कागजों वाली पोस्टिंग का खेल खत्म: हजारीबाग के 1800 स्कूलों में होगा बड़ा फेरबदल, जानें नया शिक्षा फॉर्मूला

Hazaribagh Teacher Transfer: हजारीबाग जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के पदस्थापन में बड़ा फेरबदल होने जा रहा है. शहरी स्कूलों में जरूरत से ज्यादा और ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए DC शशि प्रकाश सिंह ने समायोजन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. अब 30-35 छात्रों के अनुपात में शिक्षकों की तैनाती होगी.

Hazaribagh Teacher Transfer, हजारीबाग (मो. आरिफ अंसारी): हजारीबाग जिले के सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से 12वीं तक पदस्थापित शिक्षक-शिक्षिकाओं की जल्द ही फेर-बदल की जायेगी. नगर निकाय चुनाव संपन्न होते ही शिक्षा विभाग इस दिशा में ठोस कार्रवाई करने की तैयारी में है. उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है. शिक्षा विभाग ने तय फार्मूले के तहत शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है.

35 विद्यार्थियों पर एक टीचर

तय व्यवस्था के अनुसार कक्षा एक से पांचवीं तक 30 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक, कक्षा छह से आठवीं तक 35 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक की व्यवस्था की जायेगी. वहीं, कक्षा नौ से 12वीं तक विषयवार टीजीटी (ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर) और पीजीटी (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) की तैनाती सुनिश्चित की जायेगी.

शहरी स्कूलों में शिक्षक अधिक, ग्रामीण इलाकों में भारी कमी

शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा कराये गये सर्वे में चौंकाने वाले तथ्य सामने आये हैं. रिपोर्ट के अनुसार जिले के शहरी क्षेत्र और उसके आसपास के अधिकांश स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या की तुलना में शिक्षक-शिक्षिकाएं अधिक हैं. इसके विपरीत ग्रामीण और सुदूरवर्ती इलाकों के कई स्कूलों में शिक्षकों की संख्या नगण्य है. कई विद्यालय ऐसे हैं, जहां विद्यार्थियों के अनुपात में शिक्षक बिल्कुल नहीं हैं.

Also Read: अलर्ट मोड में पलामू प्रशासन: 246 केंद्रों पर वोटिंग कल, मतदान केंद्र के अंदर मोबाइल ले जाने पर सख्त पाबंदी

कागजों तक ही सीमित है पोस्टिंग

हालांकि, इन स्कूलों में स्वीकृत पदों के अनुसार शिक्षकों की पोस्टिंग दर्शायी गयी है, लेकिन यह पोस्टिंग केवल कागजों तक सीमित है. वास्तविकता यह है कि कई शिक्षक-शिक्षिकाएं अपनी पहुंच, पैरवी, पारिवारिक समस्या, बीमारी या अन्य कारणों का हवाला देकर शहरी क्षेत्रों में प्रतिनियोजन कराये हुए हैं. इनमें से कई के पति या परिजन डॉक्टर, इंजीनियर या पुलिस विभाग में डीएसपी समेत अन्य पदों पर कार्यरत हैं. इसका सीधा असर ग्रामीण स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था पर पड़ा है.

आंकड़ों में समझें स्थिति

पूरे जिले में सभी कोटियों को मिलाकर लगभग 1800 से अधिक सरकारी स्कूल हैं. इनमें कक्षा एक से आठवीं तक के 1457 स्कूल शामिल हैं. हजारीबाग जिले में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या एक लाख से अधिक है. इन विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए अलग-अलग कोटि और विषयवार लगभग 2500 शिक्षक-शिक्षिकाएं पदस्थापित हैं. इनमें कक्षा एक से आठवीं में 1300, कक्षा नौ से दसवीं में 700 और कक्षा 11वीं से 12वीं में 500 शिक्षक कार्यरत हैं.

नियमों के अनुसार होगा समायोजन

हजारीबाग जिला शिक्षा अधीक्षक आकाश कुमार ने बताया कि विभागीय नियमों के अनुसार कक्षा एक से पांचवीं तक 30 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक और कक्षा छह से आठवीं तक 35 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक की व्यवस्था अनिवार्य है. इसी आधार पर शिक्षकों का समायोजन किया जायेगा.

कक्षा नौ से 12वीं तक विषयवार शिक्षक होंगे

वहीं, जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रवीण रंजन ने कहा कि कक्षा नौ से 12वीं तक विषयवार शिक्षक होंगे. आवश्यकता से अधिक शिक्षकों को फेर-बदल के तहत अन्य विद्यालयों में भेजा जायेगा. शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पाने का अधिकार है और इसमें शिक्षकों की भूमिका सबसे अहम है.

ग्रामीण इलाकों में शिक्षा व्यवस्था होगी मजबूत

शिक्षा विभाग का मानना है कि इस फेर-बदल से जिले के ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और विद्यार्थियों को समान रूप से बेहतर शिक्षा का लाभ मिल सकेगा.

Also Read: जामताड़ा में खूनी संडे: नाश्ता करने निकले व्यक्ति के मुंह में मारी 3 गोलियां, फिर हवाई फायरिंग कर फरार

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >