पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने गिलगित-बाल्टिस्तान को अंतरिम प्रांत का दर्जा देना का फैसला लिया है. भारत ने पाकिस्तान के इस फैसले को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है. प्रधानमंत्री यहां 73 वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पहुंचे थे.
प्रधानमंत्री ने पहले भी गिलगित-बाल्टिस्तान को संवैधानिक अधिकार देने की बात कही थी. नवंबर में चुनाव कराने की बात कही थी. पाकिस्तान सरकार के इस फैसले का भारत विरोध करता रहा पाकिस्तान के अंदर भी इसे लेकर विरोध है.
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इस मामले को लेकर भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, भारत सरकार पाकिस्तान के इस कदम का विरोध करती है. पाकिस्तान का यह फैसला भारतीय क्षेत्र को प्रभावित करेगा. यह असवैधानिक और गैर कानूनी है. भारत सरकार केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर लद्दाख सहित गिलगित-बाल्टिस्तान भारत का अभिन्न अंग है.
पाकिस्तानी न्यूज चैनल के अनुसार इमरान खान ने कहा- , मेरे गिलगित-बाल्टिस्तान आने का एक कारण यह ऐलान करना है कि हमने इसे प्रविजनल प्रांत का दर्जा देने का फैसला किया है. हमने यह फैसला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के रेजॉलूशन को ध्यान में रखते हुए किया है.
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इमरान खान ने गिलगित-बाल्टिस्तान को दिए जाने वाले पैकेज का भी जिक्र किया और कहा अभी इस बारे में ज्यादा बात नहीं कर सकते क्योंकि चुनाव के चलते लागू हुए नियमों का उल्लंघन होगा. इमरान खान के इस फैसले से विपक्षी पार्टियां नाराज है जमीयत-ए-उलेमा इस्लाम चीफ मौलाना फजलुर रहमान ने कहा, उन्होंने इस फैसले से भारत का जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने का फैसला भी वैध होगा
Posted By – Pankaj Kumar Pathak
