसे क्यों हिसाब मांगा जा रहा है.'

रईस कहते हैं उन लोगो ने हमें देशद्रोही कहा. वो कह रहे थे तुम ग़द्दार हो. पर मैं उन्हें कहना चाहता हूं कि मैं अपने वतन के लिए मर सकता हूं, जान दे सकता हूं मगर वो मुक्का तान कर कह रहा था बोल जय श्री राम. उन्हें पता होना चाहिए था कि भगवान राम तो बुराई मिटाने आये थे.

राजस्थान में अलवर ज़िला ऐसी घटनाओं के लिए संवेदनशील रहा है. इससे पहले वर्ष 2017 में एक उन्मादी भीड़ ने कथित रूप से गौ रक्षा के नाम पर पहलू ख़ान की पीट पीट कर हत्या कर दी थी. इस मामले में मुक़दमा चला पर सभी आरोपी बरी हो गए.

बीते साल ऐसी ही एक घटना में भीड़ ने कथित रूप से गौ तस्करी का आरोप लगा कर रकबर ख़ान को मौत की नींद सुला दी. राज्य सरकार ने दो माह पहले ही मॉब लिंचिंग रोकने के लिए नया क़ानून बनाया है. इसके तहत दोषी पाए जाने पर उम्र क़ैद की सज़ा का प्रावधान किया गया है.

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