2006 Q Q 23 : क्‍या 10 अगस्त को खत्म हो जाएगा एक देश, धरती से टकराने बढ़ रहा है एस्टेरॉयड !

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
  • धरती पर मंडरा रहा है बड़ा खतरा
  • पृथ्‍वी से टकरा सकता है एक एस्टेरॉयड
  • एम्पायर स्टेट बिल्डिंग से भी बड़ा है आसमान से आयी यह मुसीबत
लाखों साल पहले आसमान से आया एक एस्टेरॉयड धरती पर कहर बनकर टूटा था. उसएस्टेरॉयड ने धरती पर इतनी तबाही मचाई थी कि कई जीवों का अस्तित्‍व खत्‍म हो गया था, डायनासॉरस का वजूद भी उसी के कारण मिट गया था, अब एक बार उसी तरह का एकएस्टेरॉयड 2006 क्‍यू क्‍यू 23 धरती की तरफ बढ़ रहा है. उम्‍मीद की जा रही है कि 10 अगस्‍त को वो पृथ्‍वी से टकरा सकता है. पृथ्वी की तरफ बढ़ने वाले इस एस्टेरॉयड को लेकर वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ी हुई है.
वैज्ञानिक इसके गिरने की जगह को निर्धारित करने की कोशिश में जुटे हैं, ताकि जिस स्थान पर यह गिरेगा वहां का नुकसान कमसे कम किया जा सके. चिली स्थित दुनिया की सबसे बड़ी दूरबीन से इसएस्टेरॉयड की गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही है. नासा नये सिरे से इसके आकार प्रकार को मापने में लगा हुआ है.
साल 2006 में पहली बार नजर आया, फिर हो गया था लापता
वैज्ञानिकों ने अगस्त 2006 में पहली बार एस्टेरॉयड 2006 क्‍यू क्‍यू 23 का पता लगाया था. उस समय भी इसके धरती से टकराने के कयास लगाये जा रहे थे. वैज्ञानिकों ने लगातार 10 दिनों तक इसपर नजर रखी थी. उस वक्‍त यह धरती के काफी करीब आ गया था. लेकिन, फिर यह वैज्ञानिकों की नजरों से ओझल हो गया. अब एक बार फिर नासा के वैज्ञानिकों को यह एस्टेरॉयड नजर आया है. जो धरती से बहुत करीब है.
हालांकि, नासा के सेंटर फॉर नीयर अर्थ आब्जेक्ट स्टडीज का कहना था कि 20 हजार से अधिक विश्लेषणों में पाया गया है कि अगली सदी में इंसानों के खत्म होने की संभावना 10 हजार में एक है. लेकिन खगोल वैज्ञानिकों का कहना है कि इतनी नजदीक से गुजरते वक्त यह कभी भी पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण की चपेट में आकर पृथ्वी पर गिर सकता है. और आकार में काफी बड़ा होने के कारण यह जहां पर गिरेगा, वहां भारी तबाही होगी.
धरती के बेहद करीब होगा यह एस्टेरॉयड
नासा के वैज्ञानिकों की माने तो यह एस्टेरॉयड अपनी धुरी पर आगे बढ़ते हुए पृथ्वी के करीब 45 लाख किलोमीटर करीब तक आयेगा, ऐसे में आशंका जतार्इ जा रही है कि यह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के अंदर आ सकता है.
खत्म हो सकता है एक देश
2006 क्‍यू क्‍यू 23एस्टेरॉयड का ब्यास 254 से 568 मीटर के बीच है. यह 263 दिनों में सूर्य का एक चक्कर लगा रहा रहा है. उम्‍मीद है कि 10 अगस्‍त को य‍ह धरती के बेहद करीब से गुजरेगा. हालांकि, इसके धरती से टकराने की आशंका 7 हजार में से एक के बराबर है. इसके बाद भी वैज्ञानिक इसके खतरे को कम करके नहीं देख रहे हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि इतना बड़ा एस्टेरॉयड धरती से टकरा जाए तो एक देश को खत्म कर सकता है.
कई एस्टेरॉयड के हमले झेल चुकी है धरती, इसी से खत्‍म हुए थे डायनासोर
साल 2013 में रुस के चेलियाबिंस्क में एक छोटा पिंड टकराया था, उस टक्‍कर के कारण वहां 66 फीट गहरा गड्ढा हो गया था. और करीब 15 सौ लोग घायल हो गए थे, साथ ही संपित्तयों को भी काफी नुकसान पहुंचा था. साल 2012 में एक बस के आकार का एस्टेरॉयड धरती के काफी करीब से निकला था.
यह एस्टेरॉयड गोली से 10 गुना तेज रफ्तार से गुजरा था. बीते महीने 19 जुलाई को एनजे 2 एस्टेरॉयड धरती के काफी नजदीक से गुजरा था. इनसबसे अलग करीब 6.6 करोड़ साल पहले 10 किलोमीटर आकार का एक छुद्र ग्रह धरती से टकराया था जिसके कारण पृथ्‍वी से डायनासोर समेत कई प्रजातियां विलुप्त हो गई थीं.
क्या होते हैं एस्टेरॉयड
हमारे सौरमंडल में मंगल और बृहस्पति के बीच हजारों छोटे बड़े खगोलीय पिंड तैर रहे है. उन्‍हें एस्टेरॉयड कहा जाता है. हमारे सौरमंडल में करीब एक लाख एस्टेरॉयड हैं, जो अलग-अलग आकार के हैं.
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