वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को आर्थिक पैकेज की पांचवीं और आखिरी किस्त का एलान करते हुए विपक्ष पर थोड़ी नाराज दिखीं. जब प्रेस कांफ्रेंस में उनसे प्रवासी मजदूरों को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया और इस मुद्दे पर राजनीति न करने की अपील की. उन्होंने कहा कि ये वक्त सड़क पर मजदूरों से बात कर राजनीति करने का नहीं है. मैं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया जी से निवेदन कर रही हूं कि जिम्मेदारी से इस वक्त काम लें. इस मामले पर राजनिति करने से बचें.
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आपको बता दें कि शनिवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सड़क पर जाकर मजदूरों से बात की थी.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि मैं विपक्षी पार्टी से कहना चाहती हूं कि प्रवासियों के मुद्दे पर सभी साथ मिलकर काम करें. हम इस मामले पर राज्यों के साथ कंधे से कंधा मिलकर काम कर रहे हैं. मैं हाथ जोड़कर सोनिया गांधी जी से कहना चाहती हूं कि हमें अपने प्रवासियों के साथ और जिम्मेदारी भरा व्यवहार करना चाहिए.
वित्त मंत्री ने पूछा कि कांग्रेस शासित राज्य क्यों प्रवासी श्रमिकों के लिए अधिक ट्रेन की मांग नहीं कर रहे हैं?
आगे वित्त मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार प्रवासी मजदूरों के मामले पर गंभीरता से काम कर रही है. सरकार अपने स्तर पर कोई कसर नहीं छोड़ रही है. ऐसे में यदि इस मुद्दे पर राजनिति होती है तो अच्छा नहीं लगता है. उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूर सड़क पर लगातार चल रहे हैं यह देखकर मन में दुख होता है.
राहुल गांधी ने शनिवार को दिल्ली में प्रवासी मजदूरों से मुलाकात की थी और वो उनके साथ बैठे नजर आये थे जिसके बाद से वे भाजपा के निशाने पर हैं. राहुल गांधी के इस तरह के व्यवहार पर वित्त मंत्री ने कहा कि कांग्रेस की राज्य सरकार जहां भी हैं वहां की सरकार प्रवासी मजदूरों को मंगवाएं, सुविधा दे, घर पहुंचाए. जितनी चाहते हैं उतनी ट्रेनें मंगवाए…सरकार उनके साथ है.
