मुख्य बातें
Humayun Kabir: कोलकाता: बंगाल विधानसभा के लिए पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होना है. मतदान से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस ने ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ के नेता हुमायूं कबीर का एक वीडियो जारी किया है. इस सनसनीखेज वीडियो में हुमायूं एक व्यक्ति से बात करते हुए दिख रहे हैं, लेकिन कोई अन्य व्यक्ति नजर नहीं आ रहा है. हालांकि प्रभात खबर इस वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है, लेकिन वीडियो में यह सुना जा सकता है कि उस व्यक्ति और हुमायूं के बीच 1000 करोड़ टका के सौदे पर चर्चा हो रही है.
तृणमूल ने जारी किया वीडियो
तृणमूल के तीन नेताओं – कुणाल घोष, फिरहाद हकीम और अरूप बिश्वास ने पत्रकारों के सामने वीडियो चलाकर आरोप लगाया है कि बंगाल में मुस्लिम वोटों का सौदा किया गया है. वीडियो हुमायूं कबीर को यह कहते सुना जा सकता है- अल्पसंख्यकों को मूर्ख बनाना बहुत आसान है. वह कह रहे हैं- मुझे यह जानने की ज़रूरत नहीं है कि बाबर ने क्या किया. पूरे देश के मुसलमान मेरे साथ हैं, यही मेरा इरादा है. तृणमूल नेतृत्व ने इस वीडियो पर कड़ी नाराजगी जताई है. फिरहाद हकीम ने कहा- धर्म को भाजपा को पैसों के बदले बेचा जा रहा है. यह पाप है. यह अन्याय है. यह कहते हुए वे लगभग भावुक हो गए.
हुमायूं ने लिये भाजपा नेता का नाम
इसी बीच, वीडियो में हुमायूं को भाजपा नेताओं के नाम लेते हुए सुना जा सकता है, जिसे फिरहाद और कुणाल ने साजिश बताया है. वीडियो में हुमायूं को यह कहते हुए सुना जा सकता है- शुभेंदु अधिकारी ने मुझसे कहा था कि वह मुझे दिल्ली ले जाएंगे और बंगाल के चुनाव प्रमुख से मिलवाएंगे. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि वह मेरे बारे में प्रधानमंत्री कार्यालय से बात करेंगे. प्रधानमंत्री कार्यालय ने मुझे अपने साथ रहने के लिए भी कहा. वीडियो में उन्हें असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिश्वा सरमा का नाम लेते हुए भी सुना जा सकता है.
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पीएमओ का सौदेबाजी में हाथ
कुणाल घोष ने कहा- हम हुमायूं द्वारा नामजद लोगों की जांच की मांग कर रहे हैं. इस करोड़ों रुपये के सौदे के पीछे पीएमओ का कौन सा अधिकारी है. हुमायूं से पूछताछ होनी चाहिए. फिरहाद हकीम ने कहा- हुमायूं ने धर्म बेचकर गुनाह किया है. मैं इसे कैसे बयान करूं. इसे बेईमानी कहना भी कम होगा. वह साजिश रच रहा है. ओवैसी, आप भी इसी मुसीबत में फंस गए हैं. भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने मिलीभगत के आरोपों को खारिज करते हुए कहा- मंदिरों और मस्जिदों को लेकर हमारा कोई विवाद नहीं है. हमने सिर्फ इतना कहा है कि बाबर का नाम नहीं लिखा जा सकता.
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