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bbc news

  • Feb 12 2019 9:36AM
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रफ़ाल सौदे से पहले अनिल अंबानी गए थे फ़्रांसः प्रेस रिव्यू

रफ़ाल सौदे से पहले अनिल अंबानी गए थे फ़्रांसः प्रेस रिव्यू

अनिल अंबानी

Getty Images

रफ़ाल सौदे को लेकर रोजाना नई-नई ख़बरें आ रही हैं. इसी सिलसिले में इंडियन एक्सप्रेस ने रफ़ाल सौदे से जुड़ी एक ख़बर प्रकाशित की है.

इस ख़बर के अनुसार रफ़ाल सौदे की घोषणा से दो हफ्ते पहले अनिल अंबानी ने फ्रांस के रक्षा अधिकारियों के साथ मुलाक़ात की थी.

ख़बर के मुताबिक साल 2015 में मार्च महीने के चौथे हफ्ते में अनिल अंबानी पेरिस गए थे और वहां उन्होंने फ्रांस के रक्षा विभाग के अधिकारियों से मुलाक़ात की थी.

इस बैठक में तत्कालीन फ्रांसीसी रक्षा मंत्री जीन वेस ली ड्रायन के विशेष सलाहकार जीन क्लॉड मैलेट शामिल हुए थे.

इस बीच रफ़ाल सौदे पर कैग की रिपोर्ट आज संसद में पेश होगी.

भूपेन हज़ारिका
Getty Images

भूपेन हज़ारिका के बेटे ने भारत रत्न लौटाने की बात कही

महान संगीतज्ञ भूपेन हज़ारिका के बेटे ने भारत रत्न लौटाने की बात कही है. इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित इस समाचार में बताया गया है कि भूपेन हज़ारिका के बेटे तेज हज़ारिका सरकार की ओर से लाए जा रहे नागरिकता संशोधन बिल से नाराज़ हैं.

उन्होंने कहा है कि भारत रत्न देना या फिर सबसे लंबा पुल बनाना आवश्यक तो है लेकिन सिर्फ इसी से देश के नागरिकों में शांति और समृद्धि नहीं आएगी.

ख़बर के मुताबिक भूपने हज़ारिका के बेटे तेज हज़ारिका ने कहा, "बहुत से पत्रकार मुझसे पूछ रहे हैं कि क्या मैं भारत रत्न स्वीकार नहीं करूंगा. इस पर मेरा जवाब है कि अभी तक मुझे किसी तरह का निमंत्रण ही नहीं मिला है तो उसे अस्वीकार करने की बात ही नहीं आती."

"साथ ही सरकार ने यह राष्ट्रीय महत्व का सम्मान दिया है इससे ज़्यादा महत्वपूर्ण यह हो गया है कि यह सम्मान किस वजह से किस तरीके से दिया गया है."

अख़बार ने इसके साथ ही सरकार का पक्ष भी रखा है. जिसमें उन्होंने असम के मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार ऋषिकेश गोस्वामी के बयान प्रकाशित किया है. ऋषिकेश गोस्वामी ने कहा कि भूपेन हज़ारिका का परिवार भारत रत्न सम्मान को खुशी-खुशी स्वीकार कर चुका है. अब भारत रत्न को ठुकराकर तेज हज़ारिका क्या यह बताना चाहते हैं कि उनके पिता इस सम्मान के हक़दार नहीं थे?

नागेश्वर राव
PTI

नागेश्वर राव ने अफसर के तबादले पर सुप्रीम कोर्ट से माफ़ी मांगी

जनसत्ता की ख़बर के मुताबिक एम नागेश्वर राव ने सीबीआई के अंतरिम प्रमुख रहते हुए जांच एजेंसी के पूर्व संयुक्त निदेशक एके शर्मा का तबादला करने पर सुप्रीम कोर्ट से माफी मांग ली है.

राव ने सोमवार को स्वीकार किया कि उन्होंने ग़लती की है और इसके लिए वो माफी मांगते हैं. उनका कहना है कि शीर्ष अदालत के आदेशों का उल्लंघन करने की उनकी कोई मंशा नहीं थी.

एके शर्मा बिहार में बालिका गृह मामले की जांच कर रहे थे. न्यायलय ने राव के तबादले के आदेश को शीर्ष अदालत के पिछले दो आदेशों का उल्लंघन माना था और अवमानना का नोटिस जारी किया था.

एम नागेश्वर राव को 12 जनवरी को कोर्ट में उपस्थित होना है. बीते 17 जनवरी को राव ने न्यायलय की अनुमति के बगैर एके शर्मा को सीआरपीएफ में तबादला कर दिया था.

भूपेन हज़ारिका
Getty Images

सख्ती के बाद पेश होने पहुंची ट्विटर की टीम

सूचना प्रोद्योगिकी विभाग से संबंधित संसद की स्थायी समिति ने ट्विटर के सीईओ जैक डोर्सी को 25 फ़रवरी तक संसद में पेश होने का आदेश दिया है.

हिंदुस्तान में प्रकाशित समाचार में बताया गया है कि समिति के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने सोमवार को यह जानकारी दी. लोकसभा चुनाव से पहले कई पक्षों ने डेटा की निजता और सोशल मीडिया के ज़रिए चुनावों में इस्तेमाल पर चिंता जाहिर की थी.

इसी को लेकर समिति ने ट्विटर के अधिकारियों को बुलाया था. उन्‍हें पहले 7 फरवरी को पेश होना था. ट्विटर की ओर से पेश होने की तारीख बढ़ाने की मांग की गई थी, जिसके बाद समिति ने ट्विटर को 11 फरवरी तक पेश होने का वक़्त दिया था.

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