Viral Video : OMG, अगर दम ना हो; तो ना देखें ये वीडियो वरना…

Viral Video : चीन का हुआ शान पर्वत अपनी संकरी और खतरनाक पगडंडियों के लिए जाना जाता है. यह पहाड़ काफी चर्चित है और यहां खतरनाक ट्रैकिंग में रखने वाले लोग खूब आते हैं और रोमांचित होते हैं. इन पगडंडियों का रखरखाव भी बहुत जोखिम भरा काम है, क्योंकि हजारों फीट की ऊंचाई पर सफाई करनी होती है. रोंगटे खड़े वाली बात यह है कि यहां कई सफाईकर्मी बहुत ही आराम से अपने काम को अंजाम देते नजर आते हैं.

Viral Video : दुनिया में कई ऐसे लोग हैं, जिनकी डिक्शनरी में डर के लिए कोई जगह नहीं है और वे भयानक से भयानक काम करने से भी नहीं घबराते हैं. सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हैं, जिसमें इसी तरह का दृश्य नजर आ रहा है. वायरल वीडियो को अबतक 7.9 मिलियन लोगों ने देखा है. इस वीडियो को देखने से कई लोगों को चक्कर आने लगते हैं.

1000 फीट की ऊंचाई पर बनाया गया है वीडियो

वायरल वीडियो 1000 फीट की ऊंचाई पर बनाया गया है. इस वीडियो में एक सफाईकर्मी महिला किसी पहाड़ की संकरी सीढ़ियों पर सफाई का काम कर रही है. महिला के हाथ में एक झाड़ू है और वह महिला ऊंचाई की परवाह किए बिना, बड़े आराम से उन सीढ़ियों की सफाई करती दिख रही है. महिला जहां सफाई कर रही है, उसकी चौड़ाई एक फीट भी नजर नहीं आ रही है और ना ही वहां महिला को सुरक्षित करने के लिए कोई रेलिंग या सहारा ही है. बावजूद इसके वह महिला बड़े आराम से अपना काम कर रही है.

चीन के हुआ शान (Hua Shan ) पर्वत का है वीडियो

इस वीडियों को देखकर अधिकतर लोग यह समझते हैं कि यह वीडियो फर्जी है. जबकि सच्चाई यह है कि यह Hua Shan पर्वत का असली वीडियो है. हुआ शान पर्वत चीन के शानक्सी प्रांत में स्थित है. यह पर्वत अपनी खतरनाक और संकरी पगडंडियों के लिए ही प्रसिद्ध है. इस पर्वत की पगडंडियों पर चलना बहुत ही खतरनाक काम है और इसका अनुभव करने वालों की कई बार चीख निकल जाती है. वायरल वीडियो में हुआ शान पर्वत का जो इलाका दिखाया जा रहा है, जहां जोखिम के बावजूद सफाई कर्मी काम करते हैं. इस काम को विश्व के खतरनाक कामों की लिस्ट में शामिल किया जाता है.

हुआ शान पर्वत है पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र

हुआ शान पर्वत पर पर्यटकों का मेला लगा रहता है. खासकर वैसे व्यक्ति जो साहसिक यात्रा और ट्रैकिंग में रुचि रखते हैं, वे इस पर्वत पर आते हैं . हालांकि चीन की सरकार ने इस पर्वत पर चढ़ने वालों के लिए सुरक्षा के कई इंतजाम कर दिए हैं और अब यहां काफी सुरक्षित सीढ़ियां और केबल कार का भी इंतजाम किया गया है. पर्यटक यहां सूर्यादय देखने के लिए आते हैं और जिसके लिए रात से ही चढ़ाई शुरू कर दी जाती है. इस पर्वत की पांच चोटियां सबसे प्रसिद्ध है, जहां पहुंचकर लोग आनंदित होते हैं.

ये भी पढ़ें : Viral Video : नहीं-नहीं माताजी मुझे नहीं नहाना है, मां ने नहीं सुनी गुहार; सीने से खींचकर अलग किया और पटक कर नहलाया

Video : हरतालिका तीज मेहंदी डिजाइन, 5 मिनट में लाइन और डाॅट्‌स से बनाएं ये सिंपल डिजाइन

Viral Video : हाथी ने सूंड़ से हिरण के डूबते बच्चे को बचाया, वीडियो देख आप कह उठेंगे-तुस्सी ग्रेट हो

Viral Video : ये वीडियो देख कांप जाएंगे आप, डॉल्फिन परिवार की जाइंट मछली ओर्का ने अपनी ट्रेनर को ऐसे निगला

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >