Parenting Tips: बच्चे अपनी इमोशंस को हमेशा शब्दों में बताकर बयां नहीं कर पाते हैं. वे यह तक नहीं कह पाते हैं कि उन्हें आपके प्यार, समय और केयर की जरूरत है. जब वे इस तरह के इमोशंस को अपने अंदर दबाकर रखते हैं तो इसका सीधा असर उनके बात और व्यवहार पर देखने को मिलता है. ऐसे में अगर आपका बच्चा अचानक अलग तरीके से व्यवहार करने लगे, तो आपको उसे अनदेखा नहीं करना है बल्कि आपको उसे समझने की ज्यादा जरूरत है. आज इस आर्टिकल में हम आपको 5 ऐसे संकेतों के बारे में आपको बताने जा रहे हैं जो अगर आपको अपने बच्चे में दिखे तो समझ जाना चाहिए कि इस समय उन्हें आपकी ज्यादा जरूरत है. तो चलिए इन संकेतों के बारे में जानते हैं विस्तार से.
बार-बार गुस्सा या चिड़चिड़ापन दिखाना
अगर आप देख रहे हैं कि आपका बच्चा छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करने लगा है या फिर चिड़चिड़ा रहा है, तो यह सिर्फ उसकी जिद नहीं है. कई बार बच्चे इसलिए भी ऐसा करते हैं कि वह अंदर से परेशान और अकेला महसूस कर रहे होते हैं. जब बच्चे को लगता है कि उनकी बातों को कोई सुन नहीं रहा है, तो
वे गुस्से के जरिये अपने इमोशंस को आपके सामने व्यक्त करने लगते हैं. अगर आपके बच्चे ऐसा करते हैं तो आपको उन्हें डांटना नहीं चाहिए बल्कि उनसे प्यार से बात करनी चाहिए और साथ ही उनकी बातों को ध्यान से सुनना भी चाहिए.
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जरूरत से ज्यादा चिपककर रहना
कई बार ऐसा भी होता है कि छोटे बच्चे अपने माता-पिता से ज्यादा चिपककर रहने लगते हैं. वे हर समय चाहते हैं कि आपके आसपास रहें और कहीं भी उन्हें अकेले जाना भी न पड़े. अगर आपके बच्चे ऐसा करते हैं तो यह संकेत हो सकता है कि आपका बच्चा खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है. ऐसा होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे कि, स्कूल, दोस्तों या फिर जीवन में हो रही कोई बदलाव. इस तरह के समय में आपको अपने बच्चे को भरोसा दिलाना चाहिए और इमोशनली सिक्योर करनी की भी कोशिश करनी चाहिए.
बार-बार ध्यान खींचने की कोशिश करना
अगर आपका बच्चा बार-बार शरारत कर रहा है, बिना वजह आपको आवाजें लगा रहा है या फिर बदमाशी करके आपका ध्यान अपनी तरफ खींचने की कोशिश कर रहा है, तो समझ लें कि इस समय उसे आपकी ज्यादा जरूरत है. कई बार छोटे बच्चे इसलिए गलत व्यवहार करते हैं ताकि उनके माता-पिता उनपर ध्यान दें. हर दिन उनके साथ कुछ देर समय बिताना इस समस्या को काफी हद तक कम कर सकता है.
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चुप-चुप या अकेले रहने लगना
अगर आपका बच्चा हमेशा खुश और एक्टिव रहता है, लेकिन अचानक से ही शांत रहने लगा है और अकेला भी, तो यह आम समस्या नहीं है. अगर ऐसा हो रहा है तो यह इमोशनली परेशान है या फिर उसमें कॉन्फिडेंस की कमी हो रही है. अगर आपका बच्चा भी ऐसा कर रहा है तो उससे सवाल पूछना न शुरू करें बल्कि उससे एक दोस्त की तरह बात करें. जब आप ऐसा करते हैं तो आपके बच्चे खुलकर बात करना शुरू कर देते हैं.
पढ़ाई या रोजमर्रा की चीजों में रुचि कम होना
अगर आपके बच्चे का मन पढ़ाई, खेल-कूद और उसकी फेवरेट एक्टिविटीज में नहीं लग रहा है, तो इसे आलस समझने की कभी भी गलती न करें. कई बार आपके बच्चे इसलिए भी ऐसा करते हैं क्योंकि वे किसी तरह के मेंटल या फिर इमोशनल प्रॉब्लम से जूझ रहे होते हैं. अगर आपका बच्चा ऐसा कर रहा है तो उसे मोटिवेट करें और घर पर भी एक पॉजिटिव माहौल तैयार करें.
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