बंगाल में SIR पर बवाल : CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ थाने में शिकायत, TMC विधायक बोले- 33 हजार नाम हटाने की साजिश

SIR Bengal: भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पश्चिम बंगाल के थाने में शिकायतें दर्ज करायी गयी हैं. पुलिस ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि केस की जांच की जायेगी. तृणमूल कांग्रेस के विधायक शौकत मोल्ला ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग ने 33 हजार मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाने की साजिश रची है.

SIR Bengal: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी लड़ाई तेज हो गयी है. दक्षिण 24 परगना जिले में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कथित ‘उत्पीड़न’ को लेकर कई शिकायतें दर्ज करायी गयी हैं. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.

पुलिस ने बताया- मिली हैं 7 शिकायतें

अधिकारी ने बताया कि कैनिंग पूर्व के विधायक शौकत मोल्ला समेत 7 लोगों ने जीवनतला थाने में लिखित शिकायत दी है. शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान उन्हें प्रताड़ना का सामना करना पड़ा. पुलिस ने कहा है कि 7 शिकायतें मिली हैं. मामले की जांच की जायेगी.

वोटर लिस्ट से 33 हजार नाम हटाने का आरोप

तृणमूल कांग्रेस के विधायक शौकत मोल्ला ने दावा किया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में पिछले 3 दिनों में करीब 33 हजार नाम मतदाता सूची से हटाने की सिफारिश की गयी है. उन्होंने कहा कि यह कदम वास्तविक मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने की साजिश है.

मोल्ला का दावा – SIR सुनवाई में शामिल हुए सभी लोग

मोल्ला के अनुसार, जिन लोगों के नाम हटाने की बात कही जा रही है, उनमें से कई के पास सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं. वे SIR की सुनवाई में भी शामिल हो चुके हैं.

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वोटर लिस्ट से हटाये जाने वाले नामों में 90 प्रतिशत मुस्लिम

टीएमसी विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि हटाये जाने वाले नामों में करीब 90 प्रतिशत लोग मुस्लिम समुदाय से हैं. विधायक ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर भाजपा के पक्ष में काम करने और अल्पसंख्यक मतदाताओं की संख्या कम करने की साजिश रचने का आरोप लगाया.

SIR Bengal: भाजपा ने उठाये सवाल

इस बीच, एक स्थानीय भाजपा नेता ने तृणमूल विधायक के दावों पर सवाल उठाया है. भाजपा पदाधिकारी ने कहा कि जब तक कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं हुई है, तब तक नाम हटाये जाने की जानकारी विधायक को कैसे मिली? उन्होंने यह भी कहा कि निर्वाचन आयोग के प्रमुख के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा सकती.

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज

SIR प्रक्रिया को लेकर पहले से ही राज्य में राजनीतिक दलों के बीच तनाव बना हुआ है. चुनाव से पहले मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होता जा रहा है. अब CEC के खिलाफ शिकायत दर्ज होने से विवाद और गहरा सकता है.

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By Mithilesh Jha

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