Ministry of cultural: वैश्विक सहयोग को नयी दिशा देगा यूनेस्को का 20 वां सत्र

बीते वर्षों में G–20 सहित कई बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की सफल मेजबानी के बाद भारत वैश्विक स्तर पर एक विश्वसनीय और सक्षम मेजबान के रूप में उभरा है. यूनेस्को ने भारत की इसी आयोजन क्षमता, सांस्कृतिक नेतृत्व और वैश्विक दक्षिण की आवाज को आगे बढ़ाने की भूमिका को ध्यान में रखते हुए 20 वें सत्र की मेजबानी भारत को सौंपी है.

Ministry of cultural: ऐतिहासिक लाल किले में अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा के लिए यूनेस्को की अंतरराष्ट्रीय आयोजन का शुरूआत हो चुका है, जो 13 दिसंबर 2025 तक चलेगा. कार्यक्रम में केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी व गणमान्य व्यक्ति व्यक्ति उपस्थित रहे. यूनेस्को के महानिदेशक डॉ. खालिद अल-एनानी और यूनेस्को में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत विशाल वी. शर्मा की उपस्थिति ने समारोह को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया.


समारोह के दौरान संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश पढ़ा। प्रधानमंत्री ने यूनेस्को द्वारा अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की और वैश्विक साझेदारों के साथ मिलकर सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता जतायी. उन्होंने कहा कि भारत अपनी भाषाई विविधता, साहित्यिक परंपरा और गांवों-कस्बों में पनप रही जीवंत सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों पर गर्व करता है.


भारत बना मेजबान देश

भारत यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में सक्रिय योगदानकर्ता रहा है. वर्तमान में भारत की 15 सांस्कृतिक परंपराएं इस वैश्विक सूची में शामिल हैं, जो इसकी सांस्कृतिक विविधता और संरक्षण प्रयासों को दर्शाती हैं. इसके साथ ही भारत ने समुदाय-आधारित संरक्षण, शिल्प पुनरुद्धार, कारीगरों के लिए बाजार आधारित समर्थन और डिजिटल अभिलेखीकरण जैसी कई अभिनव पहलें की हैं. जिनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना की जाती है. बीते वर्षों में G–20 सहित कई बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की सफल मेजबानी के बाद भारत वैश्विक स्तर पर एक विश्वसनीय और सक्षम मेजबान के रूप में उभरा है. यूनेस्को ने भारत की इसी आयोजन क्षमता, सांस्कृतिक नेतृत्व और वैश्विक दक्षिण की आवाज़ को आगे बढ़ाने की भूमिका को ध्यान में रखते हुए 20 वें सत्र की मेजबानी भारत को सौंपी है.  

सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता


कार्यक्रम के दौरान संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश पढ़ा. प्रधानमंत्री ने यूनेस्को के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भारत न केवल अपनी सूचीबद्ध धरोहरों पर गर्व करता है, बल्कि अपनी भाषाई, साहित्यिक और सामुदायिक परंपराओं पर भी समान गौरव महसूस करता है. उन्होंने वैश्विक साझेदारों के साथ मिलकर सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की. 

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अपने संबोधन में कहा कि विरासत केवल स्मारकों और पांडुलिपियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भाषाओं, संगीत, त्योहारों, रीति-रिवाजों और शिल्प जैसी जीवंत परंपराओं में रची-बसी है. उन्होंने भारत के प्राचीन सभ्यतागत मूल्य ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ को आज की सांस्कृतिक नीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का मार्गदर्शक बताया.

बाजार आधारित आजीविका सहायता जैसे प्रयासों पर बल


शेखावत ने कहा, विश्व स्तर पर 150 देशों के 788 सांस्कृतिक तत्व इस सूची का हिस्सा हैं, जो सुरक्षा उपायों की आवश्यकता और व्यापकता को रेखांकित करते हैं. उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विरासत के वास्तविक संरक्षक समुदाय ही हैं, इसलिए भारत में कारीगरों के लिए बाजार आधारित आजीविका सहायता, शिल्प पुनरुद्धार, सामुदायिक अभिलेखीकरण और मास्टर-अप्रेंटिस मॉडल जैसे प्रयासों को बढ़ावा दिया जा रहा है. केंद्रीय मंत्री ने युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि स्कूली पाठ्यक्रम, व्यावसायिक प्रशिक्षण, सांस्कृतिक फेलोशिप और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अगली पीढ़ियों को विरासत से जोड़ना आवश्यक है. उन्होंने विश्वास जताया कि समिति का 20वां सत्र वैश्विक सहयोग को नयी  दिशा देगा और समुदाय-आधारित सुरक्षा उपायों को और सशक्त करेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Anjani kumar singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >