Shraddha Murder Case: आरोपी आफताब का पॉलीग्राफ टेस्ट पूरा, 1 दिसंबर को नार्को जांच, बढ़ाई गई सुरक्षा

आफताब पूनावाला के वकील अबिनाश कुमार ने बताया कि पुलिस ने आरोपी को एक दिसंबर और पांच दिसंबर को रोहिणी स्थित प्रयोगशाला ले जाने की अनुमति दिए जाने का अनुरोध किया था, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया.

श्रद्धा वालकर मर्डर केस के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला का पॉलीग्राफ टेस्ट पूरा हो चुका है. अब उसका नार्को टेस्ट कराया जाएगा. दिल्ली की एक अदालत ने रोहिणी स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएससी) में आफताब अमीन पूनावाला की नार्को जांच कराने की अनुमति दे दी है.

1 दिसंबर और 5 दिसंबर को आफताब का नार्को टेस्ट

आफताब पूनावाला के वकील अबिनाश कुमार ने बताया कि पुलिस ने आरोपी को एक दिसंबर और पांच दिसंबर को रोहिणी स्थित प्रयोगशाला ले जाने की अनुमति दिए जाने का अनुरोध किया था, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया.

Also Read: श्रद्धा वालकर हत्याकांड: गुस्साये लोगों ने किया आरोपी आफताब पर तलवार से हमला, 4 से 5 लोग गिरफ्तार

पूनावाला पर हमले के बाद एफएसएल रोहिणी के बाहर सुरक्षा कड़ी की गई

पूनावाला को लेकर जा रही एक पुलिस वैन पर सोमवार को एफएसएल के बाहर कुछ हथियारबंद लोगों ने हमला कर दिया था. जिसके मद्देनजर प्रयोगशाला के पास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. पूनावाला को पॉलीग्राफ जांच के लिए सोमवार को एफएसएल ले जाया गया था, तभी उस पर हमला हुआ. पुलिस ने 4 से 5 लोगों को गिरफ्तार कर कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है. गिरफ्तार होने के बाद एक हमलावर ने बताया था कि आफताब ने जिस तरह से श्रद्धा की हत्या कर उसके शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिये थे, उसी तरह आरोपी के भी टुकड़े-टुकड़े कर देंगे.

श्रद्धा की हत्या के बाद आफताब ने शव के दिये थे 35 टुकड़े

आफताब पूनावाला (28) पर अपनी ‘लिव-इन पार्टनर’ श्रद्धा वालकर की हत्या करने और उसके शव के 35 टुकड़े करने का आरोप है. आरोप है कि उसने शव के टुकड़ों को दक्षिण दिल्ली में महरौली के अपने घर में करीब तीन सप्ताह तक 300 लीटर के एक फ्रिज में रखा और फिर कई रातों तक उसे शहर के विभिन्न स्थानों पर फेंकता रहा. पुलिस ने पूनावाला को 12 नवंबर को गिरफ्तार किया, जिसके बाद उसे पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया. पुलिस हिरासत को 17 नवंबर को पांच दिनों के लिए बढ़ा दिया गया. अदालत ने 22 नवंबर को फिर से पूनावाला को चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा और उसके बाद 26 नवंबर को उसे 13 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >