Poland Recognized Covishield पोलैंड ने शुक्रवार को सीरम इंस्टीट्यूट में बने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के कोविशील्ड को मान्यता दे दी है. इसके साथ ही पोलैंड गणराज्य के क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद भारतीयों को कोरेंटिन नहीं होना होगा. न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, नई दिल्ली में पोलैंड का दूतावास ने इसकी जानकारी दी है.
बता दें कि भारत में कोरोना वायरस के खिलाफ दो वैक्सीन तैयार की गई हैं. इनमें से एक कोविशील्ड है, जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन मान्यता दे चुकी है. जबकि, दूसरी कोवैक्सीन है, जिसे अभी तक मंजूरी नहीं मिली है. कोवैक्सीन पूरी तरह स्वदेशी है और इसे भारत बायोटेक कंपनी ने विकसित किया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अब तक सात वैक्सीन को मंजूरी दी है. इनमें मॉडर्ना, फाइजर-बायोएनटेक, जॉनसन एंड जॉनसन, ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका, भारत की कोविशील्ड, चीन की सिनोफार्म और सिनोवैक वैक्सीन शामिल हैं.
बता दें कि भारत में कोरोना वायरस के खिलाफ दो वैक्सीन तैयार की गई हैं. इनमें से एक कोविशील्ड है, जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन मान्यता दे चुकी है. जबकि, दूसरी कोवैक्सीन है, जिसे अभी तक मंजूरी नहीं मिली है. कोवैक्सीन पूरी तरह स्वदेशी है और इसे भारत बायोटेक कंपनी ने विकसित किया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अब तक सात वैक्सीन को मंजूरी दी है. इनमें मॉडर्ना, फाइजर-बायोएनटेक, जॉनसन एंड जॉनसन, ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका, भारत की कोविशील्ड, चीन की सिनोफार्म और सिनोवैक वैक्सीन शामिल हैं.
बीते दिनों ब्रिटेन के साथ वैक्सीन के मसले पर विवाद देखने को मिला था. यहां कोविशील्ड वैक्सीन को मंजूरी दिए जाने के बावजूद भी भारतीयों को अनिवार्य तौर पर 10 दिन कोरेंटिन में रहने का नियम लागू किया गया. जवाब में भारत ने भी ब्रिटेन से आने वाले लोगों के लिए यही नियम लागू कर दिया था. हालांकि, बाद में दोनों देश अपने फैसले से पीछे हट गए.
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