Giriraj Singh, जमशेदपुर (ब्रजेश सिंह): केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह शुक्रवार को झारखंड नगर निकाय चुनाव में बीजेपी समर्थित उम्मीदवार के प्रचार के सिलसिले में जमशेदपुर पहुंचे थे. इस दौरान वे जुगसलाई नगर परिषद क्षेत्र में चुनावी जनसंपर्क के दौरान प्रभात खबर से खास बातचीत की. उन्होंने भाजपा की कार्यशैली, झारखंड सरकार की नीतियों और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी. बीजेपी के इस वरिष्ठ नेता ने कहा कि भाजपा ‘चरेवेति-चरेवेति’ के सिद्धांत पर काम करने वाली पार्टी है, जो हर चुनाव को पूरी गंभीरता से लेती है. उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस एक “सीजनल पार्टी” है, जिसके नेता भी सीजन के हिसाब से सक्रिय होते हैं, जबकि भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी है. हमलोग नगर निकाय चुनाव से लेकर लोकसभा तक हर चुनाव को समान महत्व देते हैं.
झारखंड सरकार पर साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने हेमंत सोरेन सरकार पर सामाजिक समरसता को नुकसान पहुंचाने और वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने घुसपैठ और जनसांख्यिकीय परिवर्तन जैसे गंभीर मुद्दों पर आंखें मूंद रखी हैं. उन्होंने दावा किया कि झारखंड में आदिवासियों की आबादी घट रही है, जबकि घुसपैठियों की संख्या बढ़ती जा रही है. बीतचीत के क्रम उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा. उनका कहना कहा था कि वे बंगाल को “बांग्लादेश” में बदलने की कोशिश कर रही है, झारखंड सरकार भी उसी रास्ते पर चल रही है.
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विकास के गिनाये आंकड़े
गिरिराज सिंह ने झारखंड के विकास को लेकर केंद्र सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं. उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच झारखंड को जहां सिर्फ सवा लाख करोड़ रुपये मिले थे, वहीं नरेंद्र मोदी सरकार ने राज्य को लगभग चार लाख करोड़ रुपये दिये हैं. इसके अलावा रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में 67 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कार्य और ट्रैक दोहरीकरण जैसे विकास कार्यों का भी उल्लेख किया.
अल्पसंख्यक की परिभाषा पर बहस की जरूरत
केंद्रीय मंत्री ने “अल्पसंख्यक” की परिभाषा को लेकर नई बहस छेड़ते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि इस विषय पर सड़क से लेकर संसद तक चर्चा हो. उन्होंने कहा कि श्रीनगर, केरल के मल्लपुरम और बिहार के किशनगंज जैसे क्षेत्रों में मुस्लिम आबादी अधिक होने के बावजूद उन्हें अल्पसंख्यक माना जाता है, जो पुनर्विचार का विषय है.
राष्ट्रवाद और नागरिकता का सवाल
गिरिराज सिंह ने स्पष्ट कहा कि जो लोग देश से प्यार करते हैं, वे विदेशी घुसपैठियों का समर्थन नहीं कर सकते. उन्होंने सवाल उठाया कि देश का नागरिक कौन होगा क्या यह तय नहीं होना चाहिए? उन्होंने कहा कि विदेशियों को वोट देने का अधिकार किसने दिया है?
